जुलाई और अगस्त का महीना आते ही उत्तराखंड की वादियां हरियाली की चादर ओढ़ लेती हैं। पहाड़ों पर तैरते बादल, झरनों की तेज धार, ठंडी हवाएं और चारों ओर फैली हरियाली यहां की खूबसूरती को कई गुना बढ़ा देती है। यही वजह है कि मानसून के दौरान बड़ी संख्या में पर्यटक उत्तराखंड का रुख करते हैं। हालांकि बारिश के मौसम में यात्रा करने से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेना बेहद जरूरी है, क्योंकि कई इलाकों में भारी बारिश और भूस्खलन की आशंका भी रहती है।

मसूरी में बादलों के बीच घूमने का अलग ही मजा

'पहाड़ों की रानी' कहलाने वाली मसूरी मानसून में किसी जन्नत से कम नहीं लगती। यहां की माल रोड, गन हिल, लाल टिब्बा, कैमल्स बैक रोड और केम्प्टी फॉल्स बारिश के मौसम में और भी ज्यादा खूबसूरत दिखाई देते हैं। सुबह-सुबह बादलों के बीच टहलने का अनुभव बेहद खास होता है। अगर आप शांति और प्राकृतिक नजारों का आनंद लेना चाहते हैं, तो मसूरी बेहतरीन विकल्प हो सकती है।

नैनीताल की झीलें जीत लेंगी आपका दिल

नैनीताल हर मौसम में खूबसूरत लगता है, लेकिन मानसून में इसकी सुंदरता अलग ही स्तर पर पहुंच जाती है। नैनी झील के किनारे बैठना, बोटिंग करना और आसपास की पहाड़ियों को बादलों से घिरा देखना किसी यादगार अनुभव से कम नहीं होता। इसके अलावा स्नो व्यू पॉइंट, टिफिन टॉप और मॉल रोड भी पर्यटकों की पसंदीदा जगहों में शामिल हैं। बारिश के दौरान यहां का मौसम काफी सुहावना रहता है, इसलिए परिवार और कपल्स के बीच यह जगह काफी लोकप्रिय है।

ऋषिकेश में मिलेगा आध्यात्म और प्रकृति का अनोखा संगम

अगर आप घूमने के साथ आध्यात्मिक शांति भी चाहते हैं, तो ऋषिकेश बेहतरीन विकल्प है। गंगा किनारे बैठकर प्रकृति का आनंद लेना, शाम की गंगा आरती देखना और लक्ष्मण झूला तथा राम झूला जैसे प्रसिद्ध स्थलों की सैर करना मानसून में बेहद खास अनुभव देता है। हालांकि तेज बारिश के दौरान नदी का जलस्तर बढ़ सकता है, इसलिए प्रशासन की सलाह का पालन करना जरूरी है।

हरिद्वार में आस्था के साथ प्राकृतिक सुंदरता

हरिद्वार सिर्फ धार्मिक नगरी ही नहीं, बल्कि मानसून में घूमने के लिए भी शानदार जगह है। बारिश के मौसम में हर की पौड़ी का नजारा बेहद मनमोहक हो जाता है। शाम की गंगा आरती देखने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचते हैं। अगर आप धार्मिक यात्रा के साथ सुकून भरे पल बिताना चाहते हैं, तो हरिद्वार आपकी यात्रा का हिस्सा जरूर होना चाहिए।

चोपता और तुंगनाथ में मिलेगा स्वर्ग जैसा नजारा

अगर आपको ट्रैकिंग और पहाड़ पसंद हैं, तो चोपता और तुंगनाथ आपके लिए बेहतरीन डेस्टिनेशन हो सकते हैं। मानसून के दौरान यहां के बुग्याल हरी घास से ढक जाते हैं और पूरा इलाका बेहद खूबसूरत दिखाई देता है। तुंगनाथ मंदिर तक का ट्रेक भी काफी लोकप्रिय है। वहीं चंद्रशिला से हिमालय की चोटियों का मनोरम दृश्य देखने को मिलता है। हालांकि बारिश के मौसम में ट्रेक पर जाने से पहले मौसम की जानकारी जरूर लें और सुरक्षित यात्रा करें।

 

प्रकृति प्रेमियों के लिए किसी जन्नत से कम नहीं

उत्तराखंड का मानसून उन लोगों के लिए किसी सपने जैसा होता है जिन्हें प्रकृति से प्यार है। चारों तरफ फैली हरियाली, ऊंचे-ऊंचे देवदार के पेड़, धुंध से ढकी पहाड़ियां और झरनों की आवाज पूरे माहौल को बेहद सुकूनभरा बना देती है। फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए भी यह मौसम किसी सुनहरे मौके से कम नहीं होता।

 

यात्रा से पहले इन बातों का रखें ध्यान

मानसून में उत्तराखंड घूमने का प्लान बनाते समय कुछ जरूरी सावधानियां जरूर अपनानी चाहिए। यात्रा पर निकलने से पहले मौसम का ताजा अपडेट जरूर देखें। बारिश की वजह से कई जगहों पर भूस्खलन, सड़क बंद होने और ट्रैफिक प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है। अपने साथ रेनकोट, छाता, गर्म कपड़े, जरूरी दवाइयां और अच्छे ग्रिप वाले जूते जरूर रखें। पहाड़ी रास्तों पर रात में यात्रा करने से बचना भी बेहतर माना जाता है।

 

एडवेंचर पसंद है तो रखें अतिरिक्त सावधानी

मानसून के दौरान कई लोग ट्रैकिंग, कैंपिंग और दूसरी एडवेंचर एक्टिविटी का प्लान बनाते हैं। लेकिन बारिश के मौसम में जोखिम भी बढ़ जाता है। इसलिए किसी भी ट्रेक पर जाने से पहले स्थानीय प्रशासन और गाइड की सलाह जरूर लें। तेज बारिश या खराब मौसम होने पर यात्रा टाल देना ही समझदारी है। सुरक्षा हमेशा रोमांच से ज्यादा जरूरी होती है।

 

कब बनाएं ट्रिप का प्लान?

जुलाई और अगस्त में उत्तराखंड की खूबसूरती अपने चरम पर होती है, लेकिन इसी दौरान बारिश भी सबसे ज्यादा होती है। इसलिए अगर आप इस मौसम में घूमने जा रहे हैं, तो मौसम की स्थिति देखकर ही यात्रा की तारीख तय करें। कई बार लगातार बारिश की वजह से सड़कें बंद हो जाती हैं और यात्रा प्रभावित हो सकती है। ऐसे में पहले से होटल बुकिंग के साथ वैकल्पिक योजना भी तैयार रखना बेहतर रहेगा।

 

हमारी राय

मानसून में उत्तराखंड की खूबसूरती वाकई देखने लायक होती है। मसूरी, नैनीताल, ऋषिकेश, हरिद्वार और चोपता जैसी जगहें इस मौसम में और भी आकर्षक हो जाती हैं। लेकिन बारिश के दौरान पहाड़ी इलाकों में यात्रा करते समय सुरक्षा को बिल्कुल नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। मौसम की जानकारी लेकर, जरूरी तैयारियों के साथ और प्रशासन की सलाह मानकर यात्रा करेंगे, तो आपका ट्रिप यादगार भी रहेगा और सुरक्षित भी।