विक्रांत मैसी आज बॉलीवुड के उन चुनिंदा कलाकारों में गिने जाते हैं, जिन्होंने बिना किसी फिल्मी बैकग्राउंड के अपनी मेहनत और दमदार एक्टिंग के दम पर इंडस्ट्री में अलग पहचान बनाई है। टीवी से अपने करियर की शुरुआत करने वाले विक्रांत ने धीरे-धीरे फिल्मों और ओटीटी की दुनिया में ऐसा मुकाम हासिल किया कि आज उन्हें सबसे भरोसेमंद एक्टर्स में से एक माना जाता है। उनकी नई रोमांटिक वेब सीरीज 'मुसाफिर कैफे' इन दिनों चर्चा में है, जिसमें एक बार फिर उनका बेहद इमोशनल और सधा हुआ अंदाज देखने को मिला है। यह सीरीज हाल ही में नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई है और इसमें विक्रांत के अभिनय की काफी तारीफ हो रही है।

अगर आपको भी विक्रांत मैसी की एक्टिंग पसंद है या आप 'मुसाफिर कैफे' देखने से पहले उनके कुछ बेहतरीन काम देखना चाहते हैं, तो ये 8 परफॉर्मेंस आपकी वॉचलिस्ट में जरूर होनी चाहिए।

 

12th Fail

जब भी विक्रांत मैसी के करियर की बात होगी, '12th Fail' का नाम सबसे पहले लिया जाएगा। इस फिल्म में उन्होंने आईपीएस अधिकारी मनोज कुमार शर्मा का किरदार निभाया था। एक ऐसे युवक की कहानी, जो गरीबी, असफलता और तमाम मुश्किलों से लड़ते हुए अपने सपनों को पूरा करता है। विक्रांत ने इस रोल में इतना वास्तविक अभिनय किया कि दर्शक उनके साथ हर पल जुड़ते चले गए। यही फिल्म उनके करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुई और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली।

 

Sector 36

अगर आपको क्राइम थ्रिलर पसंद है तो 'Sector 36' जरूर देखनी चाहिए। इस फिल्म में विक्रांत ने एक ऐसे पुलिस अधिकारी का किरदार निभाया, जो एक खतरनाक अपराधी तक पहुंचने की कोशिश करता है। फिल्म का माहौल गंभीर है और विक्रांत ने अपने शांत लेकिन मजबूत अभिनय से कहानी को और असरदार बना दिया। इस रोल ने यह साबित किया कि वह सिर्फ इमोशनल किरदार ही नहीं बल्कि गंभीर और सस्पेंस से भरे रोल भी शानदार तरीके से निभा सकते हैं।

 

Haseen Dillruba

'हसीन दिलरुबा' में विक्रांत मैसी ने रिशु सक्सेना का किरदार निभाया था। शुरुआत में उनका किरदार एक साधारण पति का लगता है, लेकिन जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, उसके कई ऐसे पहलू सामने आते हैं जो दर्शकों को चौंका देते हैं। तापसी पन्नू और हर्षवर्धन राणे जैसे कलाकारों के बीच भी विक्रांत ने अपनी अलग छाप छोड़ी। फिल्म की सबसे बड़ी ताकतों में उनकी परफॉर्मेंस भी शामिल रही।

 

A Death in the Gunj

यह फिल्म भले ही बॉक्स ऑफिस पर बड़ी हिट न रही हो, लेकिन समीक्षकों ने इसे काफी सराहा। इसमें विक्रांत ने शुतु नाम के एक संवेदनशील और अंतर्मुखी युवक का किरदार निभाया था। उन्होंने बिना ज्यादा संवाद बोले सिर्फ अपने एक्सप्रेशन और बॉडी लैंग्वेज से किरदार की भावनाओं को पर्दे पर उतार दिया। यही वजह है कि आज भी इसे उनके करियर की सबसे बेहतरीन परफॉर्मेंस में गिना जाता है।

 

Love Hostel

'लव हॉस्टल' में विक्रांत एक ऐसे युवक बने, जो अपनी प्रेमिका के साथ नई जिंदगी शुरू करना चाहता है, लेकिन ऑनर किलिंग की सोच रखने वाले लोगों के निशाने पर आ जाता है। पूरी फिल्म में उनका किरदार डर, संघर्ष और प्यार के बीच झूलता रहता है। बॉबी देओल जैसे दमदार विलेन के सामने भी विक्रांत ने अपनी मौजूदगी पूरी मजबूती से दर्ज कराई।

 

Chhapaak

दीपिका पादुकोण स्टारर 'छपाक' में विक्रांत मैसी का रोल भले ही बहुत बड़ा नहीं था, लेकिन उन्होंने सामाजिक कार्यकर्ता अमोल का किरदार बेहद सादगी से निभाया। उनका किरदार मुख्य कहानी को मजबूती देता है और यह दिखाता है कि एक सहायक भूमिका भी कितनी प्रभावशाली हो सकती है। फिल्म में उनकी सहज एक्टिंग दर्शकों को काफी पसंद आई।

 

Lootera

'लुटेरा' विक्रांत मैसी के शुरुआती फिल्मी करियर की अहम फिल्मों में से एक है। रणवीर सिंह और सोनाक्षी सिन्हा की इस फिल्म में उनका रोल छोटा जरूर था, लेकिन उन्होंने अपनी मौजूदगी महसूस कराई। इसी तरह की फिल्मों से उन्होंने धीरे-धीरे बॉलीवुड में अपनी जगह बनानी शुरू की और आगे चलकर बड़े किरदार हासिल किए।

 

Dil Dhadakne Do

जोया अख्तर की मल्टीस्टारर फिल्म 'दिल धड़कने दो' में विक्रांत का किरदार ज्यादा लंबा नहीं था, लेकिन उन्होंने अपने अभिनय से लोगों का ध्यान खींचा। इतने बड़े स्टारकास्ट के बीच भी उन्होंने यह साबित किया कि स्क्रीन पर प्रभाव छोड़ने के लिए रोल का बड़ा होना जरूरी नहीं, बल्कि अभिनय दमदार होना चाहिए।

 

टीवी से फिल्मों तक का शानदार सफर

विक्रांत मैसी ने अपने करियर की शुरुआत टीवी सीरियल्स से की थी। 'बालिका वधू' और 'कुबूल है' जैसे शोज़ ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई। हालांकि फिल्मों में आने के बाद उन्हें अक्सर यह सुनने को मिला कि वह सिर्फ टीवी एक्टर हैं, लेकिन उन्होंने अपनी मेहनत और लगातार शानदार परफॉर्मेंस के दम पर यह धारणा पूरी तरह बदल दी। आज वह उन कलाकारों में शामिल हैं जिनकी एक्टिंग पर दर्शक आंख बंद करके भरोसा करते हैं।

 

'मुसाफिर कैफे' क्यों है खास?

'मुसाफिर कैफे' एक रिश्तों और प्यार पर आधारित रोमांटिक ड्रामा है, जिसमें विक्रांत मैसी चंदर के किरदार में नजर आ रहे हैं। यह कहानी दिव्य प्रकाश दुबे के चर्चित उपन्यास पर आधारित है। सीरीज में उनके साथ वेदिका पिंटो और महिमा मकवाना भी अहम भूमिकाओं में हैं। समीक्षकों का मानना है कि विक्रांत ने एक बार फिर अपने शांत, भावनात्मक और बेहद वास्तविक अभिनय से कहानी को मजबूती दी है।

 

हमारी राय

अगर आप ऐसे कलाकारों को पसंद करते हैं जो बिना ओवरएक्टिंग के सिर्फ अपने अभिनय से दिल जीत लेते हैं, तो विक्रांत मैसी की ये आठ परफॉर्मेंस आपको जरूर देखनी चाहिए। उन्होंने हर किरदार में कुछ नया करने की कोशिश की है और यही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। '12th Fail' से लेकर 'मुसाफिर कैफे' तक उनका सफर यह साबित करता है कि अच्छी एक्टिंग के लिए बड़े-बड़े डायलॉग या एक्शन की जरूरत नहीं होती, बल्कि ईमानदारी से निभाया गया किरदार ही दर्शकों के दिल में जगह बना लेता है।