Parenting Tips: भारत में छोटे बच्चों की मालिश करना सदियों पुरानी परंपरा है। मां-बाप और दादी-नानी इसे बच्चों की हड्डियों को मजबूत करने और अच्छी नींद आने के लिए जरूरी मानते हैं। एक्सपर्ट्स भी कहते हैं कि रोजाना हल्की मालिश से बच्चे की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और उनका विकास अच्छा होता है। लेकिन मालिश के लिए कौन सा तेल इस्तेमाल करना है इस पर बहुत ध्यान देना पड़ता है। खासकर गर्मी के दिनों में गलत तेल चुनने से बच्चे की नाजुक त्वचा पर रैशेज, जलन या इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में माता-पिता को सही जानकारी होना बहुत जरूरी है ताकि बच्चा स्वस्थ और खुश रहे।
छोटे बच्चों की त्वचा बहुत संवेदनशील होती है। गर्मी में पसीना ज्यादा आता है और त्वचा पहले से ही गर्म रहती है। ऐसे में अगर भारी या गर्म तासीर वाला तेल लगाया जाए तो त्वचा में जलन हो सकती है। कई बार मां-बाप घरेलू तेल जैसे सरसों का तेल या घी इस्तेमाल करते हैं क्योंकि पुरानी परंपरा में इन्हें अच्छा माना जाता है। लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक गर्मी के मौसम में इन तेलों से बचना चाहिए। ये तेल भारी होते हैं और त्वचा में आसानी से नहीं समाते। इससे छिद्र बंद हो सकते हैं और रैशेज या लाल दाने निकल आते हैं। कुछ मामलों में बच्चे को खुजली या एलर्जी जैसी समस्या भी हो जाती है। इसलिए गर्मियों में ऐसे तेल का चुनाव करें जो हल्का हो, ठंडक दे और त्वचा को नुकसान न पहुंचाए।
Parenting Tips: गर्मी में सबसे अच्छा तेल कौन सा है

विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी में नारियल का तेल सबसे अच्छा विकल्प है। नारियल का तेल हल्का होता है और जल्दी त्वचा में समा जाता है। यह चिपचिपा नहीं लगता इसलिए बच्चे को कोई असुविधा नहीं होती। इसमें एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुण होते हैं जो बच्चे की कोमल त्वचा को संक्रमण से बचाते हैं। गर्मी में यह तेल शरीर को ठंडक देता है और पसीने से होने वाली परेशानी कम करता है। कई माता-पिता बताते हैं कि नारियल तेल से मालिश करने के बाद बच्चे की त्वचा मुलायम रहती है और रैशेज की समस्या नहीं होती। यह तेल आसानी से उपलब्ध होता है और ज्यादातर बच्चों की त्वचा पर सूट करता है। अगर आप वर्जिन या कोल्ड प्रेस्ड नारियल तेल चुनें तो और बेहतर होता है क्योंकि इसमें कोई मिलावट नहीं होती।
मालिश का सही समय और तरीका क्या होना चाहिए
मालिश का सही समय भी महत्वपूर्ण है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि गर्मी में सुबह नहाने से पहले या शाम को ठंडा होने पर मालिश करें। दोपहर में जब धूप तेज होती है तब मालिश न करें क्योंकि त्वचा पहले से गर्म रहती है। मालिश हल्के हाथों से करें और ज्यादा जोर न लगाएं। बच्चे को आरामदायक जगह पर लिटाएं जहां हवा अच्छी आए। मालिश के बाद तुरंत न नहलाएं बल्कि 10-15 मिनट इंतजार करें ताकि तेल अच्छे से समा जाए। अगर बच्चा रोए या परेशान लगे तो मालिश रोक दें और बाद में फिर कोशिश करें।
Parenting Tips: टैलकम पाउडर लगाना कितना सही है
कुछ लोग मालिश के बाद टैलकम पाउडर लगाते हैं ताकि त्वचा सूखी रहे। लेकिन एक साल से छोटे बच्चों के लिए टैलकम पाउडर लगाना ठीक नहीं माना जाता। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार छोटे बच्चों की सांस की नली बहुत संवेदनशील होती है। पाउडर के कण हवा में उड़कर फेफड़ों में जा सकते हैं जिससे सांस की समस्या हो सकती है। कई बार पाउडर से त्वचा पर भी रैशेज हो जाते हैं। इसलिए छोटे बच्चों को पाउडर की जगह हल्का लोशन या कुछ भी न लगाएं। अगर पसीना ज्यादा आए तो साफ कपड़े से पोंछ लें। बड़े बच्चों में भी टैलक फ्री पाउडर का इस्तेमाल कम से कम करें।
गर्मी में मालिश के फायदे भी बहुत हैं। सही तेल से मालिश करने से बच्चे का ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है। इससे हड्डियां मजबूत होती हैं और मांसपेशियां अच्छी तरह विकसित होती हैं। बच्चे को अच्छी नींद आती है और वह ज्यादा रोता नहीं। त्वचा मुलायम रहती है और ड्राईनेस की समस्या नहीं होती। लेकिन सही तेल चुनना सबसे जरूरी है। अगर बच्चे की त्वचा बहुत संवेदनशील है तो पहले छोटे हिस्से पर टेस्ट करके देखें। अगर कोई लालिमा या खुजली हो तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
कई माता-पिता पुरानी परंपराओं को फॉलो करते हैं लेकिन आज के समय में बच्चों की सेहत के लिए नई जानकारी भी अपनानी चाहिए। गर्मी के मौसम में हल्के तेल का इस्तेमाल बच्चे को आराम देता है और परेशानी से बचाता है। नारियल तेल जैसे प्राकृतिक तेल घर में आसानी से मिल जाते हैं और ये सुरक्षित होते हैं। मालिश करते समय प्यार से करें और बच्चे की हरकतों पर ध्यान दें। अगर बच्चा खुश लगे तो समझ लें कि तरीका सही है।
छोटे बच्चों की देखभाल में छोटी-छोटी बातें बहुत मायने रखती हैं। मालिश एक अच्छी आदत है लेकिन इसे सही तरीके से करना जरूरी है। गर्मी में गलत तेल से होने वाली परेशानी से बचने के लिए नारियल तेल जैसा हल्का विकल्प चुनें। इससे बच्चे की त्वचा स्वस्थ रहेगी और परिवार को भी चिंता नहीं होगी। माता-पिता हमेशा बच्चे की सेहत का ध्यान रखें और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से बात करें। स्वस्थ बच्चा ही परिवार की सबसे बड़ी खुशी होता है।
Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। The Headlines हिंदी अपने पाठकों को हेल्थ, डाइट और फिटनेस से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने डॉक्टरों से सलाह लेने का सुझाव देता है।









