अगर आप अपना छोटा कारोबार शुरू करना चाहते हैं या पहले से चल रहे बिजनेस को बढ़ाने के लिए पैसों की जरूरत है, तो प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PM Mudra Yojana) आपके लिए काफी मददगार साबित हो सकती है। इस योजना की शुरुआत केंद्र सरकार ने साल 2015 में की थी। इसका मकसद ऐसे लोगों को आर्थिक मदद देना है, जो अपना रोजगार शुरू करना चाहते हैं लेकिन पूंजी की कमी की वजह से आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। इस योजना के तहत बैंक और दूसरी वित्तीय संस्थाएं बिना किसी बड़ी गारंटी के कारोबार के लिए लोन उपलब्ध कराती हैं।
योजना का उद्देश्य क्या है?
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना का सबसे बड़ा उद्देश्य देश में स्वरोजगार को बढ़ावा देना और छोटे कारोबारियों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। सरकार चाहती है कि ज्यादा से ज्यादा लोग नौकरी ढूंढने के बजाय खुद का व्यवसाय शुरू करें और दूसरों को भी रोजगार दें। यही वजह है कि इस योजना का फोकस छोटे दुकानदारों, स्टार्टअप, महिला उद्यमियों, कारीगरों, किसानों से जुड़े गैर-कृषि व्यवसायों और सेवा क्षेत्र से जुड़े लोगों पर है।
कितना मिल सकता है लोन?
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत जरूरत और कारोबार के स्तर के हिसाब से लोन दिया जाता है। पहले इस योजना के तहत अधिकतम 10 लाख रुपये तक का लोन मिलता था, लेकिन सरकार ने इसे बढ़ाकर 20 लाख रुपये तक कर दिया है। इससे छोटे कारोबारियों को अपने व्यवसाय का विस्तार करने में और ज्यादा मदद मिलने की उम्मीद है।
योजना के तहत लोन को तीन श्रेणियों में बांटा गया है। शिशु श्रेणी के तहत नए कारोबार शुरू करने वालों को शुरुआती स्तर पर लोन मिलता है। किशोर श्रेणी उन लोगों के लिए है जिनका कारोबार शुरू हो चुका है और वे उसे आगे बढ़ाना चाहते हैं। वहीं तरुण और तरुण प्लस श्रेणी के तहत ऐसे उद्यमियों को बड़ा लोन दिया जाता है जो अपने व्यवसाय का विस्तार करना चाहते हैं और निर्धारित पात्रता पूरी करते हैं।
कौन कर सकता है आवेदन?
इस योजना का लाभ भारत का कोई भी पात्र नागरिक उठा सकता है, जिसकी उम्र 18 वर्ष या उससे अधिक हो। आवेदक का गैर-कृषि क्षेत्र से जुड़ा व्यवसाय होना चाहिए या वह नया कारोबार शुरू करना चाहता हो। छोटे दुकानदार, किराना स्टोर संचालक, ब्यूटी पार्लर, टेलर, मोबाइल रिपेयरिंग शॉप, ट्रांसपोर्ट व्यवसायी, फूड प्रोसेसिंग यूनिट, छोटे निर्माता, कारीगर, सर्विस सेक्टर से जुड़े लोग और महिला उद्यमी इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं। हालांकि आवेदक का बैंक रिकॉर्ड संतोषजनक होना चाहिए और वह किसी बैंक का जानबूझकर डिफॉल्टर नहीं होना चाहिए।
किन-किन कारोबारों को मिलता है फायदा?
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत कई तरह के छोटे व्यवसायों को लोन दिया जाता है। अगर कोई व्यक्ति सिलाई सेंटर खोलना चाहता है, डेयरी बिजनेस शुरू करना चाहता है, फूड स्टॉल, रेस्टोरेंट, मेडिकल स्टोर, बेकरी, साइबर कैफे, ट्रांसपोर्ट सर्विस, ई-रिक्शा, मोबाइल रिपेयरिंग, ब्यूटी पार्लर, इलेक्ट्रॉनिक्स रिपेयरिंग या कोई अन्य छोटा उद्योग शुरू करना चाहता है, तो वह इस योजना का लाभ ले सकता है। इसके अलावा पहले से चल रहे व्यवसाय के विस्तार के लिए भी लोन लिया जा सकता है।
क्या लोन के लिए गारंटी देनी पड़ती है?
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना की सबसे बड़ी खासियत यही है कि इसमें आमतौर पर छोटे लोन के लिए किसी बड़ी संपत्ति को गिरवी रखने की जरूरत नहीं होती। यह योजना खास तौर पर उन लोगों के लिए बनाई गई है जिनके पास कारोबार शुरू करने का हुनर तो है, लेकिन बड़ी गारंटी देने की क्षमता नहीं है। हालांकि बैंक अपने नियमों और आवेदक की प्रोफाइल के आधार पर जरूरी दस्तावेज और जांच की प्रक्रिया पूरी करते हैं।
आवेदन के लिए किन दस्तावेजों की जरूरत होगी?
आवेदन करते समय आधार कार्ड, पैन कार्ड, पहचान पत्र, निवास प्रमाण पत्र, पासपोर्ट साइज फोटो, बैंक खाते की जानकारी, व्यवसाय से जुड़े दस्तावेज और जरूरत पड़ने पर बिजनेस प्लान देना पड़ सकता है। अगर पहले से कारोबार चल रहा है, तो बैंक आय और कारोबार से जुड़े कुछ अतिरिक्त दस्तावेज भी मांग सकता है।
कैसे करें आवेदन?
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के लिए आवेदन करना काफी आसान है। इच्छुक व्यक्ति किसी सरकारी बैंक, निजी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, स्मॉल फाइनेंस बैंक, माइक्रो फाइनेंस संस्थान या अन्य अधिकृत वित्तीय संस्थान में जाकर आवेदन कर सकता है। कई बैंक ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी देते हैं। आवेदन फॉर्म भरने के बाद जरूरी दस्तावेज जमा करने होते हैं। बैंक सभी दस्तावेजों और व्यवसाय की जानकारी की जांच करता है। पात्र पाए जाने पर लोन स्वीकृत किया जाता है और राशि सीधे बैंक खाते में भेज दी जाती है।
महिलाओं के लिए भी है अच्छा मौका
सरकार महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने पर लगातार जोर दे रही है। यही वजह है कि बड़ी संख्या में महिला उद्यमी भी प्रधानमंत्री मुद्रा योजना का लाभ उठा रही हैं। घर से छोटा व्यवसाय शुरू करने वाली महिलाएं, बुटीक, ब्यूटी पार्लर, फूड बिजनेस, सिलाई-कढ़ाई और अन्य स्वरोजगार से जुड़े कार्यों के लिए इस योजना के तहत लोन लेकर अपना कारोबार बढ़ा सकती हैं।
योजना से देश को क्या फायदा हुआ?
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना शुरू होने के बाद करोड़ों लोगों को स्वरोजगार शुरू करने का अवसर मिला है। छोटे कारोबारों को वित्तीय सहायता मिलने से रोजगार के नए अवसर भी पैदा हुए हैं। इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में छोटे उद्यमों को बढ़ावा मिला है। सरकार का मानना है कि यह योजना आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
लोन लेने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
लोन लेने से पहले अपनी जरूरत और भुगतान क्षमता का सही आकलन जरूर करें। जितनी जरूरत हो, उतना ही लोन लें और समय पर किस्त चुकाने की योजना बनाएं। साथ ही किसी भी बैंक या वित्तीय संस्था से लोन लेने से पहले ब्याज दर, प्रोसेसिंग फीस, रीपेमेंट पीरियड और अन्य नियमों की जानकारी अच्छी तरह समझ लें।
हमारी राय
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना उन लोगों के लिए एक बेहतरीन पहल है जो अपना छोटा व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं या उसे आगे बढ़ाना चाहते हैं। बिना बड़ी गारंटी के लोन की सुविधा कई लोगों के लिए नए अवसर खोलती है। हालांकि किसी भी लोन को लेने से पहले उसकी शर्तों, ब्याज दर और अपनी वित्तीय क्षमता का सही आकलन करना बेहद जरूरी है। अगर समझदारी से योजना का लाभ लिया जाए, तो यह न सिर्फ व्यक्ति के कारोबार को आगे बढ़ा सकती है बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा कर सकती है।









