भारत में अक्षय तृतीया का विशेष महत्व है। इस दिन को बेहद शुभ माना जाता है, खासकर सोना-चांदी खरीदने के लिए। इस साल अक्षय तृतीया 19 अप्रैल यानी आज मनाई जा रही है। मान्यता है कि इस दिन खरीदी गई संपत्ति में कभी कमी नहीं आती और वह लगातार बढ़ती रहती है। यही वजह है कि हर साल इस अवसर पर ज्वेलरी बाजार में भारी भीड़ देखने को मिलती है। साल 2026 में भी अक्षय तृतीया के मौके पर सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है, जिसने आम ग्राहकों से लेकर निवेशकों तक सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा है।

 

कीमतों में भारी बढ़ोतरी

इस बार अक्षय तृतीया से पहले ही बाजार में तेजी का माहौल बन गया था। रिपोर्ट्स के अनुसार, चांदी की कीमतों में करीब 10,000 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे इसकी कीमत 2,75,000 रुपये प्रति किलोग्राम के पार पहुंच गई है। वहीं, सोने की बात करें तो 24 कैरेट सोने की कीमत 10 ग्राम के लिए लगभग 1,51,358 रुपये से बढ़कर 1,54,600 रुपये तक पहुंच गई है। 22 कैरेट सोना भी 1,40,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के ऊपर बिक रहा है।

यह बढ़त सिर्फ एक दिन की नहीं है, बल्कि पिछले कुछ हफ्तों से लगातार कीमतों में तेजी देखी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह ट्रेंड आने वाले समय में भी जारी रह सकता है।

 

कीमतें बढ़ने के प्रमुख कारण

1. त्योहार की बढ़ती मांग 

अक्षय तृतीया पर सोना खरीदने की परंपरा बहुत पुरानी है। इस दिन लोग सोने को समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक मानते हैं। जैसे-जैसे त्योहार नजदीक आता है, बाजार में मांग अचानक बढ़ जाती है, जिससे कीमतों पर सीधा असर पड़ता है।

2. वैश्विक बाजार का प्रभाव 

सोने और चांदी की कीमतें सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों से भी प्रभावित होती हैं। डॉलर की मजबूती, ब्याज दरों में बदलाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताएं इन धातुओं की कीमतों को प्रभावित करती हैं।

3. निवेश के रूप में बढ़ती लोकप्रियता

पिछले 10 वर्षों में सोने ने करीब 400% तक का रिटर्न दिया है। ऐसे में निवेशक इसे एक सुरक्षित विकल्प के रूप में देख रहे हैं। शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच सोना एक स्थिर निवेश माना जाता है, जिससे इसकी मांग लगातार बढ़ रही है।

4. महंगाई और आर्थिक अस्थिरता

महंगाई बढ़ने पर लोग अपनी संपत्ति को सुरक्षित रखने के लिए सोने में निवेश करते हैं। यह एक तरह का सेफ हेवन एसेट माना जाता है, जो आर्थिक संकट के समय भी अपनी वैल्यू बनाए रखता है।

 

क्या इस समय खरीदना सही है?

कीमतों में इतनी तेजी के बावजूद, अक्षय तृतीया पर खरीददारी की परंपरा को देखते हुए लोग पीछे नहीं हटते। हालांकि, विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि खरीददारी सोच-समझकर करनी चाहिए। अगर आप निवेश के उद्देश्य से सोना खरीद रहे हैं, तो यह लंबी अवधि के लिए फायदेमंद हो सकता है। लेकिन अगर सिर्फ त्योहार के कारण खरीदना चाहते हैं, तो बजट का ध्यान रखना जरूरी है।

 

खरीददारी के लिए शुभ मुहूर्त

2026 में अक्षय तृतीया का शुभ मुहूर्त 19 अप्रैल को सुबह 10:49 बजे से शुरू होकर 20 अप्रैल की सुबह तक रहेगा। इस दौरान खरीददारी करना विशेष रूप से शुभ माना जाता है। इस समय ज्वेलर्स भी खास ऑफर्स और डिस्काउंट देते हैं, जिससे ग्राहकों को कुछ राहत मिल सकती है।

 

समझदारी से खरीददारी के टिप्स

1. गहनों के बजाय गोल्ड कॉइन या बार खरीदें

अगर आपका उद्देश्य निवेश है, तो गहनों की बजाय सोने के सिक्के या बार खरीदना बेहतर विकल्प हो सकता है। इसमें मेकिंग चार्ज कम होता है, जिससे आपको अधिक शुद्ध सोना मिलता है।

2. हॉलमार्क जरूर देखें

सोना खरीदते समय उसकी शुद्धता की जांच करना बेहद जरूरी है। हमेशा हॉलमार्क वाला सोना ही खरीदें, जिससे आपको गुणवत्ता की गारंटी मिलती है।

3. कीमतों की तुलना करें

खरीददारी से पहले अलग-अलग ज्वेलर्स के रेट की तुलना करें। इससे आपको बेहतर डील मिल सकती है।

4. डिजिटल गोल्ड पर भी विचार करें

आजकल डिजिटल गोल्ड का विकल्प भी तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। इसमें आप छोटे-छोटे अमाउंट में निवेश कर सकते हैं और स्टोरेज की चिंता भी नहीं रहती।

5. बजट तय करें

त्योहार के उत्साह में बजट से ज्यादा खर्च करने से बचें। पहले से तय कर लें कि आपको कितनी राशि तक ही खरीददारी करनी है।

 

क्या आगे भी बढ़ेंगी कीमतें?

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा, लेकिन लंबी अवधि में इनकी कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना बनी हुई है। वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां, महंगाई और निवेशकों की रुचि इनकी दिशा तय करेंगी।

इस शुभ अवसर पर खरीददारी करते समय भावनाओं के साथ-साथ वित्तीय समझदारी भी उतनी ही जरूरी है। अंत में यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि बाजार की चाल को समझकर ही निर्णय लें। अचानक बढ़ी कीमतों में जल्दबाजी से खरीददारी करने के बजाय थोड़ा विश्लेषण करना बेहतर होता है। अगर संभव हो तो SIP की तरह अपनाएं। इससे आप औसत कीमत पर सोना खरीद पाएंगे और जोखिम भी कम रहेगा, जिससे लंबे समय में बेहतर संतुलन बन सकता है।

अक्षय तृतीया 2026 पर सोने-चांदी की कीमतों में आई तेजी ने यह साफ कर दिया है कि ये धातुएं सिर्फ परंपरा का हिस्सा नहीं, बल्कि मजबूत निवेश विकल्प भी हैं। हालांकि, ऊंची कीमतों के बीच समझदारी से खरीददारी करना बेहद जरूरी है। अगर सही योजना और जानकारी के साथ निवेश किया जाए, तो सोना और चांदी दोनों ही भविष्य में अच्छा रिटर्न दे सकते हैं।