भारतीय घरों में दही का इस्तेमाल सदियों से होता आ रहा है। दोपहर के खाने में दही, रात में रायता, गर्मियों में लस्सी और त्योहारों पर दही-चीनी, दही हमारी रसोई का अहम हिस्सा है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में बाजार में Yogurt की लोकप्रियता भी तेजी से बढ़ी है। सुपरमार्केट में अलग-अलग फ्लेवर वाले योगर्ट आसानी से मिल जाते हैं और कई लोग इसे दही से ज्यादा हेल्दी मानने लगे हैं।

यही वजह है कि अक्सर लोगों के मन में सवाल उठता है कि आखिर दही और Yogurt में अंतर क्या है? क्या दोनों एक ही चीज हैं या इनमें कोई बड़ा फर्क है? और सबसे महत्वपूर्ण सवाल, सेहत के लिए कौन ज्यादा फायदेमंद है? आइए इसे आसान भाषा में समझते हैं। 

 

देखने में एक जैसे, लेकिन पूरी तरह एक नहीं

पहली नजर में दही और Yogurt लगभग एक जैसे दिखाई देते हैं। दोनों दूध से बनते हैं, दोनों का स्वाद हल्का खट्टा होता है और दोनों को प्रोबायोटिक फूड माना जाता है। इसी वजह से ज्यादातर लोग इन्हें एक ही समझ लेते हैं।

लेकिन असली फर्क इनके बनने के तरीके में छिपा है। दही और Yogurt दोनों फर्मेंटेड डेयरी प्रोडक्ट हैं, लेकिन इन्हें तैयार करने के लिए इस्तेमाल होने वाले बैक्टीरिया और प्रक्रिया अलग होती है। यही अंतर इनके स्वाद, टेक्सचर और पोषण पर असर डालता है। 

 

दही कैसे बनता है?

दही बनाने का तरीका लगभग हर भारतीय घर में एक जैसा होता है। गर्म दूध में थोड़ा सा पुराना दही मिलाया जाता है और फिर उसे कुछ घंटों के लिए छोड़ दिया जाता है। दूध में मौजूद बैक्टीरिया धीरे-धीरे उसे फर्मेंट करके दही में बदल देते हैं।

घर का दही हर बार एक जैसा नहीं बनता। कभी ज्यादा खट्टा हो जाता है, कभी थोड़ा पतला और कभी बहुत गाढ़ा। इसका कारण तापमान, दूध की गुणवत्ता और इस्तेमाल किए गए स्टार्टर कल्चर में अंतर होता है। 

 

Yogurt कैसे तैयार किया जाता है?

Yogurt बनाने की प्रक्रिया थोड़ी ज्यादा नियंत्रित होती है। इसमें खास प्रकार के बैक्टीरिया का इस्तेमाल किया जाता है। आमतौर पर Lactobacillus bulgaricus और Streptococcus thermophilus नाम के बैक्टीरिया दूध को फर्मेंट करते हैं।

क्योंकि पूरी प्रक्रिया नियंत्रित वातावरण में होती है, इसलिए Yogurt का स्वाद, गाढ़ापन और गुणवत्ता लगभग हर बार एक जैसी रहती है। यही कारण है कि बाजार में मिलने वाले Yogurt का टेक्सचर अधिक क्रीमी और स्मूद महसूस होता है। 

 

स्वाद और टेक्सचर में क्या अंतर है?

अगर आपने घर का दही और बाजार का Yogurt दोनों खाया है तो आपने यह अंतर जरूर महसूस किया होगा।दही का स्वाद कभी हल्का तो कभी ज्यादा खट्टा हो सकता है। इसका टेक्सचर भी हर बार बदल सकता है। दूसरी तरफ Yogurt आमतौर पर ज्यादा स्मूद, क्रीमी और एकसमान होता है। यही वजह है कि कई लोग स्मूदी, फ्रूट बाउल और हेल्दी स्नैक्स में Yogurt का इस्तेमाल करना पसंद करते हैं।

 

पोषण के मामले में कौन आगे?

अब आते हैं सबसे महत्वपूर्ण सवाल पर। क्या Yogurt दही से ज्यादा पौष्टिक होता है? एक्सपर्ट्स के अनुसार दोनों ही कैल्शियम, प्रोटीन, विटामिन बी12 और अच्छे बैक्टीरिया का अच्छा स्रोत हैं। दोनों पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद माने जाते हैं और आंतों में अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। 

हालांकि कुछ प्रकार के Yogurt में अतिरिक्त प्रोबायोटिक स्ट्रेन मिलाए जाते हैं। ऐसे Yogurt आंतों की सेहत के लिए अतिरिक्त लाभ दे सकते हैं। दूसरी ओर घर का ताजा दही भी प्रोबायोटिक्स से भरपूर होता है और रोजमर्रा के भोजन के लिए काफी अच्छा विकल्प माना जाता है। 

 

वजन कम करने वालों के लिए क्या बेहतर है?

आजकल फिटनेस और वेट लॉस के कारण भी Yogurt की मांग बढ़ी है। खासकर ग्रीक Yogurt को हाई-प्रोटीन फूड माना जाता है। इसमें सामान्य दही की तुलना में अधिक प्रोटीन पाया जा सकता है, जिससे पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि सामान्य दही किसी तरह कमतर है। अगर आप संतुलित आहार लेते हैं और घर का ताजा दही खाते हैं, तो यह भी वजन नियंत्रण और पाचन के लिए काफी उपयोगी हो सकता है। फर्क केवल आपकी जरूरत और लक्ष्य का है। 

 

लैक्टोज इनटॉलरेंस वाले लोगों के लिए कौन बेहतर?

कई लोगों को दूध पचाने में परेशानी होती है। ऐसे लोगों के लिए दही और Yogurt दोनों दूध की तुलना में बेहतर विकल्प माने जाते हैं क्योंकि फर्मेंटेशन के दौरान लैक्टोज का एक हिस्सा टूट जाता है। हालांकि एक्सपर्ट्स का कहना है कि हर व्यक्ति की सहनशीलता अलग होती है। इसलिए अगर किसी को लैक्टोज इनटॉलरेंस की समस्या है तो उसे अपने शरीर की प्रतिक्रिया के अनुसार ही इनका सेवन करना चाहिए। 

बाजार का फ्लेवर्ड Yogurt हमेशा हेल्दी नहीं होता

एक बात का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। बाजार में मिलने वाले सभी Yogurt समान नहीं होते। कई फ्लेवर्ड Yogurt में अतिरिक्त चीनी, कृत्रिम फ्लेवर और अन्य एडिटिव्स मिलाए जाते हैं। अगर आप सेहत के लिए Yogurt खा रहे हैं तो हमेशा बिना चीनी वाला या प्लेन चुनना बेहतर माना जाता है। कई बार घर का साधारण दही फ्लेवर्ड Yogurt से ज्यादा हेल्दी साबित हो सकता है। 

 

आखिर कौन ज्यादा हेल्दी है?

इस सवाल का सीधा जवाब देना आसान नहीं है क्योंकि यह आपकी जरूरत पर निर्भर करता है। अगर आप घर का ताजा, बिना चीनी वाला दही खाते हैं तो यह बेहद पौष्टिक और फायदेमंद है। अगर आप अतिरिक्त प्रोबायोटिक्स, ज्यादा क्रीमी टेक्सचर या हाई-प्रोटीन विकल्प चाहते हैं तो अच्छा गुणवत्ता वाला Yogurt आपके लिए बेहतर हो सकता है। सच्चाई यह है कि दोनों ही सेहत के लिए अच्छे विकल्प हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आप क्या खा रहे हैं, कितना खा रहे हैं और उसमें अतिरिक्त चीनी या अनहेल्दी चीजें तो नहीं हैं। 

 

हमारी राय

दही और Yogurt को लेकर अक्सर अनावश्यक भ्रम पैदा हो जाता है। जबकि दोनों ही फर्मेंटेड डेयरी प्रोडक्ट हैं और दोनों के अपने फायदे हैं। अगर आप भारतीय खानपान का हिस्सा बने घर के ताजे दही का सेवन करते हैं तो यह आपकी सेहत के लिए बेहतरीन विकल्प है। वहीं अगर आप फिटनेस, हाई प्रोटीन या अतिरिक्त प्रोबायोटिक्स की तलाश में हैं तो अच्छी गुणवत्ता वाला प्लेन Yogurt भी बढ़िया विकल्प हो सकता है। कुल मिलाकर मुकाबला दही बनाम Yogurt का नहीं, बल्कि सही और संतुलित खाने का है। जो भी चुनें, बिना ज्यादा चीनी और प्राकृतिक रूप में खाएं, तभी आपको इसका पूरा फायदा मिलेगा।