आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी, खराब खानपान, कम नींद और लगातार बढ़ता तनाव शरीर में कई तरह की समस्याएं पैदा कर रहा है। इनमें से एक बड़ी समस्या है इन्फ्लेमेशन यानी शरीर के अंदर सूजन बढ़ना। यह सिर्फ बाहर दिखने वाली सूजन नहीं होती बल्कि शरीर के अंदर धीरे-धीरे होने वाली ऐसी प्रक्रिया होती है जो थकान, जोड़ों के दर्द, पेट की परेशानी, स्किन प्रॉब्लम और कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है। 

एक्सपर्ट्स मानते हैं कि सही खानपान और हेल्दी ड्रिंक्स की मदद से शरीर में होने वाली सूजन को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है। खास बात यह है कि इसके लिए महंगे सप्लीमेंट्स की जरूरत नहीं होती। हमारी रसोई में मौजूद कई चीजें ही प्राकृतिक एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुणों से भरपूर होती हैं। हाल ही में कई हेल्थ और लाइफस्टाइल रिपोर्ट्स में ऐसे ड्रिंक्स का जिक्र किया गया है जो शरीर को अंदर से हेल्दी रखने में मदद कर सकते हैं। 

 

आखिर क्या होता है इन्फ्लेमेशन?

इन्फ्लेमेशन शरीर की एक प्राकृतिक प्रक्रिया है। जब शरीर को चोट लगती है या कोई संक्रमण होता है तो शरीर खुद को बचाने के लिए प्रतिक्रिया देता है। लेकिन जब यह प्रक्रिया लंबे समय तक बनी रहती है तो इसे क्रॉनिक इन्फ्लेमेशन कहा जाता है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक लंबे समय तक रहने वाला इन्फ्लेमेशन दिल की बीमारी, डायबिटीज, गठिया, मोटापा और कई दूसरी समस्याओं का कारण बन सकता है। यही वजह है कि अब लोग एंटी-इन्फ्लेमेटरी डाइट और हेल्दी ड्रिंक्स की तरफ तेजी से बढ़ रहे हैं।

ग्रीन टी 

ग्रीन टी को सबसे लोकप्रिय एंटी-इन्फ्लेमेटरी ड्रिंक्स में गिना जाता है। इसमें कैटेचिन्स नाम के एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं जो शरीर में सूजन कम करने में मदद करते हैं। एक्सपर्ट्स कहते हैं कि अगर दिन में एक या दो कप बिना ज्यादा चीनी वाली ग्रीन टी पी जाए तो यह शरीर को रिलैक्स रखने में मदद कर सकती है। ग्रीन टी सिर्फ इन्फ्लेमेशन ही नहीं बल्कि वजन कंट्रोल और मेटाबॉलिज्म बेहतर करने में भी फायदेमंद मानी जाती है। आजकल लोग माचा ग्रीन टी भी काफी पसंद कर रहे हैं। यह ग्रीन टी का ज्यादा कंसन्ट्रेटेड रूप माना जाता है और इसमें एंटीऑक्सीडेंट की मात्रा ज्यादा होती है।

गोल्डन मिल्क

भारतीय घरों में हल्दी वाला दूध सालों से इस्तेमाल किया जाता रहा है। अब इसे पूरी दुनिया में 'गोल्डन मिल्क' के नाम से जाना जा रहा है। हल्दी में करक्यूमिन नाम का तत्व पाया जाता है जिसे शक्तिशाली एंटी-इन्फ्लेमेटरी कंपाउंड माना जाता है। 

विशेषज्ञों के मुताबिक अगर हल्दी को काली मिर्च और थोड़ा हेल्दी फैट जैसे दूध या घी के साथ लिया जाए तो इसका असर और बेहतर हो सकता है। यही वजह है कि गोल्डन मिल्क को हेल्दी ड्रिंक माना जाता है। रात में सोने से पहले हल्दी वाला दूध पीना शरीर को रिलैक्स करने और मांसपेशियों की थकान कम करने में मदद कर सकता है। कई लोग इसे सर्दी-जुकाम और बॉडी पेन में भी फायदेमंद मानते हैं।

अदरक की चाय 

अदरक को प्राकृतिक औषधि माना जाता है। इसमें जिंजरोल नाम का तत्व पाया जाता है जो शरीर में सूजन कम करने में मदद कर सकता है। अदरक की चाय खासतौर पर पाचन तंत्र के लिए काफी फायदेमंद मानी जाती है। अगर किसी को पेट फूलने, गैस या भारीपन की समस्या रहती है तो यह ड्रिंक राहत दे सकती है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि ताजा अदरक को पानी में उबालकर उसमें थोड़ा शहद और नींबू मिलाकर पीने से शरीर को एनर्जी भी मिलती है। कुछ लोग सुबह खाली पेट अदरक, शहद और नींबू वाला ड्रिंक भी लेते हैं। इसे इम्यूनिटी बढ़ाने वाला घरेलू उपाय माना जाता है।

अनार का जूस 

अनार का जूस भी एंटी-इन्फ्लेमेटरी ड्रिंक्स की लिस्ट में शामिल किया जाता है। इसमें पॉलीफेनोल्स और एंथोसायनिन्स जैसे एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं जो शरीर को फ्री रेडिकल्स से बचाने में मदद करते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बिना अतिरिक्त चीनी वाला अनार का जूस शरीर के लिए ज्यादा फायदेमंद होता है। यह दिल की सेहत और ब्लड सर्कुलेशन के लिए भी अच्छा माना जाता है। कई रिपोर्ट्स में यह भी बताया गया है कि नियमित रूप से सीमित मात्रा में अनार का जूस पीने से शरीर में सूजन से जुड़े कुछ मार्कर्स कम हो सकते हैं। 

सौंफ, अजवाइन और जीरा पानी

भारतीय रसोई में मौजूद सौंफ, अजवाइन और जीरा सिर्फ मसाले नहीं बल्कि हेल्थ बूस्टर भी माने जाते हैं। इनसे बना पानी पाचन सुधारने और शरीर की सूजन कम करने में मदद कर सकता है। माना जाता है कि जीरा शरीर की डाइजेशन प्रक्रिया को बेहतर बनाता है जबकि अजवाइन पेट की समस्याओं में राहत देती है। वहीं सौंफ शरीर को ठंडक पहुंचाने में मदद करती है। कई लोग रातभर इन चीजों को पानी में भिगोकर सुबह उबालकर पीते हैं। यह ड्रिंक खासकर गर्मियों में काफी लोकप्रिय माना जाता है।

नींबू और हल्दी वाला ड्रिंक 

नींबू में विटामिन सी भरपूर मात्रा में पाया जाता है जबकि हल्दी में एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण होते हैं। यही वजह है कि इन दोनों को मिलाकर बना ड्रिंक भी काफी लोकप्रिय हो रहा है। एक्सपर्ट्स कहते हैं कि सुबह गुनगुने पानी में हल्दी और नींबू मिलाकर पीने से शरीर को डिटॉक्स करने में मदद मिल सकती है। हालांकि इसे जरूरत से ज्यादा नहीं पीना चाहिए। अगर किसी को एसिडिटी या पेट से जुड़ी समस्या हो तो डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर माना जाता है।

 

सिर्फ ड्रिंक्स से नहीं बनेगी बात

विशेषज्ञ मानते हैं कि सिर्फ हेल्दी ड्रिंक्स पी लेने से सारी समस्याएं खत्म नहीं हो जातीं। एंटी-इन्फ्लेमेटरी लाइफस्टाइल के लिए सही खानपान, पर्याप्त नींद, तनाव कम करना और नियमित एक्सरसाइज भी जरूरी है। प्रोसेस्ड फूड, ज्यादा चीनी, जंक फूड और लगातार तनाव शरीर में सूजन बढ़ाने का काम कर सकते हैं। इसलिए हेल्दी ड्रिंक्स के साथ-साथ पूरे लाइफस्टाइल पर ध्यान देना जरूरी माना जाता है।

 

किन लोगों को बरतनी चाहिए सावधानी?

हालांकि ये ड्रिंक्स प्राकृतिक माने जाते हैं, लेकिन हर व्यक्ति का शरीर अलग होता है। कुछ लोगों को हल्दी, अदरक या किसी खास चीज से एलर्जी भी हो सकती है। अगर कोई व्यक्ति पहले से दवाइयां ले रहा है या किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहा है तो उसे नियमित रूप से ऐसे ड्रिंक्स लेने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए। विशेषज्ञों का कहना है कि संतुलन सबसे जरूरी चीज है। जरूरत से ज्यादा किसी भी चीज का सेवन नुकसानदायक हो सकता है।

 

शरीर को हेल्दी रखने में मददगार हो सकते हैं ये ड्रिंक्स

आज की व्यस्त जिंदगी में लोग छोटे-छोटे हेल्दी बदलावों की तरफ बढ़ रहे हैं। ऐसे में एंटी-इन्फ्लेमेटरी ड्रिंक्स एक अच्छा विकल्प माने जा रहे हैं। ये सिर्फ शरीर को हाइड्रेट नहीं रखते बल्कि अंदर से हेल्दी महसूस कराने में भी मदद कर सकते हैं। 

ग्रीन टी, हल्दी वाला दूध, अदरक की चाय, अनार का जूस और सौंफ-अजवाइन वाला पानी जैसे ड्रिंक्स धीरे-धीरे लोगों की डेली रूटीन का हिस्सा बनते जा रहे हैं। हालांकि इनके साथ संतुलित आहार और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाना भी उतना ही जरूरी माना जाता है।

 

 

Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। The Headlines हिंदी अपने पाठकों को हेल्थ, डाइट और फिटनेस से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने डॉक्टरों से सलाह लेने का सुझाव देता है।