आजकल लोग घरों में छोटे-छोटे पौधे लगाने का काफी शौक रखते हैं। खासकर एलोवेरा ऐसा पौधा है जो लगभग हर घर में देखने को मिल जाता है। इसकी वजह सिर्फ इसकी खूबसूरती नहीं, बल्कि इसके औषधीय गुण भी हैं। एलोवेरा का इस्तेमाल स्किन, बाल और कई घरेलू उपायों में किया जाता है। अच्छी बात यह है कि इसे बड़े गार्डन की जरूरत नहीं होती। छोटे गमले में भी एलोवेरा आसानी से लगाया जा सकता है। 

हालांकि कई लोग शिकायत करते हैं कि उनका एलोवेरा जल्दी सूख जाता है, पत्तियां पीली पड़ जाती हैं या पौधा बढ़ता ही नहीं। इसकी सबसे बड़ी वजह गलत गमला, ज्यादा पानी और सही धूप न मिलना माना जाता है।

 

छोटे गमले में भी आसानी से उग जाता है एलोवेरा

गार्डनिंग एक्सपर्ट्स के मुताबिक एलोवेरा ऐसा पौधा है जिसे बहुत ज्यादा जगह की जरूरत नहीं होती। यह छोटे गमले में भी अच्छी तरह बढ़ सकता है, बस ध्यान सही देखभाल का रखना पड़ता है। 

एलोवेरा की जड़ें बहुत गहरी नहीं जातीं, इसलिए इसे चौड़े लेकिन ज्यादा गहरे नहीं गमले में लगाना बेहतर माना जाता है। कई लोग बहुत बड़ा गमला ले लेते हैं, जिससे मिट्टी ज्यादा देर तक गीली रहती है और जड़ें सड़ने लगती हैं।

 

गमला चुनते समय क्या ध्यान रखें?

विशेषज्ञों के मुताबिक एलोवेरा के लिए ऐसा गमला चुनना चाहिए जिसमें नीचे ड्रेनेज होल्स जरूर हों। अगर गमले में पानी निकलने की जगह नहीं होगी, तो मिट्टी में नमी जमा रहेगी और पौधा खराब हो सकता है।

मिट्टी के या टेराकोटा पॉट को एलोवेरा के लिए बेहतर माना जाता है क्योंकि इनमें अतिरिक्त नमी जल्दी सूख जाती है। आजकल लोग सजावटी प्लास्टिक पॉट्स ज्यादा इस्तेमाल करते हैं, लेकिन उनमें पानी रुकने का खतरा ज्यादा होता है।

 

कैसी मिट्टी सबसे अच्छी मानी जाती है?

एलोवेरा रेगिस्तानी पौधों की श्रेणी में आता है, इसलिए इसे ऐसी मिट्टी पसंद होती है जिसमें पानी ज्यादा देर तक न रुके। इसके लिए cactus mix या succulent soil को सबसे अच्छा माना जाता है। अगर घर पर मिट्टी तैयार करनी हो तो सामान्य मिट्टी में थोड़ा रेत और perlite मिलाने की सलाह दी जाती है ताकि मिट्टी हल्की और ब्रीदेबल रहे। भारी और चिपचिपी मिट्टी में एलोवेरा जल्दी खराब हो सकता है।

 

गर्मियों में कितनी धूप जरूरी है?

एलोवेरा को धूप पसंद होती है, लेकिन बहुत तेज दोपहर की धूप कई बार इसकी पत्तियों को नुकसान पहुंचा सकती है। गार्डनिंग एक्सपर्ट्स कहते हैं कि सुबह की धूप एलोवेरा के लिए सबसे अच्छी मानी जाती है।

अगर पौधा घर के अंदर रखा है, तो उसे ऐसी जगह रखें जहां ब्राइट इनडायरेक्ट सनलाइट आती हो। कई लोग एलोवेरा को बिल्कुल अंधेरी जगह पर रख देते हैं, जिससे उसकी पत्तियां पतली और कमजोर होने लगती हैं।

 

ज्यादा पानी देना सबसे बड़ी गलती

एलोवेरा को लेकर सबसे आम गलती यही होती है कि लोग उसे बार-बार पानी देने लगते हैं। दरअसल यह पौधा अपनी पत्तियों में पानी स्टोर करके रखता है, इसलिए इसे रोज पानी देने की जरूरत नहीं होती। 

गर्मियों में भी तभी पानी देना चाहिए जब मिट्टी पूरी तरह सूख जाए। एक्सपर्ट्स के मुताबिक हर 10 से 15 दिन में पानी देना काफी माना जाता है, हालांकि यह मौसम और धूप पर भी निर्भर करता है। 

 

पत्तियां पीली पड़ने का क्या कारण है?

अगर एलोवेरा की पत्तियां पीली होने लगें तो इसका मतलब अक्सर ज्यादा पानी या खराब drainage माना जाता है। ऐसे में पौधे को कुछ दिनों तक सूखा रहने देना चाहिए और जरूरत पड़े तो मिट्टी बदल देनी चाहिए। कई बार बहुत ज्यादा सीधी धूप से भी पत्तियों पर भूरे निशान आने लगते हैं।

 

छोटे गमले में पौधा ज्यादा स्वस्थ क्यों रहता है?

दिलचस्प बात यह है कि एलोवेरा हल्का root-bound रहना पसंद करता है। यानी उसकी जड़ें थोड़ी कॉम्पैक्ट रहें तो पौधा बेहतर बढ़ सकता है। इसी वजह से कई गार्डनिंग एक्सपर्ट बहुत बड़ा गमला लेने से बचने की सलाह देते हैं। छोटे गमले में मिट्टी जल्दी सूखती है, जिससे जड़ों में सड़न का खतरा कम होता है।

 

घर के अंदर रखें या बाहर?

एलोवेरा इंडोर और आउटडोर दोनों जगह लगाया जा सकता है। अगर घर के अंदर रखते हैं तो खिड़की के पास रखना बेहतर माना जाता है जहां अच्छी रोशनी आती हो। वहीं बालकनी या टेरेस में रखते समय बहुत तेज गर्म हवा और लगातार बारिश से बचाना जरूरी माना जाता है।

 

क्या खाद डालना जरूरी है?

एलोवेरा को बहुत ज्यादा खाद की जरूरत नहीं होती। विशेषज्ञों के मुताबिक साल में एक-दो बार हल्की फर्टिलाइजर देना काफी माना जाता है। ज्यादा खाद देने से पौधे की जड़ें खराब हो सकती हैं। इसी वजह से कई लोग बिना खाद के भी एलोवेरा आसानी से उगा लेते हैं।

 

एलोवेरा से नए पौधे कैसे तैयार करें?

एलोवेरा के पास छोटे-छोटे नए पौधे निकलने लगते हैं जिन्हें pups कहा जाता है। इन छोटे पौधों को अलग करके नए गमले में लगाया जा सकता है। यही वजह है कि एक छोटा एलोवेरा पौधा समय के साथ कई नए पौधे तैयार कर देता है।

 

सोशल मीडिया पर भी बढ़ा गार्डनिंग का ट्रेंड

आजकल Instagram और YouTube पर होम गार्डनिंग काफी ट्रेंड में है। लोग छोटे घरों और फ्लैट्स में भी बालकनी गार्डनिंग और इनडोर प्लांट्स का शौक तेजी से अपना रहे हैं। एलोवेरा को लो मेंटेनेंस प्लांट्स माना जाता है, इसलिए यह बिगिनर्स के बीच काफी लोकप्रिय है।

 

एलोवेरा लगाने के फायदे क्या हैं?

एलोवेरा सिर्फ सजावटी पौधा नहीं माना जाता। इसकी पत्तियों में मौजूद जेल को कई लोग स्किन केयर और घरेलू नुस्खों में इस्तेमाल करते हैं। इसके अलावा यह पौधा घर की खूबसूरती भी बढ़ाता है।कम देखभाल में भी लंबे समय तक हरा रहने की वजह से लोग इसे काफी पसंद करते हैं।

 

कौन-सी गलतियां बिल्कुल न करें?

विशेषज्ञ कहते हैं कि एलोवेरा को रोज पानी देना, बिना ड्रेनेज वाले गमले में लगाना और बहुत अंधेरी जगह पर रखना सबसे बड़ी गलतियों में शामिल है। इसके अलावा कई लोग जरूरत से ज्यादा खाद डाल देते हैं, जिससे पौधा खराब होने लगता है। एलोवेरा को ‘कम देखभाल वाला पौधा’ माना जाता है, इसलिए इसके साथ ज्यादा छेड़छाड़ करने की जरूरत नहीं होती।

 

हमारी राय

एलोवेरा उन पौधों में शामिल है जिन्हें कम जगह और कम देखभाल में भी आसानी से उगाया जा सकता है। सही गमला, हल्की मिट्टी और सीमित पानी का ध्यान रखा जाए तो छोटा-सा एलोवेरा पौधा भी लंबे समय तक हरा-भरा रह सकता है। आज के समय में जब लोग छोटे घरों में भी हरियाली चाहते हैं, तब एलोवेरा जैसे लो मेंटेनेंस प्लांट्स काफी अच्छा विकल्प साबित हो सकते हैं। हालांकि इसकी देखभाल में सबसे जरूरी बात यही है कि जरूरत से ज्यादा पानी और ज्यादा देखभाल से बचा जाए।