Premanand Maharaj Quotes For Students: आज के समय में छात्रों के सामने बहुत सारी मुश्किलें हैं। पढ़ाई का प्रेशर, एग्जाम का तनाव, सोशल मीडिया का नेगेटिव असर और भविष्य की चिंता, ये सब मिलकर मन को परेशान कर देते हैं। कई बार फेलियर या माता-पिता की उम्मीदों पर खरा न उतर पाने से छात्र इतने डिप्रेस हो जाते हैं कि वे गलत कदम सोचने लगते हैं। ये स्थिति पूरे देश के लिए चिंता की बात है। आज के छात्र कल देश का भविष्य बनेंगे, इसलिए उनका मन और शरीर दोनों मजबूत होना बहुत जरूरी है।
इसी बीच आध्यात्मिक गुरु प्रेमानंद महाराज ने छात्रों के लिए कुछ ऐसे सरल लेकिन बहुत पावरफुल विचार दिए हैं जो जीवन को सही दिशा दे सकते हैं। महाराज जी कहते हैं कि सफलता कोई जादू से नहीं मिलती। ये पवित्र आचरण, संयम, मेहनत और भगवान पर भरोसे से आती है। उनके ये विचार छात्रों के लिए बहुत उपयोगी हैं। आइए जानते हैं प्रेमानंद महाराज के वो खास संदेश जो हर स्टूडेंट के लिए गाइड की तरह काम कर सकते हैं।
1. पवित्र आचरण ही सफलता की पहली सीढ़ी
प्रेमानंद महाराज का सबसे पहला और सबसे मजबूत मैसेज ये है कि अगर आचरण साफ नहीं होगा तो कोई भी लक्ष्य हासिल नहीं हो सकता। आज का युवा सोचता है कि सिर्फ मेहनत और टैलेंट से काम बन जाएगा। लेकिन महाराज जी कहते हैं कि इससे पहले आचरण की सफाई जरूरी है।
उन्होंने एक बहुत सच्ची बात कही कि ऊंचाई पर पहुंचने में पूरा जीवन लग जाता है लेकिन फिसलने में सिर्फ एक मिनट काफी है। ये बात बहुत गहरी है। कई होनहार स्टूडेंट गलत आदतों या गलत दोस्तों की वजह से बर्बाद हो जाते हैं। उनका आचरण खराब होता है और फिर सफलता दूर चली जाती है। इसलिए महाराज जी कहते हैं कि पहले खुद को सही रास्ते पर रखो। अच्छे काम करो, झूठ से दूर रहो, गुस्से पर काबू रखो। जब आचरण सही होगा तो मन भी साफ रहेगा और पढ़ाई में फोकस बढ़ेगा। ये छोटी-छोटी आदतें ही लंबे समय में बड़ी सफलता देती हैं।
2. ब्रह्मचर्य के बिना ऊंचाई पर चढ़ना मुश्किल
महाराज जी ने स्टूडेंट लाइफ में ब्रह्मचर्य को बहुत महत्व दिया है। उनका कहना है कि बिना ब्रह्मचर्य के कोई भी ऊंचाई हासिल नहीं की जा सकती। ये बात सिर्फ धार्मिक नहीं बल्कि प्रैक्टिकल भी है। जो स्टूडेंट अपनी एनर्जी को सही जगह लगाते हैं, वे पढ़ाई में ज्यादा कंसंट्रेट कर पाते हैं।
उनकी मेमोरी भी तेज रहती है। महाराज जी कहते हैं कि अगर बाद में फैमिली लाइफ में जाना भी हो तो जब तक शादी न हो जाए, तब तक ब्रह्मचर्य का पालन करो। पुराने समय में बच्चे गुरुकुल में रहते थे ताकि वे अपनी एनर्जी को पढ़ाई में लगा सकें। आज के समय में भी ये जरूरी है। महाराज जी कहते हैं कि ब्रह्मचर्य से शरीर और मन दोनों मजबूत होते हैं। इससे आत्मविश्वास बढ़ता है और पढ़ाई में रिजल्ट बेहतर आते हैं।
3. गर्लफ्रेंड-बॉयफ्रेंड का चलन खतरनाक जहर
प्रेमानंद महाराज ने एक बहुत साफ और साहसी बात कही। उन्होंने कहा कि आज का गर्लफ्रेंड-बॉयफ्रेंड का ट्रेंड ऐसा जहर है जो खा लिया तो न घर बसाने लायक रहोगे और न पढ़ाई में सफल हो पाओगे। ये सुनकर कई लोगों को बुरा लग सकता है लेकिन इसके पीछे बहुत बड़ा सच है।
स्टूडेंट लाइफ में रिलेशनशिप की वजह से बहुत सारा समय और एनर्जी बर्बाद होती है। भावनात्मक उलझनें आती हैं, झगड़े होते हैं, पढ़ाई से ध्यान भटकता है। महाराज जी कहते हैं कि अगर इस राह पर हो तो अभी छोड़ दो। ये आपके माता-पिता के सपनों को भी तोड़ देगा। स्टूडेंट लाइफ में फोकस सिर्फ पढ़ाई पर होना चाहिए। रिलेशनशिप बाद में भी हो सकती है लेकिन पढ़ाई का समय वापस नहीं आएगा। महाराज जी की ये बात आज के युवाओं के लिए बहुत जरूरी है।
4. सोच-विचार और संगत का सही चुनाव करो
महाराज जी ने एक बहुत महत्वपूर्ण बात बताई। उन्होंने कहा कि जो हम देखते हैं, सुनते हैं और बोलते हैं, वही हमारा सोच बन जाता है। और जो सोच होती है वैसी ही आदत बन जाती है। और आदत से ही हमारे काम तय होते हैं। ये एक चेन है जो हमारे पूरे जीवन को शेप देती है।
अगर हम अच्छी चीजें देखते-सुनते हैं तो सोच अच्छी बनेगी और काम भी अच्छे होंगे। इसलिए महाराज जी कहते हैं कि गलत लोगों की कंपनी तुरंत छोड़ दो। जिस दोस्तों के साथ रहते हो उनका बहुत असर पड़ता है। नेगेटिव लोग होंगे तो तुम भी नेगेटिव हो जाओगे। इसलिए हमेशा अच्छे, पढ़ाई करने वाले और पॉजिटिव सोच वाले दोस्तों के साथ रहो। ये छोटा सा बदलाव जीवन में बड़ा फर्क ला सकता है।
5. व्यायाम है ब्रह्मचर्य का सबसे बड़ा साथी
महाराज जी ने बॉडी हेल्थ पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि ब्रह्मचर्य रखने के लिए एक्सरसाइज बहुत जरूरी है। बिना एक्सरसाइज के कोई काम के लायक नहीं रहता। सुबह उठकर रोज एक्सरसाइज करो। महाराज जी कहते हैं कि एक तपस्वी जिस तरह तप करता है, उसी तरह स्टूडेंट को पढ़ाई करनी चाहिए।
बॉडी फिट रहेगी तो मन भी फिट रहेगा। आज के रिसर्च भी यही कहते हैं कि रोज एक्सरसाइज करने वाले स्टूडेंट्स की मेमोरी और फोकस बेहतर होता है। इसलिए सुबह कम से कम 30 मिनट वॉक, योग या कोई भी एक्सरसाइज जरूर करो। इससे एनर्जी बढ़ेगी और पढ़ाई में मन लगेगा।
6. पढ़ाई को बनाओ जीवन की महान साधना
प्रेमानंद महाराज ने पढ़ाई को सिर्फ जॉब पाने का तरीका नहीं बताया। उन्होंने कहा कि पढ़ाई तुम्हारे लिए जीवन की बड़ी साधना बन जानी चाहिए। भले जॉब न लगे लेकिन पढ़ा-लिखा इंसान और अनपढ़ में बहुत फर्क होता है। महाराज जी ने संस्कृत की एक लाइन बताई - विद्या विनयम ददाति।
इसका मतलब है कि पढ़ाई हमें विनम्र बनाती है। सच्ची एजुकेशन वो है जो हमें अच्छा, संवेदनशील और जिम्मेदार बनाए। ऐसा इंसान अपने माता-पिता और सोसाइटी की मदद कर सकता है। इसलिए पढ़ाई को सिर्फ डिग्री या जॉब तक मत सीमित करो। इसे अपने जीवन को बेहतर बनाने का रास्ता बनाओ।
7. रोज सिर्फ 10 मिनट नाम जप से बदल जाएगी जिंदगी
महाराज जी ने स्टूडेंट्स को एक बहुत आसान लेकिन पावरफुल तरीका बताया। उन्होंने कहा कि दिन में सिर्फ 5 से 10 मिनट भगवान का नाम जप कर लो। जिस भगवान को मानते हो उसका नाम लो। ये छोटा सा काम मन को शांत करता है, तनाव कम करता है और फोकस बढ़ाता है। जिनके पास अलग से समय नहीं है, उनके लिए महाराज जी ने कहा कि स्कूल-कॉलेज जाते समय दोस्तों से बेकार बातें करने की बजाय मन में नाम जपते जाओ। ये छोटा अभ्यास भी बड़ा असर करता है। नाम जप से पॉजिटिव एनर्जी आती है और कॉन्फिडेंस बढ़ता है।
8. हार से मत डरो, भगवान का अंश हो तुम
महाराज जी ने फेलियर पर बहुत पॉजिटिव बात कही। उन्होंने कहा कि अगर एग्जाम में फेल हो गए तो डिप्रेस मत होना। एक बार फेल हुए तो क्या हुआ, अगली बार बेहतर तैयारी करो। महाराज जी ने एक बहुत गंभीर बात पर ध्यान दिलाया कि कई बच्चे माता-पिता की डांट या दोस्तों के मजाक से डरकर गलत कदम उठा लेते हैं। उन्होंने कहा कि ये गलती कभी मत करना। हार गए तो फिर कोशिश करो। हम भगवान के अंश हैं, इसलिए एक दिन जरूर सफल होंगे। ये विश्वास ही सबसे बड़ी ताकत है। महाराज जी के ये शब्द हर निराश स्टूडेंट के लिए बहुत हिम्मत देने वाले हैं।









