भारत में इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं, लेकिन इसके साथ एक चिंता भी सामने आई है, EV में आग लगने का खतरा। कई घटनाओं के बाद लोगों के मन में यह सवाल उठने लगा है कि क्या इलेक्ट्रिक कार सुरक्षित है और अगर है, तो इसे सुरक्षित कैसे रखा जाए।

सच्चाई यह है कि इलेक्ट्रिक कारों में आग लगने के मामले पेट्रोल-डीजल गाड़ियों की तुलना में कम होते हैं, लेकिन जब ऐसी घटना होती है तो वह ज्यादा जटिल और खतरनाक हो सकती है। इसलिए जरूरी है कि EV मालिक कुछ जरूरी सावधानियां अपनाएं, जिससे इस खतरे को काफी हद तक कम किया जा सके।

 

EV में आग लगने की मुख्य वजह क्या होती है?

EV में आग लगने की सबसे बड़ी वजह होती है उसकी lithium-ion battery। अगर बैटरी में खराबी आ जाए, ज्यादा गर्म हो जाए या डैमेज हो जाए, तो थर्मल रनअवे नाम की स्थिति बनती है, जिसमें एक सेल की गर्मी दूसरे सेल में फैलकर आग का रूप ले लेती है। 

इसके अलावा खराब चार्जर, शॉर्ट सर्किट, ओवरचार्जिंग और एक्सीडेंट के कारण बैटरी डैमेज होना भी बड़ी वजहें हैं। यानी समस्या कार से ज्यादा उसके इस्तेमाल और मेंटेनेंस से जुड़ी होती है।

 

टिप 1: हमेशा कंपनी द्वारा दिया गया चार्जर ही इस्तेमाल करें

EV में आग से बचने का सबसे पहला नियम है, कभी भी लोकल या अनऑथराइज्ड चार्जर का इस्तेमाल न करें। गलत चार्जर या खराब वायरिंग बैटरी को ओवरहीट कर सकती है, जिससे आग लगने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए हमेशा कंपनी द्वारा सुझाए गए चार्जिंग सिस्टम का ही इस्तेमाल करें और समय-समय पर उसकी जांच भी करवाते रहें।

 

टिप 2: ओवरचार्जिंग से बचें और चार्जिंग पर नजर रखें

कई लोग अपनी कार को लंबे समय तक चार्जिंग पर छोड़ देते हैं, खासकर रात भर। हालांकि मॉडर्न EV में ऑटो कट सिस्टम होता है, लेकिन फिर भी जरूरत से ज्यादा चार्जिंग बैटरी पर दबाव डाल सकती है और गर्मी बढ़ा सकती है। बेहतर यही है कि चार्जिंग को मॉनिटर करें और पूरी चार्ज होने के बाद कार को प्लग से हटा दें।

 

टिप 3: बैटरी और सिस्टम की नियमित जांच कराएं

EV का दिल उसकी बैटरी होती है, इसलिए उसकी हालत पर नजर रखना बेहद जरूरी है।अगर आपको कोई अजीब गंध, ज्यादा गर्मी, या कार की परफॉर्मेंस में अचानक बदलाव महसूस हो, तो इसे नजरअंदाज न करें। समय-समय पर अधिकृत सर्विस सेंटर पर जाकर बैटरी और इलेक्ट्रिकल सिस्टम की जांच कराते रहना चाहिए।

 

टिप 4: सही जगह पर पार्किंग और चार्जिंग करें

EV को हमेशा ऐसी जगह पार्क और चार्ज करें जहां वेंटिलेशन अच्छा हो। बंद और गर्म जगह पर चार्जिंग करने से बैटरी ज्यादा गर्म हो सकती है, जिससे खतरा बढ़ता है। खासकर लंबी ड्राइव के तुरंत बाद चार्जिंग करने से बचें, पहले बैटरी को ठंडा होने दें।

 

टिप 5: सॉफ्टवेयर अपडेट और रिकॉल पर ध्यान दें

आजकल EV पूरी तरह टेक्नोलॉजी पर आधारित होती हैं। कंपनियां समय-समय पर सॉफ्टवेयर अपडेट जारी करती हैं, जो बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम को बेहतर बनाते हैं और संभावित खतरों को कम करते हैं। अगर आपकी कार के लिए कोई रिकॉल या सर्विस अलर्ट आता है, तो उसे नजरअंदाज न करें।

 

चार्जिंग के दौरान सबसे ज्यादा खतरा क्यों? 

अधिकतर EV फायर के मामले चार्जिंग के समय ही सामने आते हैं। इस दौरान बैटरी में हाई करंट फ्लो होता है, जिससे अगर सिस्टम में कोई खराबी हो, तो तापमान तेजी से बढ़ सकता है। खराब चार्जिंग स्टेशन, ढीली वायरिंग या ओवरलोडिंग भी आग का कारण बन सकती है। इसलिए चार्जिंग के दौरान अतिरिक्त सावधानी जरूरी है।

 

किन संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए?

EV में आग लगने से पहले कुछ संकेत मिलते हैं, जिन्हें पहचानना जरूरी है। अगर कार से जलने जैसी गंध आए, धुआं दिखे या बैटरी असामान्य रूप से गर्म हो जाए, तो तुरंत सतर्क हो जाना चाहिए। ऐसी स्थिति में कार को इस्तेमाल करना बंद करें और तुरंत सर्विस सेंटर से संपर्क करें।

क्या EV सच में ज्यादा खतरनाक हैं?

यह एक आम मिथ है कि इलेक्ट्रिक कारें ज्यादा खतरनाक होती हैं। असल में आंकड़े बताते हैं कि EV में आग लगने की संभावना पेट्रोल-डीजल गाड़ियों से कम होती है। लेकिन EV फायर की प्रकृति अलग होती है, इसे बुझाना मुश्किल होता है और यह दोबारा भी भड़क सकती है। यानी खतरा कम है, लेकिन नजरअंदाज करने लायक नहीं है।

 

दुर्घटना के बाद क्या करें?

अगर आपकी EV किसी एक्सीडेंट का शिकार हो जाती है, तो बैटरी को जरूर चेक करवाएं। कई बार बैटरी अंदर से डैमेज हो जाती है, जो बाद में आग का कारण बन सकती है। इसलिए एक्सीडेंट के बाद बिना जांच के कार को इस्तेमाल करना जोखिम भरा हो सकता है।

 

भविष्य में क्या बदल सकता है?

EV टेक्नोलॉजी लगातार बेहतर हो रही है। नई बैटरियां, बेहतर कूलिंग सिस्टम और स्मार्ट मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर के जरिए इस तरह के जोखिम को कम करने की कोशिश की जा रही है। आने वाले समय में solid-state batteries जैसी तकनीक इस खतरे को और कम कर सकती है।

 

इलेक्ट्रिक कार में आग लगने का खतरा पूरी तरह खत्म नहीं किया जा सकता, लेकिन सही सावधानियों से इसे काफी हद तक कम जरूर किया जा सकता है। EV सुरक्षित हैं, लेकिन स्मार्ट यूज के साथ। अगर आप सही चार्जिंग, नियमित मेंटेनेंस और बेसिक सेफ्टी नियमों का पालन करते हैं, तो आप बिना किसी डर के इलेक्ट्रिक कार का फायदा उठा सकते हैं।