भारत में अक्षय तृतीया को सोना खरीदना सिर्फ एक परंपरा नहीं, बल्कि निवेश का भी अहम मौका माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन खरीदा गया सोना अक्षय यानी कभी खत्म न होने वाली समृद्धि लाता है। लेकिन सवाल ये है कि क्या सच में हर साल इस दिन सोना खरीदना एक अच्छा निवेश साबित हुआ है? पिछले 10 साल के आंकड़े इस सवाल का काफी दिलचस्प जवाब देते हैं।

 

10 साल में सोने ने कितना दिया रिटर्न?

 

अगर पिछले एक दशक के डेटा को देखें, तो सोने ने औसतन काफी मजबूत रिटर्न दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अक्षय तृतीया के आसपास सोने में निवेश करने पर लगभग 19% तक का सालाना औसत रिटर्न देखने को मिला है।

 

यह रिटर्न किसी भी पारंपरिक सुरक्षित निवेश जैसे FD या सेविंग स्कीम से कहीं ज्यादा है। यही कारण है कि लंबे समय में सोना सिर्फ आभूषण नहीं, बल्कि एक मजबूत निवेश विकल्प बन गया है।

 

हालांकि, हर साल रिटर्न एक जैसा नहीं रहा। कुछ सालों में शानदार तेजी आई, तो कुछ सालों में रिटर्न सीमित या नकारात्मक भी रहा।

 

किन सालों में मिला सबसे ज्यादा फायदा?

 

अगर हम पिछले 10 साल का ट्रेंड देखें, तो कुछ साल ऐसे रहे जब सोने ने जबरदस्त रिटर्न दिया।

 

जैसे 2020 में, जब कोविड महामारी के दौरान वैश्विक अनिश्चितता बढ़ी, तब सोने में निवेश करने वालों को 25% से ज्यादा तक का रिटर्न मिला।

 

इसी तरह 2019 और 2022 जैसे सालों में भी सोने ने डबल डिजिट रिटर्न दिया, जिससे निवेशकों का भरोसा और मजबूत हुआ।

 

यह साफ दिखाता है कि जब भी दुनिया में अनिश्चितता, युद्ध या आर्थिक संकट होता है, सोना तेजी से ऊपर जाता है।

 

कब कमजोर रहा सोना?

 

यह भी समझना जरूरी है कि सोना हमेशा ही फायदे में नहीं रहता। 2017 और 2021 जैसे कुछ सालों में रिटर्न बहुत कम या निगेटिव भी रहा।

 

इसका मतलब यह है कि अगर आप सिर्फ शॉर्ट टर्म यानी 1-2 साल के लिए सोना खरीदते हैं, तो जरूरी नहीं कि हर बार फायदा ही हो। यानी सोना जल्दी पैसा बनाने का नहीं, बल्कि धीरे-धीरे संपत्ति बढ़ाने का तरीका है।

 

कीमतों में कितनी बढ़ोतरी हुई?

 

अगर कीमतों की बात करें तो पिछले 10-11 साल में सोने की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है।

 

करीब 2014 में जहां सोना लगभग 30,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास था, वहीं हाल के वर्षों में यह 90,000–1,00,000 रुपये के करीब पहुंच गया। यानि लंबी अवधि में सोने ने निवेशकों को कई गुना रिटर्न दिया है।

 

क्यों बढ़ता है सोना?

 

सोने की कीमतें कई फैक्टर्स पर निर्भर करती हैं। जब दुनिया में आर्थिक संकट, महंगाई, युद्ध या करेंसी की कमजोरी होती है, तो लोग सुरक्षित निवेश की तरफ भागते हैं। ऐसे समय में सोने की मांग बढ़ती है और कीमतें ऊपर जाती हैं। यानी सोना एक तरह का सेफ हेवन है, जहां लोग मुश्किल समय में पैसा लगाते हैं।

 

क्या अक्षय तृतीया पर ही खरीदना जरूरी है?

 

यह एक बड़ा सवाल है। असल में, अक्षय तृतीया पर सोना खरीदना एक धार्मिक और भावनात्मक परंपरा है। लेकिन निवेश के नजरिए से देखें तो जरूरी नहीं कि सिर्फ उसी दिन खरीदने से ज्यादा फायदा मिलेगा।

 

विशेषज्ञों का मानना है कि सोने में निवेश धीरे-धीरे और नियमित तरीके से करना ज्यादा बेहतर है, बजाय एक ही दिन बड़ा निवेश करने के। यानि मुहूर्त से ज्यादा रणनीति मायने रखती है।

 

सोने में निवेश के सही तरीके

 

आज के समय में सोना खरीदने के कई तरीके हैं। आप फिजिकल गोल्ड (ज्वेलरी या सिक्के), गोल्ड ETF, या डिजिटल गोल्ड में निवेश कर सकते हैं।

 

गोल्ड ETF जैसे विकल्पों ने निवेश को आसान बना दिया है और इसमें शुद्धता या स्टोरेज की चिंता भी नहीं रहती।

 

पिछले 10 साल में गोल्ड ETF ने भी अच्छा प्रदर्शन किया है और कई सालों में 20% से ज्यादा रिटर्न दिया है।

 

कितना निवेश करना सही रहेगा?

 

फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स का मानना है कि कुल निवेश का 5% से 15% हिस्सा सोने में रखना सही रहता है।इससे आपका पोर्टफोलियो संतुलित रहता है और जोखिम भी कम होता है।

 

अगर आप पूरा पैसा सिर्फ सोने में लगा देते हैं, तो आप दूसरे निवेश विकल्पों के संभावित ज्यादा रिटर्न से चूक सकते हैं।

 

निवेश करते समय ये बात का भी दे ध्यान 

 

सोना खरीदते वक्त मेकिंग चार्जेज, शुद्धता (24K, 22K) और रीसेल वैल्यू जैसी चीजों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। कई बार लोग भावनाओं में आकर महंगी ज्वेलरी खरीद लेते हैं, जिससे असली निवेश रिटर्न कम हो जाता है। अगर आपका मकसद सिर्फ निवेश है, तो सिक्के, बार या ETF बेहतर विकल्प हो सकते हैं।

 

अक्षय तृतीया पर सोना खरीदना सिर्फ परंपरा नहीं, बल्कि निवेश का भी अच्छा मौका हो सकता है लेकिन सही समझ के साथ। पिछले 10 साल का डेटा साफ दिखाता है कि सोने ने लंबी अवधि में अच्छा रिटर्न दिया है, लेकिन हर साल समान फायदा नहीं मिलता।

 

इसलिए अगर आप सोने में निवेश करना चाहते हैं, तो इसे एक लॉन्ग-टर्म रणनीति के रूप में देखें, न कि एक दिन के मुहूर्त के रूप में। अक्षय तृतीया पर सोना खरीदना शुभ हो सकता है, लेकिन समझदारी से किया गया निवेश ही आपको असली फायदा देगा।