Bihar New CM: बिहार की राजनीति में एक ऐसा बड़ा बदलाव आने वाला है जो इतिहास के पन्नों में दर्ज हो जाएगा। जनता दल यूनाइटेड के नेता और बिहार के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार ने राज्यसभा चुनाव के लिए गुरुवार को नामांकन भर दिया। इसके साथ ही यह साफ हो गया है कि वे मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ने वाले हैं। 75 साल के नीतीश कुमार के इस फैसले ने बिहार की राजनीति में भूचाल ला दिया है। सूत्रों के मुताबिक इस बार बिहार को पहली बार BJP का मुख्यमंत्री मिलने जा रहा है जो राज्य के राजनीतिक इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ। इसके साथ ही नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के डिप्टी CM बनने की चर्चा भी जोरों पर है।
नीतीश कुमार ने यह फैसला सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शेयर किया। उन्होंने लिखा कि वे इस बार राज्यसभा के सदस्य बनना चाहते हैं। साथ ही यह भी कहा कि बिहार के साथ उनका रिश्ता हमेशा बना रहेगा और जो नई सरकार बनेगी उसे उनका पूरा सपोर्ट और गाइडेंस मिलता रहेगा। उन्होंने एक विकसित बिहार बनाने के लिए मिलकर काम करने का संकल्प भी दोहराया।
पहली बार बिहार में BJP का मुख्यमंत्री, टूटेगी पुरानी परंपरा
बिहार की राजनीति पर नजर रखने वाले जानते हैं कि यहां अब तक की सत्ता की धुरी हमेशा JDU और RJD के आसपास घूमती रही है। BJP भले ही NDA की सबसे बड़ी पार्टनर रही हो लेकिन बिहार में CM की कुर्सी हमेशा JDU के पास रही। नीतीश कुमार ने खुद रिकॉर्ड 10 बार बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली है। यह एक ऐसा रिकॉर्ड है जो बिहार की राजनीति में शायद कोई नहीं तोड़ पाएगा।
लेकिन अब जब नीतीश कुमार राज्यसभा की तरफ जा रहे हैं तो यह पुरानी परंपरा पहली बार टूटने वाली है। सूत्रों का कहना है कि नई सरकार में BJP का नेता मुख्यमंत्री बनेगा। यह बिहार के राजनीतिक इतिहास में एक ऐसी घटना होगी जो पहले कभी नहीं हुई। कौन होगा BJP नेता जो बिहार का पहला BJP मुख्यमंत्री बनेगा, इस पर अभी suspense बना हुआ है लेकिन जल्द ही इस पर से पर्दा उठने वाला है।
Bihar New CM: निशांत कुमार बन सकते हैं डिप्टी CM
इस पूरे बदलाव में सबसे ज्यादा चर्चा निशांत कुमार को लेकर है। सूत्रों के मुताबिक नई सरकार में सिर्फ एक ही Deputy CM होगा और उस पद के लिए नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार का नाम सबसे आगे है। अगर यह होता है तो यह निशांत की राजनीति में एक बड़ी और ऐतिहासिक शुरुआत होगी।
लेकिन इसके साथ एक बड़ा सवाल भी उठता है। नीतीश कुमार ने अपने पूरे राजनीतिक जीवन में परिवारवाद से दूरी बनाए रखने की एक मजबूत छवि बनाई थी। वे अक्सर दूसरे नेताओं की परिवारवाद की राजनीति की आलोचना करते रहे हैं। ऐसे में बेटे निशांत को पहले JDU में शामिल कराना और फिर सीधे Deputy CM बनाना उनकी उस छवि पर सवाल जरूर खड़े करेगा। विपक्षी दल पहले से ही इस मुद्दे पर हमलावर हैं और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तेज हो सकता है।
Bihar New CM: नई Cabinet का ढांचा कैसा होगा,
सूत्रों ने नई बिहार Cabinet की संभावित रूपरेखा के बारे में भी जानकारी दी है। इसके मुताबिक JDU से 15 मंत्री नए मंत्रिमंडल में शामिल होंगे। लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास से 2 मंत्री, राष्ट्रीय लोक मोर्चा से 1 मंत्री और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा से 1 मंत्री भी Cabinet में जगह पाएंगे। इस तरह NDA के सभी साझेदार दलों को नई सरकार में प्रतिनिधित्व दिया जाएगा।
इसके अलावा बिहार विधानसभा के Speaker का पद BJP के नेता के पास रहेगा। यह व्यवस्था NDA के भीतर शक्ति संतुलन बनाए रखने की कोशिश की तरह दिखती है। BJP को CM की कुर्सी और Speaker का पद मिलेगा जबकि JDU के पास Deputy CM और सबसे ज्यादा मंत्री पद रहेंगे।
राज्यसभा चुनाव में नीतीश के साथ और भी बड़े नेताओं ने भरा नामांकन
नीतीश कुमार अकेले नहीं हैं जिन्होंने राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन भरा है। BJP के प्रदेश अध्यक्ष नितिन नवीन, JDU के केंद्रीय मंत्री राम नाथ ठाकुर, राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा और BJP के राज्य महासचिव शिवेश कुमार ने भी नामांकन दाखिल किया है। 10 राज्यों की 37 सीटों के लिए राज्यसभा चुनाव 16 मार्च को होने हैं और उसी दिन शाम 5 बजे वोटों की गिनती भी होगी।
नीतीश का बिहार के लिए योगदान
नीतीश कुमार का बिहार की राजनीति में योगदान को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। दो दशकों से ज्यादा समय तक बिहार के मुख्यमंत्री रहे नीतीश ने राज्य को उस जंगलराज की छवि से बाहर निकाला जिसमें यह साल 2005 से पहले फंसा हुआ था। सड़कें, बिजली, कानून-व्यवस्था और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उनके कार्यकाल में जो काम हुआ उसे आज भी मिसाल की तरह पेश किया जाता है। लेकिन अब वे राज्यसभा का रुख कर रहे हैं तो बिहार की राजनीति एक नए दौर में दाखिल होने वाली है। BJP का पहला मुख्यमंत्री, निशांत कुमार का राजनीति में प्रवेश और नई Cabinet का गठन, यह सब मिलकर बिहार की सियासत को एक नई दिशा देंगे। आने वाले कुछ दिन बिहार के राजनीतिक इतिहास में बेहद अहम होने वाले हैं और पूरे देश की नजर इस पर टिकी है।









