ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री तेजी से बदल रही है और खासकर इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सेक्टर में कंपनियां ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए नए-नए एक्सपेरिमेंट कर रही हैं। इसी कड़ी में चीन की इलेक्ट्रिक कार निर्माता Seres Auto ने एक ऐसा पेटेंट कराया है, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया है, कार के अंदर टॉयलेट।यह सुनने में भले ही अजीब लगे, लेकिन कंपनी का दावा है कि यह फीचर लंबे सफर और आपात स्थिति में काफी काम का हो सकता है।

 

क्या है यह इन-कार टॉयलेट सिस्टम?

 

रिपोर्ट्स के मुताबिक, Seres Auto ने ‘vehicle-mounted toilet’ नाम का पेटेंट कराया है, जिसे खास तौर पर कार के अंदर फिट करने के लिए डिजाइन किया गया है। यह टॉयलेट सीट के नीचे छिपा होता है और जरूरत पड़ने पर इसे बाहर निकाला जा सकता है। उपयोग के बाद इसे फिर से सीट के नीचे स्लाइड करके छुपा दिया जाता है, जिससे कार के अंदर की जगह भी बची रहती है। यानी यह पूरी तरह से एक हिडन सिस्टम है, जो कार के डिजाइन को प्रभावित नहीं करता।

 

वॉइस कमांड से भी चलेगा टॉयलेट

 

इस इनोवेशन की सबसे दिलचस्प बात यह है कि यह टॉयलेट वॉइस कमांड से भी ऑपरेट हो सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, यूजर ‘start toilet function’ जैसे कमांड देकर इसे एक्टिव कर सकता है। हालांकि, इसे मैन्युअली भी सीट को पीछे खिसकाकर इस्तेमाल किया जा सकता है। इस तरह यह टेक्नोलॉजी स्मार्ट कार सिस्टम का हिस्सा बन सकती है, जहां हर फीचर ऑटोमेटेड और यूजर-फ्रेंडली हो।

 

गंध और सफाई का कैसे रखा गया ध्यान?

 

कार में टॉयलेट का मतलब सबसे बड़ा सवाल यही होता है, सफाई और बदबू। इस समस्या को ध्यान में रखते हुए कंपनी ने इसमें एक खास वेंटिलेशन सिस्टम दिया है। इसमें फैन और एग्जॉस्ट पाइप लगे होते हैं, जो गंध को कार के बाहर निकाल देते हैं। इसके अलावा, इसमें एक स्टोरेज टैंक भी होता है, जिसमें वेस्ट जमा होता है और उसे समय-समय पर खाली करना पड़ता है। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, इसमें हीटिंग सिस्टम भी दिया गया है, जो वेस्ट को सुखाने और गंध कम करने में मदद करता है।

 

क्यों जरूरी समझा गया यह फीचर?

 

कंपनी के मुताबिक, यह फीचर खासतौर पर लंबे सफर, ट्रैफिक जाम या कैंपिंग जैसी परिस्थितियों के लिए बनाया गया है। कई बार हाईवे पर या दूर-दराज के इलाकों में टॉयलेट की सुविधा नहीं मिलती, जिससे यात्रियों को परेशानी होती है। ऐसे में यह इन-कार टॉयलेट एक ‘इमरजेंसी सॉल्यूशन’ के रूप में काम कर सकता है। यानी यह सिर्फ लग्जरी फीचर नहीं, बल्कि जरूरत के हिसाब से डिजाइन किया गया समाधान है।

 

क्या यह फीचर सच में उपयोगी होगा?

 

हालांकि यह आइडिया नया और अनोखा है, लेकिन इसके उपयोग को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। कुछ विशेषज्ञ मानते हैं कि यह फीचर खास परिस्थितियों में ही काम आएगा, रोजमर्रा के इस्तेमाल में इसकी जरूरत कम पड़ सकती है। वहीं, कुछ लोगों को यह भी लगता है कि कार के अंदर टॉयलेट होना असहज महसूस करा सकता है, खासकर छोटे वाहनों में। यानी इसकी उपयोगिता काफी हद तक यूजर की जरूरत और सोच पर निर्भर करेगी।

 

ऑटो इंडस्ट्री में बढ़ते अजीब लेकिन इनोवेटिव फीचर्स

 

यह पहली बार नहीं है जब कार कंपनियों ने ऐसे अनोखे फीचर्स पेश किए हों। आजकल EV कंपनियां ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए कार में मिनी-फ्रिज, मसाज सीट, कराओके सिस्टम और यहां तक कि ड्रोन सिस्टम जैसे फीचर्स भी जोड़ रही हैं। इससे साफ है कि ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री अब सिर्फ ‘ड्राइविंग’ तक सीमित नहीं रही, बल्कि ‘लाइफस्टाइल एक्सपीरियंस’ बनती जा रही है।

 

क्या बाजार में आएगा यह फीचर?

 

फिलहाल यह सिर्फ एक पेटेंट है और कंपनी ने अभी तक यह साफ नहीं किया है कि इसे कमर्शियल कारों में कब और कैसे इस्तेमाल किया जाएगा। कई बार कंपनियां ऐसे आइडिया पेटेंट करा लेती हैं, लेकिन वे प्रोडक्शन तक नहीं पहुंच पाते। इसलिए यह कहना अभी जल्दबाजी होगा कि आने वाले समय में हमें सड़क पर ‘टॉयलेट वाली कार’ देखने को मिलेगी या नहीं।

 

भारत और दुनिया के लिए क्या मायने?

 

अगर यह टेक्नोलॉजी सफल होती है, तो यह लंबी दूरी के ट्रैवल और रोड ट्रिप्स के अनुभव को पूरी तरह बदल सकती है।

भारत जैसे देशों में, जहां हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर अभी भी हर जगह विकसित नहीं हुआ है, वहां यह फीचर खास तौर पर उपयोगी साबित हो सकता है। हालांकि, इसके लिए लोगों की सोच और स्वीकार्यता भी उतनी ही जरूरी होगी।

 

भविष्य में और क्या बदलाव दिख सकते हैं?

 

आने वाले समय में ऐसी टेक्नोलॉजी को और बेहतर बनाया जा सकता है, जैसे ऑटोमैटिक सफाई सिस्टम, बेहतर गंध नियंत्रण और स्मार्ट सेंसर। अगर कंपनियां इसे सुरक्षित और यूजर-फ्रेंडली बना पाती हैं, तो यह लंबी यात्राओं के लिए एक नया स्टैंडर्ड भी बन सकता है।

Seres Auto का यह इन-कार टॉयलेट पेटेंट ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड को दिखाता है, जहां कंपनियां यूजर एक्सपीरियंस को नए स्तर पर ले जाने की कोशिश कर रही हैं। यह इनोवेशन भले ही अभी अजीब लगे, लेकिन टेक्नोलॉजी की दुनिया में कई ऐसे आइडिया पहले अजीब लगते हैं और बाद में आम हो जाते हैं। सीधी बात, यह फीचर भविष्य का “गेम चेंजर” बनेगा या सिर्फ एक प्रयोग बनकर रह जाएगा, यह आने वाला समय ही तय करेगा।