जहां एक तरफ दुनिया भर में इस वक्त जेफरी एपस्टीन की चर्चा हो रही है, वहीं ऑनलाइन स्ट्रीमिंग जाइंट नेटफ्लिक्स (Netflix) ने पांच साल पहले ही एपस्टीन पर एक पूरी डॉक्यूमेंट्री बना दी है। हाल ही में एपस्टीन फाइल्स के पब्लिक होने के बाद पुरी दुनिया में इसकी बात हो रही है। ऐसे में अगर आप को जेफरी एपस्टीन के बारे में और डिटेल में जानना है तो आप Netflix पर मौजूद डॉक्यूमेंट्री filthy rich को एक बार जरूर देखें।
दो दिन से ये डॉक्यूमेंट्री हो रही वायरल
जब से Epstein Files चर्चा में आई है तब से 5 साल पहले बनी नेटफ्लिक्स डॉक्यूमेंट्री फिल्म filthy rich चर्चा का विषय बन गई है। यूट्यूब पर इसके ट्रायल वायरल हो रहे हैं। कई लोग इस डॉक्यूमेंट्री को देख रहे हैं। आखिर क्या क्या दिखाया गया है उस डॉक्यूमेंट्री में?
दरअसल, आप जब इस डॉक्यूमेंट्री को देखने बैठोगे तो आपके होश उड़ जाएंगे क्योंकि इसमें epstien से लेकर उनकी पार्टनर, डोनाल्ड ट्रंप, एलन मस्क भी फिल्म में देखने को मिलते हैं। इस फिल्म में जेफरी एपस्टीन की जिंदगी से जुड़ी तमाम पहलुओं को उजागर किया गया है। इस सीरीज में ये बताया गया है कि जेफरी एपस्टीन कैसे इतना अमीर बना, और कैसे वो नाबालिग लड़कियों को टारगेट करता था।
एपस्टीन के इस डॉक्यूमेंट्री में कई विक्टिम्स के इंटरव्यू, जेफरी केस को कवर करने वाले जर्नलिस्ट की बाइट, केस की जांच करने वाले डिटेक्टिव्स और एजेंट की जुबानी पूरे मामले को उजागर किया गया है।
फिल्दी रिच के 4 एपिसोड हैं। पहले एपिसोड का नाम है द हंटिंग ग्राउंड्स, दूसरे का नाम है फॉलो द मनी, तीसरे का नाम है द आइलैंड और चौथे का नाम है फाइंडिंग देयर वॉयस है। इस सीरीज की IMDB रेटिंग 7.1 दी गई है।
डोनाल्ड ट्रंप का भी जिक्र
इस डॉक्यूमेंट्री में डोनाल्ड ट्रंप का भी जिक्र किया गया है। इतना ही नहीं, डॉक्यूमेंट्री में आपको एलन मस्क भी देखने को मिलेंगे। उधर, दूसरी तरफ एपस्टीन फाइल्स में मिले दस्तावेजों के मुताबिक, जेफरी एपस्टीन ने कथित तौर पर डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात एक 14 साल की लड़की से कराई थी। अमेरिकी न्याय विभाग ने जो फाइलें जारी की हैं उनमें राष्ट्रपति ट्रंप का भी ज़िक्र है।अदालत के कागज़ों के मुताबिक यह मुलाकात फ्लोरिडा के मार-ए-लागो रिसॉर्ट में हुई थी। यह घटना 1990 के दशक की बताई जाती है।
एपस्टीन फाइल्स क्या है
एपस्टीन फाइल्स एक डॉक्यूमेंट है जिसमें सेक्स ट्रैफिकिंग मामले में कोट प्रेसेसिंग, विक्टिम के बयान और इस मामले की पूरी जानकारी है।और उसमें हाल ही में यूएस के।डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस ने जेफरी एपस्टीन के उनके कारनामों के लाखों फाइल, फोटो, वीडियो, अमेजन ऑर्डर सब कुछ पब्लिक करवाए जिसके बाद दुनिया भर में हड़कंप मच गया।

जेफरी एपस्टीन एक अमीर फाइनेंसर था जिसने अपनी पर्सनल कॉन्टैक्ट और संपत्ति के दम पर एक खतरनाक सेक्स ट्रैफिकिंग नेटवर्क विकसित किया था। उसने टीनएजर और नाबालिग लड़कियों को आकर्षक नौकरी और पैसे देने का लालच देकर अपने मकानों और निजी द्वीप एपस्टीन आइलैंड पर लाया जहां व्यापक स्तर से यौन शोषण, जबरन सुलभता और शारीरिक उत्पीड़न किया जाता था। इस गंदे नेटवर्क का सेंटर एपस्टीन का निजी द्वीप था जहां प्रत्यक्ष रूप से कमजोर लड़कियों का यौन शोषण और मानव तस्करी की जाती थी। कहा जाता है कि जय बार यहां पावरफुल हस्तियों की आवाजाही भी देखी गई। लेकिन अब तक इसके रिकॉर्ड सामने नहीं आए।
वर्जिनियन ज्यॉफ्रे ने उठाई पीड़ितों की आवाज
वर्जिनियन ने उस काली दुनिया की सारी सच्चाई को अपनी आत्मकथा Nobody's Girl में अपने जीवन के भयानक अनुभवों को विस्तार से बयान किया कि कैसे उन्हें किशोरावस्था में एपस्टीन के जाल में फंसाया गया, कैसे उन्हें इस रैकेट का हिस्सा बनाया गया और अमीर लोगों के हवाले कर दिया गया। कैसे उनपर शारीरिक अत्याचार हुआ...इन सबका जिक्र इस किताब में मिलता है।
किताब के मुताबिक, एपस्टीन और सहयोगी गीसलेन मैक्सवेल जैसे लोग पीड़ित लड़कियों को नौकरी के बहाने से खतरनाक स्थानों पर ले आते और वहां लाकर उनका शोषण करते, उनके साथ जबरदस्ती करते।
उनकी किताब में एक बहुत ही विवाद वाली बात लिखी गई है जो हर किसी को चौंका रही है। उन्होंने किताब में ये दावा किया है कि एक फेमस प्रधानमंत्री ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया, हालांकि प्रधानमंत्री के नाम का खुलासा किताब में नहीं मिला। अमेरिकी संस्करण ने उन्हें प्रसिद्ध पीएम कहा जबकि ब्रिटिश संस्करण में उन्हें पूर्व मंत्री के रूप में प्रस्तुत किया है। इसके बाद से ये मामला और भी ज्यादा रहस्यमय हो गया। साथ ही साथ अंतर्राष्ट्रीय विवाद भी बन चुका है।
एपस्टीन के मरने के 6 साल बाद क्यों हो रहा विवाद
अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों की मानें तो वर्जिनियन का निधन 25 अप्रैल 2025 को हुआ। उन्होंने ख़ुशकुशी की थी। उनके परिवार ने बताया कि उन्होंने खुद को खत्म कर लिया क्योंकि वे जीवन भर यौन शोषण और सेक्स ट्रैफिकिंग का काम नहीं करना चाहती थी। उनकी मौत के बाद समाज के ये बहस तेज हो गई कि क्या पीड़ितों की आवाज को ध्यान से सुना जा रहा है या सत्ता द्वारा दबाया जा रहा है। कई लोगों का आरोप है कि एपस्टीन की मौत के बाद भी अपराधियों के खिलाफ न्याय की प्रक्रिया धीमी हो गई।
दरअसल, एपस्टीन की मौत 2019 में जेल के अंदर हुई। उसकी काली दुनिया के दस्तावेज आज भी मौजूद हैं और हर रोज दुनिया में नए सवालों को जन्म दे रहे हैं। इस फाइल्स को सार्वजनिक करने वाला प्रयास अभी भी विवादों और आलोचनाओं के बीच है क्योंकि कई लोग कांटे है कि सिर्फ आधे दस्तावेज जारी हुए बाकी जो महत्वपूर्ण थे अब भी छुपाए जा रहे हैं।
ये मानव तस्करी की कहानी सिर्फ एक इंसान की आपबीती नहीं बल्कि दुनिया की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक है। ये कहानी न्याय, पारदर्शिता और सत्ता के दुरुपयोग की।है। आज भी उस फेमस प्रधानमंत्री के नाम का जवाब हर किसी को चाहिए। आज सोशल मीडिया के दौर में पुरानी चीजें भी छुपाए नहीं छिपती। इसी का नतीजा रहा कि ये जरूरी मामला आज फिर एक बार सुर्खियों में खड़ा है।









