अक्षय तृतीया हिंदू धर्म का एक अत्यंत शुभ और पवित्र पर्व है, जिसे “अबूझ मुहूर्त” भी कहा जाता है। यानी इस दिन किसी भी शुभ कार्य के लिए अलग से मुहूर्त देखने की आवश्यकता नहीं होती। साल 2026 में यह पर्व विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इस दिन कई दुर्लभ शुभ योग बन रहे हैं, जो इसे और भी फलदायी बनाते हैं।

 

अक्षय तृतीया 2026 की सही तिथि और समय

 

पंचांग के अनुसार, अक्षय तृतीया 2026 20 अप्रैल को मनाई जाएगी। वैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 19 अप्रैल दोपहर 1:01 बजे से शुरू होकर 20 अप्रैल सुबह 10:40 बजे तक रहेगी।

 

उदयातिथि के आधार पर 20 अप्रैल को ही यह पर्व मान्य होगा, इसलिए इसी दिन पूजा, खरीदारी और अन्य शुभ कार्य करना श्रेष्ठ माना गया है। 

 

इस बार बन रहे हैं दुर्लभ शुभ योग

 

अक्षय तृतीया 2026 को कई शक्तिशाली और दुर्लभ योग बन रहे हैं—

 

* सौभाग्य योग

* रवि योग

* सर्वार्थ सिद्धि योग

 

इन योगों का एक साथ बनना अत्यंत शुभ माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ऐसे योग में किए गए कार्य लंबे समय तक फलदायी होते हैं और जीवन में स्थिर सफलता देते हैं। 

 

शुभ मुहूर्त: कब करें पूजा और खरीदारी

 

अक्षय तृतीया के दिन सुबह से ही शुभ कार्यों की शुरुआत हो जाती है।

 

* शुभ कार्य प्रारंभ: सुबह 7:36 बजे के बाद

* अभिजीत मुहूर्त: लगभग 11:54 AM – 12:46 PM

* सोना खरीदने का शुभ समय: सुबह से लेकर दोपहर तक कई शुभ समय उपलब्ध 

 

हालांकि राहुकाल जैसे अशुभ समय से बचना जरूरी होता है।

 

अक्षय तृतीया पर सोना खरीदना क्यों माना जाता है शुभ

 

अक्षय तृतीया पर सोना खरीदने की परंपरा सदियों पुरानी है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, सोना देवी लक्ष्मी का प्रतीक होता है और इस दिन खरीदा गया सोना कभी घटता नहीं, बल्कि बढ़ता है। 

 

इस दिन सोना खरीदने के पीछे कई मान्यताएं हैं—

* यह धन और समृद्धि को आकर्षित करता है

* घर में स्थायी सुख-शांति बनी रहती है

* निवेश के रूप में भी इसे शुभ माना जाता है

 

इसी कारण इस दिन ज्वेलरी की दुकानों पर भारी भीड़ देखने को मिलती है।

 

विवाह और मांगलिक कार्यों के लिए सबसे शुभ दिन

 

अक्षय तृतीया को “अबूझ मुहूर्त” कहा जाता है, यानी इस दिन बिना पंचांग देखे भी विवाह और अन्य शुभ कार्य किए जा सकते हैं।

 

2026 में बनने वाले विशेष योग के कारण इस दिन—

 

* विवाह

* सगाई

* गृह प्रवेश

* नया व्यवसाय शुरू करना

 

जैसे कार्य अत्यंत शुभ माने जा रहे हैं। हालांकि रात 9:27 बजे के बाद भद्रा काल लगने की संभावना है, इसलिए इस समय शुभ कार्यों से बचना चाहिए। 

 

धार्मिक महत्व: क्यों है यह दिन इतना खास

 

अक्षय तृतीया का अर्थ ही है “जो कभी खत्म न हो”।मान्यता है कि इस दिन किए गए जप, तप, दान, पूजा का फल अक्षय यानी कभी समाप्त नहीं होता।

 

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है। 

 

दान-पुण्य का विशेष महत्व

 

अक्षय तृतीया पर दान करने का विशेष महत्व होता है।

 

इस दिन—

 

* गरीबों को भोजन कराना

* वस्त्र दान करना

* जलदान करना

 

बहुत पुण्यकारी माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन किया गया दान कई गुना फल देता है और जीवन की बाधाओं को दूर करता है। 

 

 

कृषि और परंपरा से भी जुड़ा है यह पर्व

 

 

भारत के कई राज्यों में अक्षय तृतीया का संबंध कृषि से भी जुड़ा हुआ है। इस दिन किसान नए फसल चक्र की शुरुआत करते हैं और भगवान से अच्छी फसल की कामना करते हैं।

 

इसके अलावा, इस दिन से कई धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यों की शुरुआत भी होती है, जैसे जगन्नाथ रथयात्रा की तैयारी। 

 

निवेश और नई शुरुआत के लिए उत्तम अवसर

 

 

अक्षय तृतीया को निवेश के लिए भी बेहद शुभ माना जाता है। लोग इस दिन -

 

* सोना-चांदी

* संपत्ति

* वाहन

* नया व्यापार

 

जैसे फैसले लेते हैं, क्योंकि यह माना जाता है कि इस दिन शुरू किया गया कार्य लंबे समय तक सफलता देता है।

 

क्या करें और क्या न करें?

 

धार्मिक अनुष्ठानों के समय महत्पूर्ण हो जाता है यह समझना की क्या करना चाहिए और क्या नहीं।

  

क्या करें

 

* भगवान विष्णु और लक्ष्मी की पूजा करें

* दान-पुण्य करें

* नए कार्य की शुरुआत करें

* सोना या मूल्यवान वस्तु खरीदें

 

क्या न करें

 

* राहुकाल में शुभ कार्य न करें

* नकारात्मक विचारों से दूर रहें

* विवाद और क्रोध से बचें

 

आध्यात्मिक दृष्टि से आत्मशुद्धि का अवसर

 

अक्षय तृतीया केवल बाहरी शुभ कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आत्मिक शुद्धि और सकारात्मक बदलाव का भी दिन है। इस दिन ध्यान, जप और सत्संग के माध्यम से मन को शांत करने का प्रयास करना चाहिए।

 

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन अच्छे विचार, सद्कर्म और संयमित जीवन की शुरुआत करने से जीवन में स्थायी सुख और संतुलन आता है। इसलिए यह दिन भीतर और बाहर दोनों स्तर पर नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है।

 

अक्षय तृतीया 2026 न केवल एक धार्मिक पर्व है, बल्कि यह जीवन में समृद्धि, सफलता और सकारात्मक ऊर्जा लाने का एक विशेष अवसर भी है।

 

20 अप्रैल को पड़ने वाला यह दिन दुर्लभ योगों के कारण और भी खास बन गया है। इस दिन किया गया हर शुभ कार्य, दान और निवेश लंबे समय तक फलदायी माना जाता है।

 

इसलिए अगर आप नया काम शुरू करने, निवेश करने या विवाह जैसे बड़े फैसले लेने की सोच रहे हैं, तो अक्षय तृतीया 2026 आपके लिए एक परफेक्ट अवसर हो सकता है।