बारिश का मौसम जहां लोगों को गर्मी से राहत देता है, वहीं कार मालिकों के लिए कई नई चुनौतियां भी लेकर आता है। लगातार बारिश, कीचड़ और नमी की वजह से कार के कई हिस्सों पर असर पड़ता है। इन्हीं में से एक हिस्सा है कार के दरवाजों में बने ड्रेन होल (Drain Holes)। बहुत से लोगों को इनके बारे में जानकारी ही नहीं होती। अगर ये छोटे-छोटे छेद बंद हो जाएं, तो बारिश का पानी दरवाजे के अंदर जमा होने लगता है और बाद में यह बड़ी समस्या बन सकता है।
आखिर क्या होते हैं कार के डोर ड्रेन होल?
कार के दरवाजों के निचले हिस्से में कंपनी की ओर से छोटे-छोटे ड्रेन होल दिए जाते हैं। इनका काम दरवाजे के अंदर पहुंचने वाले पानी को बाहर निकालना होता है। दरअसल, बारिश के दौरान खिड़की के शीशे और रबर बीडिंग के बीच से थोड़ी मात्रा में पानी अंदर चला जाना सामान्य बात है। इसी पानी को बाहर निकालने के लिए ये ड्रेन होल बनाए जाते हैं। अगर ये सही तरीके से काम करते रहें तो पानी दरवाजे में जमा नहीं होता।
कैसे बंद हो जाते हैं ये छोटे छेद?
समय के साथ इन ड्रेन होल में धूल, मिट्टी, सूखे पत्ते, कीचड़ और दूसरी गंदगी जमा हो जाती है। कई बार लोग कार की बाहरी सफाई तो कर लेते हैं, लेकिन इन छोटे छेदों की तरफ कभी ध्यान नहीं देते। धीरे-धीरे गंदगी इतनी बढ़ जाती है कि पानी बाहर निकल ही नहीं पाता और दरवाजे के अंदर जमा होने लगता है।
क्या नुकसान हो सकता है?
अगर पानी लंबे समय तक दरवाजे के अंदर जमा रहे, तो सबसे पहले जंग लगने का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा पावर विंडो का मैकेनिज्म, लॉकिंग सिस्टम, स्पीकर और अन्य इलेक्ट्रिकल पार्ट्स भी प्रभावित हो सकते हैं। कई मामलों में कार के अंदर बदबू आने लगती है और नमी के कारण फफूंदी (फंगस) भी बन सकती है। इन समस्याओं को ठीक कराने में हजारों रुपये तक खर्च हो सकते हैं।
कैसे पहचानें कि ड्रेन होल बंद हैं?
अगर बारिश के बाद दरवाजा खोलते समय उसके अंदर से पानी गिरता दिखाई दे, दरवाजा भारी महसूस हो, अंदर से पानी हिलने जैसी आवाज आए या कार के केबिन में नमी और बदबू महसूस हो, तो यह संकेत हो सकता है कि ड्रेन होल जाम हो चुके हैं। ऐसी स्थिति में तुरंत उनकी जांच करनी चाहिए।
ड्रेन होल की सफाई कैसे करें?
ड्रेन होल की सफाई करना कोई मुश्किल काम नहीं है। सबसे पहले कार का दरवाजा खोलें और उसके निचले किनारे पर बने छोटे-छोटे छेद तलाशें। अगर इनमें गंदगी दिखाई दे रही है, तो मुलायम ब्रश, प्लास्टिक की पतली स्टिक या हल्की हवा (कम्प्रेस्ड एयर) की मदद से इसे साफ किया जा सकता है। ध्यान रखें कि सफाई करते समय किसी नुकीली धातु की वस्तु का इस्तेमाल न करें, क्योंकि इससे ड्रेन होल या उसके आसपास का हिस्सा खराब हो सकता है। सफाई के बाद थोड़ा पानी डालकर जांच लें कि पानी आसानी से बाहर निकल रहा है या नहीं।
सिर्फ ड्रेन होल ही नहीं, रबर सील भी करें चेक
कार के दरवाजों पर लगी रबर बीडिंग भी मानसून में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। अगर रबर सील फट गई है, ढीली हो गई है या ठीक से फिट नहीं है, तो ज्यादा पानी दरवाजे और केबिन के अंदर जा सकता है। इसलिए समय-समय पर इसकी भी जांच करें। अगर जरूरत हो तो इसे बदलवा दें।
मानसून में कार की ये बातें भी रखें ध्यान
बारिश के मौसम में सिर्फ ड्रेन होल साफ करना ही काफी नहीं है। कार के टायर, ब्रेक, वाइपर, हेडलाइट, बैटरी और एसी सिस्टम की भी जांच करानी चाहिए। गीली सड़कों पर अच्छे टायर और सही ब्रेक आपकी सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी हैं। वहीं सही तरीके से काम करने वाले वाइपर और हेडलाइट्स बारिश में विजिबिलिटी बेहतर बनाए रखते हैं।
कार की नियमित सफाई भी है जरूरी
मानसून में कीचड़ और गंदगी कार के नीचे और दरवाजों के आसपास ज्यादा जमा होती है। इसलिए समय-समय पर कार को अच्छी तरह धोएं और सूखे कपड़े से साफ करें। अगर कार लंबे समय तक गंदी रहती है, तो जंग लगने की संभावना बढ़ जाती है। साथ ही कार के अंदर नमी न रहने दें। जरूरत पड़ने पर फ्लोर मैट निकालकर सुखाएं ताकि बदबू और फंगस की समस्या न हो।
छोटी-सी जांच से बच सकता है बड़ा खर्च
अक्सर लोग तब तक कार की तरफ ध्यान नहीं देते, जब तक कोई बड़ी खराबी सामने न आ जाए। लेकिन ड्रेन होल जैसी छोटी चीजों की समय पर सफाई कर लेने से कई महंगी मरम्मत से बचा जा सकता है। खासकर मानसून में महीने में एक या दो बार इनकी जांच करना अच्छी आदत हो सकती है। इससे कार लंबे समय तक बेहतर स्थिति में रहती है और अनचाहे खर्च से भी बचाव होता है।
हमारी राय
कार की देखभाल सिर्फ इंजन या सर्विस तक सीमित नहीं है। कई बार छोटी-छोटी चीजें, जैसे डोर ड्रेन होल, बड़ी परेशानी की वजह बन जाती हैं। मानसून के मौसम में इनकी नियमित सफाई करने से पानी जमा नहीं होता, जंग और इलेक्ट्रिकल खराबी का खतरा कम हो जाता है और कार की उम्र भी बढ़ती है। इसलिए अगली बार जब आप अपनी कार साफ करें, तो इन छोटे ड्रेन होल पर भी जरूर नजर डालें। थोड़ी-सी सावधानी आपको भविष्य में हजारों रुपये के खर्च से बचा सकती है।









