गर्मी का मौसम सिर्फ इंसानों के लिए ही नहीं, बल्कि गाड़ियों के लिए भी काफी मुश्किल भरा होता है। तेज धूप और हीटवेव का असर कार के इंजन, टायर, बैटरी और इंटीरियर पर तो पड़ता ही है, लेकिन एक छोटी-सी चीज ऐसी भी है जिसे लोग अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। वह है कार का वाइपर। आपने कई बार देखा होगा कि कुछ लोग धूप में कार पार्क करने के बाद वाइपर को ऊपर उठाकर छोड़ देते हैं। कई लोगों को यह सिर्फ आदत लगती है, लेकिन इसके पीछे एक बड़ा कारण छिपा होता है।
दरअसल, एक्सपर्ट्स का मानना है कि तेज गर्मी में वाइपर को सीधे गर्म शीशे पर छोड़ देना उसके रबर को नुकसान पहुंचा सकता है। यही वजह है कि लोग धूप में पार्किंग के दौरान वाइपर ब्लेड्स को ऊपर उठा देते हैं।
गर्म शीशे से क्यों खराब होते हैं वाइपर?
कार के वाइपर ब्लेड्स ज्यादातर रबर से बने होते हैं। गर्मियों में जब कार लंबे समय तक धूप में खड़ी रहती है, तो विंडशील्ड यानी सामने का शीशा बहुत ज्यादा गर्म हो जाता है। ऐसे में वाइपर का रबर लगातार उस गर्म सतह से चिपका रहता है।
एक्सपर्ट्स के मुताबिक इससे रबर जल्दी सख्त होने लगता है। कई बार उसमें क्रैक भी आ जाते हैं। धीरे-धीरे वाइपर की पकड़ कमजोर होने लगती है और वह शीशे को सही तरीके से साफ नहीं कर पाता। यही वजह है कि कुछ लोग धूप में पार्किंग के दौरान वाइपर को ऊपर उठा देते हैं ताकि रबर सीधे गर्म ग्लास को छूता न रहे।
वाइपर खराब होने पर क्या दिक्कत होती है?
कई लोग सोचते हैं कि वाइपर तो सिर्फ बारिश में काम आता है, लेकिन असल में यह कार की सुरक्षा से जुड़ा अहम हिस्सा है। अगर वाइपर खराब हो जाए, तो बारिश के दौरान शीशा ठीक से साफ नहीं होता। इससे ड्राइविंग के समय विजिबिलिटी यानी देखने में दिक्कत हो सकती है।
इसके अलावा खराब वाइपर कई बार शीशे पर स्क्रैच भी डाल देते हैं। जब रबर सख्त हो जाता है, तो वह स्मूद तरीके से नहीं चलता और आवाज करने लगता है। यानी छोटी-सी लापरवाही बाद में बड़ा खर्च भी करा सकती है।
सिर्फ बारिश नहीं, गर्मी भी है दुश्मन
अक्सर लोग मानते हैं कि वाइपर सिर्फ मानसून में खराब होते हैं क्योंकि उस समय उनका ज्यादा इस्तेमाल होता है। लेकिन कई ऑटो एक्सपर्ट्स कहते हैं कि असली नुकसान गर्मियों में होता है।
तेज धूप और गर्म हवा रबर को जल्दी सुखा देती है। अगर कार खुले में खड़ी हो, तो वाइपर की हालत और तेजी से खराब हो सकती है। इसी वजह से मानसून आने से पहले कई लोगों को अचानक पता चलता है कि उनके वाइपर ठीक से काम ही नहीं कर रहे।
क्या हर बार वाइपर उठाना जरूरी है?
अगर कार थोड़ी देर के लिए पार्क की गई हो और जगह छायादार हो, तो वाइपर उठाना जरूरी नहीं माना जाता। लेकिन अगर कार लंबे समय तक तेज धूप में खड़ी रहने वाली है, तो यह तरीका फायदेमंद हो सकता है। हालांकि कुछ लोग यह भी सलाह देते हैं कि वाइपर को बहुत ज्यादा समय तक ऊपर उठाकर न रखें, क्योंकि इससे स्प्रिंग पर असर पड़ सकता है। यानी संतुलन और सही इस्तेमाल जरूरी है।
सिर्फ वाइपर उठाना ही काफी नहीं
ऑटो एक्सपर्ट्स कहते हैं कि गर्मियों में सिर्फ वाइपर उठाने से काम नहीं चलेगा। समय-समय पर उनकी सफाई करना भी जरूरी है। धूल, मिट्टी और गंदगी वाइपर ब्लेड्स पर जमा हो जाती है। अगर इन्हें साफ न किया जाए, तो ये शीशे पर निशान छोड़ सकते हैं। इसके लिए हल्के गीले माइक्रोफाइबर कपड़े से वाइपर को साफ करना बेहतर माना जाता है।
गर्मियों में विंडशील्ड क्यों जल्दी गंदी होती है?
गर्मी के मौसम में सड़क पर धूल ज्यादा उड़ती है। इसके अलावा कीड़े-मकौड़े और पेड़ों की गंदगी भी शीशे पर चिपक जाती है। अगर शीशा ज्यादा गंदा हो और आप बिना पानी के वाइपर चला दें, तो इससे शीशे पर छोटे-छोटे स्क्रैच पड़ सकते हैं। इसी वजह से एक्सपर्ट्स हमेशा washer fluid इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं।
पार्किंग के दौरान और किन बातों का रखें ध्यान?
गर्मी में कार पार्क करते समय सिर्फ वाइपर ही नहीं, बल्कि पूरी कार का ध्यान रखना जरूरी होता है। जहां तक हो सके, कार को छांव में पार्क करना बेहतर माना जाता है। इससे केबिन कम गर्म होता है और इंटीरियर भी सुरक्षित रहता है। कई लोग सनशेड का भी इस्तेमाल करते हैं ताकि डैशबोर्ड और सीट्स ज्यादा गर्म न हों।
कितने समय में बदलने चाहिए वाइपर?
ऑटो एक्सपर्ट्स आमतौर पर सलाह देते हैं कि वाइपर ब्लेड्स को 6 महीने से 1 साल के बीच चेक करते रहना चाहिए। अगर वाइपर चलाते समय आवाज आए, लाइनें दिखें या शीशा ठीक से साफ न हो, तो यह संकेत हो सकता है कि ब्लेड बदलने की जरूरत है। कई लोग इस छोटी चीज को नजरअंदाज करते रहते हैं, लेकिन खराब वाइपर बारिश में बड़ा खतरा बन सकते हैं।
सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है यह ट्रिक
आजकल Instagram और YouTube पर गर्मियों में कार केयर से जुड़े वीडियो काफी वायरल हो रहे हैं। उनमें वाइपर उठाकर पार्क करने वाली ट्रिक भी खूब दिखाई जा रही है। कई लोग इसे ‘समर कार हैक’ बता रहे हैं। हालांकि कुछ यूजर्स का कहना है कि अगर कार लंबे समय तक खुले में खड़ी नहीं रहती, तो इसकी जरूरत हर बार नहीं होती। फिर भी ज्यादातर ऑटो एक्सपर्ट्स मानते हैं कि तेज गर्मी में यह तरीका वाइपर की लाइफ बढ़ाने में मदद कर सकता है।
AC और वाइपर का भी है कनेक्शन
कई लोगों को यह पता नहीं होता कि वाइपर के नीचे वाले हिस्से के पास ही AC के एयर वेंट्स भी होते हैं। अगर वहां ज्यादा गंदगी जमा हो जाए, तो AC की हवा पर भी असर पड़ सकता है। इसी वजह से वाइपर एरिया को साफ रखना भी जरूरी माना जाता है।
हमारी राय
गर्मी के मौसम में कार की छोटी-छोटी चीजों का ध्यान रखना आगे चलकर बड़े नुकसान से बचा सकता है। वाइपर उठाकर पार्क करना कोई जादुई ट्रिक नहीं, लेकिन तेज धूप में यह वाइपर ब्लेड्स को जल्दी खराब होने से बचाने में मदद कर सकता है। साथ ही नियमित सफाई और सही देखभाल भी उतनी ही जरूरी है। अक्सर लोग कार के इंजन और AC पर तो ध्यान देते हैं, लेकिन वाइपर जैसी छोटी चीजों को नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि सुरक्षित ड्राइविंग में उनका रोल काफी अहम होता है।









