सावन का महीना, लगातार हो रही बारिश और साथ में अमावस्या का व्रत। ऐसे समय में ज्यादातर लोग हल्का, सात्विक और आसानी से पचने वाला खाना खाना पसंद करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार व्रत के दौरान सात्विक भोजन को प्राथमिकता दी जाती है। वहीं बारिश के मौसम में भी डॉक्टर हल्का और ताजा खाना खाने की सलाह देते हैं, क्योंकि इस दौरान पाचन तंत्र थोड़ा कमजोर हो सकता है।
अगर आप भी अमावस्या के व्रत में कुछ स्वादिष्ट लेकिन हेल्दी बनाना चाहते हैं, तो कुछ आसान सात्विक रेसिपी आपके लिए बेहतरीन विकल्प हो सकती हैं। ये खाने में स्वादिष्ट होने के साथ शरीर को जरूरी पोषण भी देती हैं।
1. साबूदाना खिचड़ी
व्रत की बात हो और साबूदाना खिचड़ी का नाम न आए, ऐसा हो ही नहीं सकता। भीगे हुए साबूदाने में उबले आलू, भुनी मूंगफली, जीरा, हरी मिर्च और सेंधा नमक डालकर हल्का सा भून लें। ऊपर से हरा धनिया और नींबू का रस डाल दें। यह रेसिपी पेट भरने के साथ अच्छी ऊर्जा भी देती है और व्रत के दौरान लंबे समय तक भूख नहीं लगने देती।
2. कुट्टू के आटे की पूरी या चीला
अगर आप कुछ अलग खाना चाहते हैं, तो कुट्टू के आटे से चीला या पूरी बना सकते हैं। चीले में उबले आलू, हरी मिर्च और धनिया मिलाने से स्वाद और बढ़ जाता है। इसे दही या व्रत वाली चटनी के साथ खाया जा सकता है। बारिश के मौसम में ज्यादा तला हुआ खाना खाने से बचना बेहतर होता है। इसलिए पूरी की जगह चीला ज्यादा अच्छा विकल्प माना जाता है।
3. लौकी की हल्की सब्जी
लौकी को हल्की सब्जियों में गिना जाता है और यह आसानी से पच भी जाती है। व्रत के दौरान सेंधा नमक, जीरा और थोड़ा-सा देसी घी डालकर बनी लौकी की सब्जी शरीर को हल्का महसूस कराती है। इसे सामक के चावल या कुट्टू की रोटी के साथ खाया जा सकता है।
4. सामक के चावल
सामक के चावल व्रत में सबसे ज्यादा खाए जाने वाले खाद्य पदार्थों में शामिल हैं। इसे सामान्य चावल की तरह बनाया जा सकता है। चाहें तो इसमें हल्की सब्जियां और मूंगफली डालकर पुलाव जैसा स्वाद भी दिया जा सकता है। यह पेट पर भारी नहीं पड़ता और बारिश के मौसम में भी अच्छा विकल्प माना जाता है।
5. मखाने की खीर
अगर व्रत में कुछ मीठा खाने का मन है, तो मखाने की खीर बना सकते हैं। दूध में मखाने, थोड़े से सूखे मेवे और इलायची डालकर तैयार की गई खीर स्वादिष्ट होने के साथ पौष्टिक भी होती है। इसमें जरूरत के अनुसार गुड़ या थोड़ी मात्रा में चीनी मिलाई जा सकती है। मखानों में कैल्शियम और दूसरे पोषक तत्व भी पाए जाते हैं, इसलिए यह व्रत के दौरान अच्छा विकल्प माना जाता है।
6. दही और फल
अगर ज्यादा खाना बनाने का मन नहीं है, तो ताजे मौसमी फल और दही भी अच्छा विकल्प हो सकते हैं।सेब, केला, पपीता या नाशपाती जैसे फलों के साथ दही खाने से शरीर को ऊर्जा और पोषण दोनों मिलते हैं। हालांकि बारिश के मौसम में कटे हुए फल लंबे समय तक बाहर न रखें।
7. शकरकंद की चाट
शकरकंद भी व्रत में काफी पसंद की जाती है। उबली हुई शकरकंद में सेंधा नमक, काली मिर्च, नींबू का रस और हरा धनिया मिलाकर स्वादिष्ट चाट तैयार की जा सकती है। यह स्वाद के साथ फाइबर भी देती है और पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराती है।
बारिश के मौसम में खाने को लेकर रखें ये सावधानी
मानसून में बैक्टीरिया और फंगस तेजी से बढ़ सकते हैं। इसलिए हमेशा ताजा बना हुआ खाना ही खाएं। बहुत देर तक रखा हुआ भोजन दोबारा खाने से बचें। सड़क किनारे मिलने वाले खुले खाद्य पदार्थों से भी दूरी बनाकर रखें, क्योंकि इस मौसम में इनके खराब होने की संभावना ज्यादा रहती है।
व्रत में पानी पीना न भूलें
कई लोग व्रत के दौरान पानी कम पीते हैं, जिससे शरीर में पानी की कमी हो सकती है। अगर आपका व्रत पानी पीने की अनुमति देता है, तो दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें। नारियल पानी या नींबू पानी (अगर व्रत में मान्य हो) भी शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद कर सकता है।
बहुत ज्यादा तला-भुना खाने से बचें
व्रत के नाम पर अगर पूरे दिन सिर्फ तली हुई चीजें ही खाई जाएं, तो इसका असर पाचन पर पड़ सकता है।बारिश के मौसम में पहले से ही पाचन क्षमता थोड़ी धीमी हो सकती है। ऐसे में हल्का, कम तेल वाला और घर का बना ताजा भोजन ज्यादा बेहतर रहता है।
व्रत में संतुलित भोजन भी जरूरी
व्रत का मतलब सिर्फ भूखे रहना नहीं होता। शरीर को जरूरत के मुताबिक पोषण भी मिलना चाहिए। इसलिए भोजन में फल, दूध, दही, मखाने, शकरकंद, साबूदाना और दूसरे सात्विक खाद्य पदार्थों को संतुलित मात्रा में शामिल करें। इससे पूरे दिन ऊर्जा बनी रहती है और कमजोरी भी महसूस नहीं होती।
हमारी राय
अमावस्या व्रत और बारिश के मौसम में सात्विक, हल्का और ताजा भोजन सबसे अच्छा माना जाता है। साबूदाना खिचड़ी, सामक के चावल, कुट्टू का चीला, मखाने की खीर, शकरकंद और मौसमी फल जैसे विकल्प स्वाद के साथ सेहत का भी ध्यान रखते हैं।
हालांकि अगर आपको डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर या कोई दूसरी स्वास्थ्य समस्या है, तो व्रत के दौरान अपने डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह के अनुसार ही खानपान चुनें। सही भोजन और पर्याप्त पानी के साथ व्रत रखने से आप धार्मिक आस्था निभाने के साथ अपनी सेहत का भी पूरा ध्यान रख सकते हैं।









