पूरा हफ्ता काम, पढ़ाई और भागदौड़ में निकल जाता है। ऐसे में रविवार का दिन ज्यादातर लोग आराम करने और खुद के लिए समय निकालने में बिताना पसंद करते हैं। कई लोगों के लिए संडे का मतलब होता है घर पर आराम से बैठकर कोई अच्छी फिल्म देखना। लेकिन हर बार सबसे बड़ी परेशानी यही होती है कि आखिर कौन सी फिल्म देखी जाए।
अगर आप भी इस रविवार कुछ ऐसा देखना चाहते हैं जो शुरू से आखिर तक आपको स्क्रीन से चिपकाए रखे, तो सस्पेंस और थ्रिलर फिल्में सबसे बेहतरीन विकल्प हो सकती हैं। इन फिल्मों में कहानी के हर मोड़ पर कुछ नया देखने को मिलता है और क्लाइमैक्स तक पहुंचते-पहुंचते दिमाग पूरी तरह घूम जाता है। आज हम आपको ऐसी कुछ शानदार हिंदी फिल्मों के बारे में बता रहे हैं जो आपका संडे पूरी तरह एंटरटेनिंग बना सकती हैं।
Andhadhun

जब भी हिंदी सस्पेंस थ्रिलर फिल्मों की बात होती है तो ‘अंधाधुन’ का नाम सबसे पहले लिया जाता है। आयुष्मान खुराना, तब्बू और राधिका आप्टे की यह फिल्म शुरू से लेकर आखिर तक दर्शकों को उलझाकर रखती है। फिल्म एक ऐसे पियानो प्लेयर की कहानी है जो खुद को अंधा बताता है। लेकिन एक दिन वह एक ऐसी घटना का गवाह बन जाता है जो उसकी जिंदगी पूरी तरह बदल देती है। इसके बाद कहानी में इतने ट्विस्ट आते हैं कि दर्शक समझ ही नहीं पाते कि असली सच क्या है। अगर आपने अभी तक यह फिल्म नहीं देखी है तो संडे के लिए इससे बेहतर विकल्प शायद ही कोई हो।
Drishyam

अजय देवगन की फिल्म ‘दृश्यम’ उन फिल्मों में शामिल है जिन्हें एक बार देखने के बाद लंबे समय तक भुलाया नहीं जा सकता। कहानी एक साधारण परिवार की है जो अचानक एक बड़े संकट में फंस जाता है। परिवार को बचाने के लिए पिता ऐसा दिमाग लगाता है कि पुलिस भी उलझकर रह जाती है। फिल्म का स्क्रीनप्ले इतना मजबूत है कि दर्शक हर पल जानना चाहते हैं कि आगे क्या होगा। इसका क्लाइमैक्स आज भी बॉलीवुड के सबसे बेहतरीन क्लाइमैक्स में गिना जाता है।
Kahaani

अगर आप सस्पेंस के साथ भावनाओं का भी तड़का चाहते हैं तो ‘कहानी’ जरूर देखनी चाहिए। फिल्म में विद्या बालन एक गर्भवती महिला के किरदार में हैं जो अपने लापता पति की तलाश में कोलकाता पहुंचती है। शुरुआत में कहानी बहुत साधारण लगती है लेकिन धीरे-धीरे ऐसा सस्पेंस बनता है कि दर्शक अंत तक अनुमान नहीं लगा पाते कि असली खेल क्या है।विद्या बालन की शानदार एक्टिंग और फिल्म का आखिरी ट्विस्ट इसे यादगार बना देता है।
Badla

अमिताभ बच्चन और तापसी पन्नू की फिल्म ‘बदला’ भी संडे के लिए शानदार ऑप्शन हो सकती है। यह कहानी एक हत्या के मामले के इर्द-गिर्द घूमती है। पूरी फिल्म में दर्शक यही सोचते रहते हैं कि आखिर सच क्या है और झूठ कौन बोल रहा है। जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, हर किरदार संदिग्ध लगने लगता है। फिल्म का अंत इतना चौंकाने वाला है कि कई लोग दोबारा फिल्म देखने पर मजबूर हो जाते हैं।
Raat Akeli Hai

अगर आपको क्राइम और मर्डर मिस्ट्री पसंद है तो 'रात अकेली है' जरूर देखिए। नवाजुद्दीन सिद्दीकी इस फिल्म में पुलिस अधिकारी के रोल में नजर आते हैं। एक शादी की रात एक हत्या हो जाती है और उसके बाद जांच शुरू होती है। जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, परिवार के लगभग हर सदस्य पर शक होने लगता है। फिल्म का माहौल और सस्पेंस इसे बेहद दिलचस्प बनाता है।
Talvar

‘तलवार’ उन फिल्मों में शामिल है जो सिर्फ मनोरंजन ही नहीं करती बल्कि सोचने पर भी मजबूर करती है। यह फिल्म देश के चर्चित आरुषि-हेमराज हत्याकांड से प्रेरित है। कहानी में जांच एजेंसियों के अलग-अलग नजरिए दिखाए गए हैं। फिल्म देखते समय दर्शक लगातार यह समझने की कोशिश करते रहते हैं कि आखिर सच क्या है। इरफान खान की शानदार एक्टिंग फिल्म को और भी खास बना देती है।
Haseen Dilruba

अगर आप रोमांस और थ्रिलर का मिक्स देखना चाहते हैं तो ‘हसीन दिलरुबा’ अच्छा ऑप्शन हो सकती है। तापसी पन्नू, विक्रांत मैसी और हर्षवर्धन राणे की यह फिल्म एक ऐसे रिश्ते की कहानी है जिसमें प्यार भी है, धोखा भी और मर्डर मिस्ट्री भी। कहानी जैसे-जैसे आगे बढ़ती है, दर्शकों के सामने नए-नए राज खुलते जाते हैं। यही वजह है कि फिल्म आखिर तक दिलचस्प बनी रहती है।
Blurr

‘ब्लर’ उन लोगों के लिए है जिन्हें साइकोलॉजिकल थ्रिलर पसंद होती है। फिल्म में तापसी पन्नू मुख्य भूमिका में हैं। अपनी बहन की मौत के पीछे का सच जानने की कोशिश में वह खुद कई खतरनाक परिस्थितियों में फंस जाती हैं। फिल्म का माहौल काफी रहस्यमय है और कई दृश्य दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर देते हैं।
Section 375

अगर आपको कोर्टरूम ड्रामा पसंद है तो ‘सेक्शन 375’ एक बेहतरीन फिल्म है। फिल्म में एक रेप केस की सुनवाई दिखाई गई है। शुरुआत में मामला बहुत स्पष्ट नजर आता है लेकिन जैसे-जैसे बहस आगे बढ़ती है, मामला पूरी तरह बदल जाता है। यह फिल्म दर्शकों को लगातार सोचने पर मजबूर करती है कि आखिर सच्चाई किसके पक्ष में है।
क्यों पसंद की जाती हैं सस्पेंस थ्रिलर फिल्में?
सस्पेंस और थ्रिलर फिल्मों की सबसे बड़ी खासियत यह होती है कि ये दर्शकों को सोचने पर मजबूर करती हैं। इनमें हर सीन का महत्व होता है और कहानी के छोटे-छोटे संकेत आखिर में जाकर समझ आते हैं। यही वजह है कि लोग ऐसी फिल्मों को सिर्फ देखते नहीं बल्कि महसूस भी करते हैं। एक अच्छी थ्रिलर फिल्म खत्म होने के बाद भी लंबे समय तक दिमाग में घूमती रहती है।
हमारी राय
हमारी राय में अगर आप रविवार को घर पर आराम से बैठकर कुछ ऐसा देखना चाहते हैं जो आपको पूरी तरह बांधे रखे, तो सस्पेंस और थ्रिलर फिल्में सबसे अच्छा विकल्प हैं। अंधाधुन, दृश्यम, कहानी और बदला जैसी फिल्में सिर्फ मनोरंजन नहीं करतीं बल्कि आपको सोचने पर भी मजबूर करती हैं। इसलिए इस संडे मोबाइल स्क्रॉल करने के बजाय एक अच्छी फिल्म चुनिए, कुछ स्नैक्स तैयार कीजिए और सस्पेंस से भरे शानदार सिनेमाई सफर का लुत्फ उठाएं।









