दूध को संपूर्ण आहार माना जाता है और यह भारतीय रसोई का एक अहम हिस्सा है। सदियों से हमारे घरों में दूध का इस्तेमाल विभिन्न रूपों में किया जाता रहा है। जहां कुछ लोग गर्म दूध पीना पसंद करते हैं, वहीं कई लोगों को ठंडा दूध अधिक पसंद आता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि ठंडे दूध में ऐसे कई गुण होते हैं जो शरीर के लिए बेहद लाभकारी साबित हो सकते हैं। आइए जानते हैं कि ठंडा दूध पीने से स्वास्थ्य को क्या-क्या फायदे मिलते हैं?
पोषक तत्वों का भंडार है दूध
दूध को प्रकृति का वरदान कहा जाता है क्योंकि यह प्रोटीन, कैल्शियम, मैग्नीशियम, जिंक, विटामिन डी और पोटेशियम जैसे आवश्यक पोषक तत्वों से भरपूर होता है। चाहे दूध गर्म हो या ठंडा, इसमें मौजूद पोषक तत्व शरीर को संपूर्ण पोषण प्रदान करते हैं। हालांकि, ठंडा दूध कुछ विशेष परिस्थितियों में अधिक प्रभावी साबित होता है।
पेट की समस्याओं में है रामबाण
अगर आप पेट के अल्सर या एसिडिटी से परेशान रहते हैं तो ठंडा दूध आपके लिए एक प्राकृतिक उपचार की तरह काम कर सकता है। ठंडा दूध पेट में बनने वाले अतिरिक्त एसिड को बेअसर करने की क्षमता रखता है। यह पेट की आंतरिक परत पर ठंडक पहुंचाता है और जलन को शांत करता है।
पाचन विशेषज्ञों के अनुसार, गंभीर पाचन समस्याओं में एक गिलास ठंडे दूध में एक चम्मच इसबगोल मिलाकर पीने से अधिक लाभ मिलता है। यह मिश्रण एसिड रिफ्लक्स के उपचार में विशेष रूप से कारगर साबित होता है और पाचन तंत्र को आराम देता है।
सीने की जलन में तुरंत राहत
हार्टबर्न यानी सीने में जलन की समस्या आजकल बहुत आम हो गई है। खराब खानपान और अनियमित दिनचर्या के कारण कई लोग इस समस्या से जूझते हैं। ठंडा दूध इस स्थिति में तुरंत राहत दिला सकता है।
दूध में मौजूद कैल्शियम की प्रचुर मात्रा पेट के अतिरिक्त एसिड को सोखने का काम करती है। यह एसिड के निर्माण को रोकने में अहम भूमिका निभाता है। ठंडा दूध पेट की दीवारों पर एक सुरक्षात्मक परत तैयार करता है, जो एसिड से होने वाले नुकसान को कम करती है। इसलिए एसिडिटी के दौरान होने वाली जलन में जल्दी आराम मिलता है।
वजन घटाने में है मददगार
यह सुनने में भले ही अजीब लगे, लेकिन ठंडा दूध वास्तव में वजन कम करने में सहायता करता है। ठंडे दूध में पाया जाने वाला कैल्शियम शरीर की मेटाबोलिज्म (Metabolism) दर को बढ़ाता है, जिससे अधिक कैलोरी जलती है।
एक गिलास दूध पीने से लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस होता है, जिससे बार-बार भूख नहीं लगती। दूध में मौजूद प्रोटीन भूख को नियंत्रित करने में मदद करता है और अनावश्यक स्नैकिंग से बचाता है। जो लोग वजन घटाने की कोशिश कर रहे हैं, उनके लिए कम वसा वाला ठंडा दूध एक बेहतरीन विकल्प है। यह पौष्टिक होने के साथ-साथ कैलोरी में भी कम होता है।
हाई ब्लड प्रेशर को करता है कंट्रोल
हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए ठंडा दूध एक प्राकृतिक औषधि की तरह काम कर सकता है। ठंडा दूध बहुत तेजी से काम करता है और रक्तचाप को नियंत्रित करने में सहायता करता है।
ठंडा दूध रक्त प्रवाह के साथ घुलकर शरीर में तनाव हार्मोन कॉर्टिसोल के स्तर को घटाता है। इसके अलावा, दूध में मौजूद कैल्शियम, पोटेशियम और मैग्नीशियम जैसे खनिज रक्तचाप को कम करने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। ये बायोएक्टिव तत्व रक्तचाप को संतुलित बनाए रखने में मदद करते हैं। नियमित रूप से ठंडा दूध पीने से उच्च रक्तचाप के मरीजों को दीर्घकालिक लाभ मिल सकता है।
त्वचा की बढ़ता है चमक
ठंडा दूध इलेक्ट्रोलाइट्स का एक समृद्ध स्रोत है जो शरीर को निर्जलीकरण से बचाने में मदद करता है। गर्मी के मौसम में या कसरत के बाद ठंडा दूध पीना शरीर को हाइड्रेटेड रखने का एक शानदार तरीका है।
जब शरीर पर्याप्त रूप से हाइड्रेटेड रहता है तो त्वचा प्राकृतिक रूप से चमकदार और स्वस्थ दिखाई देती है। दूध में पाए जाने वाले विटामिन और खनिज त्वचा की कोशिकाओं को पोषण प्रदान करते हैं और विभिन्न त्वचा समस्याओं से सुरक्षा देते हैं। कई लोग त्वचा पर दूध लगाने के अलावा इसे पीने से भी त्वचा में निखार पाते हैं। यह अंदर से त्वचा को स्वस्थ बनाता है।
हड्डियों और दांतों को बनाता है मजबूत
दूध को कैल्शियम का सर्वोत्तम प्राकृतिक स्रोत माना जाता है। ठंडा दूध पीने से हड्डियों और दांतों को भरपूर कैल्शियम मिलता है जो उन्हें मजबूती प्रदान करता है। बच्चों के शारीरिक विकास के लिए और बुजुर्गों में ऑस्टियोपोरोसिस जैसी हड्डी संबंधी बीमारियों से बचाव के लिए नियमित दूध का सेवन अत्यंत आवश्यक है। दूध में विटामिन डी भी पाया जाता है जो शरीर में कैल्शियम के अवशोषण को बेहतर बनाता है। मजबूत हड्डियां और दांत स्वस्थ जीवन की नींव हैं।
मांसपेशियों की रिकवरी में है सहायक
व्यायाम या किसी भारी शारीरिक परिश्रम के बाद ठंडा दूध पीना मांसपेशियों की रिकवरी के लिए बेहद फायदेमंद होता है। दूध में मौजूद उच्च गुणवत्ता वाला प्रोटीन क्षतिग्रस्त मांसपेशियों की मरम्मत और पुनर्निर्माण में सहायता करता है।
कई एथलीट और फिटनेस के शौकीन लोग वर्कआउट के तुरंत बाद ठंडा दूध पीना पसंद करते हैं। यह न केवल शरीर को तुरंत हाइड्रेट करता है बल्कि आवश्यक पोषक तत्व भी उपलब्ध कराता है। मांसपेशियों को जल्दी रिकवर करने में यह बहुत प्रभावी है।
नींद की क्विलिटी में सुधार
हालांकि पारंपरिक रूप से गर्म दूध को अच्छी नींद के लिए बेहतर माना जाता है, लेकिन ठंडा दूध भी ट्रिप्टोफैन नामक एमिनो एसिड से भरपूर होता है जो नींद को बेहतर बनाने में योगदान देता है।
दूध में मेलाटोनिन भी होता है जो नींद के चक्र को नियमित करने में मदद करता है। कुछ लोगों को रात में सोने से पहले ठंडा दूध पीना अधिक सुकून देने वाला लगता है। अच्छी नींद समग्र स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है।
दूध पीने का सही समय और तरीका
पोषण विशेषज्ञों के अनुसार, ठंडा दूध पीने का सबसे उपयुक्त समय सुबह का है। खाली पेट ठंडा दूध पीने से शरीर को पूरे दिन के लिए ऊर्जा मिलती है। व्यायाम के तुरंत बाद भी ठंडा दूध पीना लाभकारी होता है।
गर्मी के मौसम में ठंडा दूध विशेष रूप से फायदेमंद होता है क्योंकि यह शरीर को ठंडक प्रदान करता है और लू से बचाता है। हालांकि, फ्रिज से निकालकर तुरंत दूध पीने की बजाय उसे कुछ मिनट बाहर रखकर पीना बेहतर होता है।
किन स्थितियों में बरतें सावधानी?
हालांकि ठंडा दूध के अनेक फायदे हैं, कुछ परिस्थितियों में सावधानी बरतनी चाहिए। जिन लोगों को लैक्टोज इनटॉलरेंस की समस्या है, उन्हें दूध से परहेज करना चाहिए। सर्दी-जुकाम, खांसी या कफ की समस्या में ठंडा दूध पीने से बचना चाहिए क्योंकि यह कफ को बढ़ा सकता है। अत्यधिक ठंडा दूध पाचन में दिक्कत पैदा कर सकता है, इसलिए सामान्य तापमान या हल्के ठंडे दूध को प्राथमिकता देनी चाहिए।
Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। The Headlines हिंदी अपने पाठकों को हेल्थ, डाइट और फिटनेस से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने डॉक्टरों से सलाह लेने का सुझाव देता है।









