बॉलीवुड में हर साल कई तरह की फिल्में रिलीज होती हैं। कोई एक्शन से भरपूर होती है, तो कोई कॉमेडी या रोमांस पर आधारित। लेकिन कभी-कभी ऐसी फिल्में भी आती हैं, जो इंसानों और जानवरों के बीच के रिश्ते को बेहद खूबसूरती से पर्दे पर दिखाती हैं। ऐसी ही एक फिल्म है 'ओह माय डॉग', जिसका ट्रेलर रिलीज होने के बाद लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है।
फिल्म का निर्देशन 'ओएमजी 2' के निर्देशक अमित राय ने किया है। ट्रेलर में इमोशन, थ्रिल, सस्पेंस और एक बच्चे व उसके कुत्ते के बीच गहरे रिश्ते को बेहद खूबसूरती से दिखाया गया है। यही वजह है कि फिल्म का ट्रेलर सोशल मीडिया पर भी तेजी से चर्चा बटोर रहा है।
ट्रेलर की शुरुआत ही कर देती है रोमांचित
करीब ढाई मिनट के ट्रेलर की शुरुआत एक ऐसे दृश्य से होती है, जहां बड़ी संख्या में कुत्ते सड़क पर दौड़ते हुए नजर आते हैं। इसके बाद पुलिस की गाड़ियां, शहर में मची अफरा-तफरी और कुत्तों के अचानक गायब होने जैसी घटनाएं कहानी को रहस्यमय बना देती हैं। लेकिन यह सिर्फ एक थ्रिलर नहीं है। ट्रेलर आगे बढ़ने के साथ यह एहसास भी कराता है कि फिल्म का असली केंद्र इंसानों और उनके पालतू जानवरों के बीच का भावनात्मक रिश्ता है। यही बात इसे बाकी फिल्मों से अलग बनाती है।
पंकज त्रिपाठी ने क्यों नहीं ली कोई फीस?
इस फिल्म की सबसे ज्यादा चर्चा जिस बात को लेकर हो रही है, वह है पंकज त्रिपाठी का फैसला। उन्होंने इस फिल्म में काम करने के लिए कोई फीस नहीं ली। ट्रेलर लॉन्च के दौरान पंकज त्रिपाठी ने साफ कहा कि हर फिल्म सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर 200 या 300 करोड़ रुपये कमाने के लिए नहीं बनाई जाती। कुछ कहानियां ऐसी होती हैं, जो लोगों के दिल तक पहुंचने के लिए बनती हैं। उनका मानना है कि कलाकारों को ऐसी फिल्मों का साथ देना चाहिए जिनका मकसद सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि समाज तक एक अच्छी बात पहुंचाना भी हो।
अमित राय ने भी बताई वजह
डायरेक्टर अमित राय ने बताया कि जब उन्होंने पंकज त्रिपाठी को फिल्म की कहानी सुनाई, तो उन्होंने सबसे पहले अपने किरदार की लंबाई या स्क्रीन टाइम के बारे में नहीं पूछा। उन्हें सिर्फ कहानी पसंद आई और उन्होंने तुरंत फिल्म करने के लिए हामी भर दी।
इतना ही नहीं, शूटिंग के दौरान उन्होंने अपने तय शेड्यूल से ज्यादा दिन भी दिए ताकि फिल्म आराम से पूरी हो सके। अमित राय का कहना है कि आज के समय में बड़े कलाकारों का इस तरह छोटी लेकिन मजबूत कहानियों का साथ देना बहुत बड़ी बात है।
250 से ज्यादा कुत्तों के साथ हुई शूटिंग
फिल्म की शूटिंग आसान नहीं थी। इसमें बड़ी संख्या में कुत्तों के साथ कई दृश्य फिल्माए गए हैं। ट्रेलर में भी एक साथ सैकड़ों कुत्तों को दौड़ते हुए देखा जा सकता है, जो दर्शकों का ध्यान तुरंत अपनी ओर खींच लेते हैं। ऐसी शूटिंग के लिए सिर्फ कलाकार ही नहीं, बल्कि पूरी तकनीकी टीम, पशु प्रशिक्षकों और सुरक्षा व्यवस्था की भी बड़ी भूमिका होती है। यही वजह है कि फिल्म की शूटिंग को काफी चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है।
सिर्फ कुत्तों की नहीं, इंसानियत की भी कहानी
पहली नजर में लग सकता है कि यह सिर्फ पालतू जानवरों पर बनी फिल्म है, लेकिन ट्रेलर देखने के बाद साफ हो जाता है कि इसकी कहानी कहीं ज्यादा गहरी है। फिल्म एक छोटे बच्चे और उसके डॉग के रिश्ते के जरिए भरोसा, अपनापन, वफादारी और इंसानियत जैसे भावों को सामने लाने की कोशिश करती है। साथ ही इसमें रहस्य और थ्रिल भी है, जिससे दर्शकों की दिलचस्पी आखिर तक बनी रहती है।
परिवार के साथ देखने लायक फिल्म
पिछले कुछ वर्षों में ऐसी फिल्में कम देखने को मिली हैं जिन्हें पूरा परिवार एक साथ बैठकर देख सके। 'ओह माय डॉग' को उसी श्रेणी की फिल्म माना जा रहा है।निर्देशक अमित राय ने भी कहा है कि उनकी कोशिश ऐसी फिल्म बनाने की रही है जिसे बच्चे, बड़े और बुजुर्ग सभी एक साथ देख सकें। फिल्म में मनोरंजन के साथ भावनाएं भी हैं, इसलिए इसे फैमिली ऑडियंस को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
फिल्म में कौन-कौन आएगा नजर?
फिल्म में पंकज त्रिपाठी के अलावा पवन मल्होत्रा, बाल कलाकार माही राय और कई अन्य कलाकार नजर आएंगे। लेकिन ट्रेलर लॉन्च के दौरान सबसे ज्यादा ध्यान दो डॉग स्टार्स ऑस्कर और ब्रूनो ने खींचा, जो फिल्म का अहम हिस्सा हैं। ट्रेलर देखने के बाद साफ है कि इस फिल्म में जानवर सिर्फ सहायक किरदार नहीं हैं, बल्कि कहानी का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
कब रिलीज होगी फिल्म?
फिल्म का ट्रेलर रिलीज होने के साथ ही इसकी रिलीज डेट का भी ऐलान कर दिया गया है। 'ओह माय डॉग' 31 जुलाई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। ट्रेलर को देखकर माना जा रहा है कि यह फिल्म उन दर्शकों को खास तौर पर पसंद आ सकती है जिन्हें भावनात्मक कहानियां और जानवरों पर आधारित फिल्में देखना अच्छा लगता है।
क्या दर्शकों को पसंद आएगी यह कहानी?
आज के दौर में दर्शक सिर्फ बड़े बजट या बड़े सितारों वाली फिल्मों को ही पसंद नहीं करते। अगर कहानी अच्छी हो और भावनाओं से जुड़ी हो, तो छोटी फिल्में भी लोगों का दिल जीत लेती हैं। 'ओह माय डॉग' का ट्रेलर देखकर यही उम्मीद लगाई जा रही है कि यह फिल्म मनोरंजन के साथ-साथ एक मजबूत संदेश भी देगी। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि रिलीज के बाद दर्शक इसे कितना प्यार देते हैं।
हमारी राय
'ओह माय डॉग' उन फिल्मों में से लगती है जो सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि इंसानों और जानवरों के बीच भरोसे, प्यार और वफादारी के रिश्ते को भी बड़े पर्दे पर खूबसूरती से पेश करने की कोशिश करती है। पंकज त्रिपाठी का बिना फीस काम करना भी इस बात का संकेत है कि उन्हें कहानी पर पूरा भरोसा है। अगर फिल्म ट्रेलर की तरह ही भावनात्मक और दमदार निकली, तो यह सिर्फ डॉग लवर्स ही नहीं बल्कि पूरे परिवार के लिए एक यादगार सिनेमाई अनुभव साबित हो सकती है।









