तमिलनाडु की राजनीति में आज एक नया अध्याय शुरू हो गया। भारी जद्दोजहद के बाद अभिनेता और TVK प्रमुख थलपति विजय ने आखिरकार मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली। चेन्नई के नेहरू स्टेडियम में आयोजित भव्य समारोह में विजय ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के तौर पर पद और गोपनीयता की शपथ ली। उनके साथ TVK के 9 विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ली, जिसके बाद राज्य में नई सरकार का औपचारिक आगाज हो गया।
यह शपथ ग्रहण समारोह सिर्फ राजनीतिक नहीं बल्कि तमिलनाडु की बदलती राजनीति का बड़ा संकेत भी माना जा रहा है। खास बात यह रही कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी समारोह में शामिल हुए। वहीं परंपरा और प्रोटोकॉल के तहत निवर्तमान मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन को भी न्योता भेजा गया था।
ज्योतिष सलाह के बाद बदला गया शपथ का समय
पहले खबर थी कि विजय दोपहर 3 बजकर 45 मिनट पर मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे, लेकिन बाद में समय बदलकर सुबह 10 बजे कर दिया गया। बताया जा रहा है कि उनके ज्योतिष सलाहकार ने सुबह का समय ज्यादा शुभ बताया था।
इसके बाद 10 मई की सुबह चेन्नई के नेहरू स्टेडियम में हजारों समर्थकों की मौजूदगी में विजय ने शपथ ली। समारोह के दौरान भारी सुरक्षा व्यवस्था देखने को मिली और पूरे स्टेडियम में TVK समर्थकों का उत्साह साफ नजर आया। सोशल मीडिया पर भी विजय के शपथ ग्रहण समारोह की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। कई समर्थकों ने इसे 'तमिलनाडु की नई राजनीति की शुरुआत' बताया।
राज्यपाल से मुलाकात के बाद मिला सरकार बनाने का न्योता
विजय ने 9 मई को लोक भवन पहुंचकर तमिलनाडु के राज्यपाल से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने TVK विधायक दल का नेता चुने जाने की जानकारी देते हुए राज्यपाल को औपचारिक पत्र सौंपा। इसके बाद राज्यपाल ने उन्हें मुख्यमंत्री नियुक्त किया और सरकार बनाने का न्योता दिया। साथ ही 13 मई 2026 तक विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए कहा गया है।
VCK और IUML समेत कई सहयोगी दलों के समर्थन के बाद विजय बहुमत का आंकड़ा जुटाने में सफल रहे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि गठबंधन की यह रणनीति विजय के लिए निर्णायक साबित हुई।
विजय कैबिनेट में किन 9 नेताओं को मिली जगह?
नई सरकार में विजय ने युवा और अनुभवी चेहरों का मिश्रण रखने की कोशिश की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक TVK की पहली कैबिनेट में एस.कीर्तना को जगह मिली है, जिन्हें सरकार की सबसे युवा मंत्री माना जा रहा है।इसके अलावा आर. शिवकुमार को वित्त विभाग, एस. प्रभाकरन को गृह विभाग और एम. अरविंदन को स्वास्थ्य विभाग दिए जाने की चर्चा है। वहीं शिक्षा विभाग के लिए एल. कार्तिकेयन का नाम सामने आया है।
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की जिम्मेदारी एस.कीर्तना को मिलने की संभावना जताई जा रही है। इसके अलावा उद्योग, परिवहन, ग्रामीण विकास और ऊर्जा विभाग के लिए भी TVK के वरिष्ठ नेताओं को शामिल किया गया है। हालांकि सरकार की ओर से विभागों की पूरी आधिकारिक सूची अभी जारी की जानी बाकी है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इन नामों को लेकर चर्चा तेज है। हालांकि सभी 9 मंत्रियों की लिस्ट ऐसी है:
- एन. आनंद (Bussy N. Anand): टीवीके (TVK) के महासचिव और विजय के करीबी सहयोगी
- आदव अर्जुना (Aadhav Arjuna): पार्टी के प्रमुख रणनीतिकार और विल्लीवक्कम से विधायक
- के.ए. सेंगोट्टइयन (K.A. Sengottaiyan): पूर्व AIADMK दिग्गज और गोबीचेट्टिपलयम से विधायक
- डॉ. के.जी. अरुणराज (Dr. K.G. Arunraj): पूर्व IRS अधिकारी और तिरुचेंगोडु से विधायक
- पी. वेंकटरमणन (P. Venkataramanan): चेन्नई के मायलापुर से विधायक
- आर. निर्मलकुमार (R. Nirmalkumar): पूर्व BJP पदाधिकारी और तिरुपरांकुंद्रम से विधायक
- राजमोहन (A. Rajmohan): टेलीविजन और फिल्म जगत से जुड़ी हस्ती और एगमोर से विधायक
- डॉ. टी.के. प्रभु (Dr. T.K. Prabhu): डेंटिस्ट और कराईकुडी से विधायक
- एस. कीर्तना (S. Keerthana): कैबिनेट की सबसे युवा (28 वर्ष) चेहरा और शिवकाशी से विधायक।
युवा चेहरों पर विजय का बड़ा भरोसा
विजय की कैबिनेट को देखकर साफ संकेत मिल रहा है कि वह तमिलनाडु की राजनीति में नई पीढ़ी को आगे लाना चाहते हैं। कई मंत्री अपेाकृत युवा हैं और पहली बार इतने बड़े पद पर पहुंचे हैं।
राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि विजय युवाओं के बीच अपनी लोकप्रियता को शासन में भी बदलने की कोशिश कर रहे हैं। चुनाव प्रचार के दौरान भी उन्होंने रोजगार, शिक्षा और युवाओं के अवसरों को प्रमुख मुद्दा बनाया था। यही वजह है कि उनकी कैबिनेट में ऐसे चेहरों को प्राथमिकता दी गई है जो जमीनी स्तर पर सक्रिय रहे हैं और युवा मतदाताओं से सीधा जुड़ाव रखते हैं।
गठबंधन सरकार चलाना होगी सबसे बड़ी चुनौती
हालांकि विजय मुख्यमंत्री बन चुके हैं, लेकिन उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती गठबंधन सरकार को स्थिर बनाए रखने की होगी। TVK को सरकार बनाने के लिए सहयोगी दलों पर निर्भर रहना पड़ा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि गठबंधन में शामिल दल समय-समय पर अपनी राजनीतिक और क्षेत्रीय मांगें रख सकते हैं। ऐसे में सभी को साथ लेकर चलना विजय के लिए आसान नहीं होगा। इसके अलावा विपक्ष भी सरकार के हर फैसले पर नजर रखेगा। DMK और AIADMK जैसी पार्टियां पहले ही आक्रामक रुख दिखा रही हैं।
बेरोजगारी और महंगाई जैसे मुद्दों पर होगी परीक्षा
नई सरकार के सामने सबसे बड़ा मुद्दा रोजगार का माना जा रहा है। चुनाव प्रचार के दौरान विजय ने युवाओं को रोजगार देने और निवेश बढ़ाने के कई वादे किए थे।तमिलनाडु देश के सबसे औद्योगिक राज्यों में गिना जाता है, लेकिन युवाओं के बीच रोजगार को लेकर चिंता लगातार बढ़ी है। अब जनता यह देखना चाहती है कि विजय सरकार इस दिशा में क्या कदम उठाती है। इसके अलावा महंगाई, बिजली संकट, शिक्षा व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना भी सरकार की बड़ी जिम्मेदारी होगी।
फिल्मी स्टार से मुख्यमंत्री तक का सफर
थलपति विजय का राजनीतिक सफर काफी दिलचस्प रहा है। फिल्मों में सुपरस्टार बनने के बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा और बहुत कम समय में बड़ी ताकत बन गए।
उनकी सभाओं में भारी भीड़ उमड़ती थी और खासकर युवा मतदाताओं के बीच उनका प्रभाव साफ दिखाई देता था। कई राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विजय ने अपनी साफ छवि और सीधे संवाद की शैली के दम पर लोगों का भरोसा जीता। अब हालांकि राजनीति और प्रशासन फिल्मों से बिल्कुल अलग चुनौती है। मुख्यमंत्री बनने के बाद लोगों की उम्मीदें भी काफी बढ़ गई हैं।
सोशल मीडिया पर छाया विजय सरकार का शपथ ग्रहण
विजय के शपथ ग्रहण समारोह की तस्वीरें और वीडियो पूरे दिन सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहे। समर्थकों ने इसे तमिलनाडु में 'बदलाव की राजनीति' बताया। कई यूजर्स ने लिखा कि उन्होंने विजय को फिल्मों में हीरो के रूप में देखा था और अब वह असली राजनीति में राज्य की कमान संभाल रहे हैं। सोशल मीडिया पर खासतौर पर युवा वर्ग में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। वहीं कुछ लोग यह भी कह रहे हैं कि अब असली परीक्षा सरकार चलाने की होगी।
जनता की उम्मीदों पर कितना खरे उतरेंगे विजय?
तमिलनाडु में नई सरकार के गठन के बाद अब लोगों की निगाहें मुख्यमंत्री विजय और उनकी टीम पर टिकी हुई हैं। जनता चाहती है कि चुनावी वादे सिर्फ भाषणों तक सीमित न रहें बल्कि जमीन पर भी दिखाई दें।
विजय के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह होगी कि वह गठबंधन की राजनीति के बीच स्थिर सरकार चलाते हुए जनता की उम्मीदों को पूरा कर सकें। फिलहाल राज्य में नई सरकार को लेकर उत्साह का माहौल जरूर है, लेकिन आने वाले दिनों में यह तय होगा कि थलपति विजय सिर्फ बड़े पर्दे के हीरो साबित होते हैं या तमिलनाडु की राजनीति में भी मजबूत नेता बन पाते हैं।









