प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले हफ्ते तीन देशों के दौरे पर रवाना होने वाले हैं। इस दौरान उनका ऑस्ट्रेलिया दौरा भी काफी अहम माना जा रहा है। लेकिन यात्रा शुरू होने से ठीक पहले एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रधानमंत्री मोदी को ऑनलाइन जान से मारने की धमकी दी गई है। यह धमकी सोशल मीडिया पर एक फेसबुक पोस्ट के कमेंट सेक्शन में सामने आई, जिसके बाद ऑस्ट्रेलियाई पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। सुरक्षा एजेंसियां इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रही हैं। 

 

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के मुताबिक यह मामला उस समय सामने आया जब सोशल मीडिया पर ‘Melbourne Meets Modi’ नाम के एक सामुदायिक कार्यक्रम का प्रचार किया जा रहा था। यह कार्यक्रम 9 जुलाई को मेलबर्न के मार्वल स्टेडियम में आयोजित होना है, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारतीय समुदाय को संबोधित करने वाले हैं।

इसी कार्यक्रम से जुड़ी एक फेसबुक पोस्ट के नीचे एक यूजर ने कथित तौर पर धमकी भरी टिप्पणी की। रिपोर्ट्स के अनुसार कमेंट में लिखा गया कि अगर स्टेडियम की छत बंद नहीं हुई, तो प्रधानमंत्री मोदी 'अपनी मौत के लिए ऑस्ट्रेलिया आएंगे।' इस टिप्पणी के सामने आते ही मामला पुलिस तक पहुंच गया। 

 

किसने दी धमकी?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह कथित टिप्पणी ‘अबू मुस्तफा’ नाम के एक फेसबुक अकाउंट से की गई थी। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि यह अकाउंट असली है या फर्जी। ऑस्ट्रेलियाई जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह पोस्ट किसने की, उसका उद्देश्य क्या था और क्या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क है। फिलहाल किसी गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। 

 

जांच में जुटी ऑस्ट्रेलियाई फेडरल पुलिस

धमकी मिलने के बाद मामला Australian Federal Police (AFP) को सौंप दिया गया। रिपोर्ट्स के अनुसार जांचकर्ताओं ने उस सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़े IP एड्रेस की पहचान कर ली है और आगे की जांच जारी है। हालांकि ऑस्ट्रेलियाई पुलिस ने जांच के बारे में ज्यादा जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। अधिकारियों का कहना है कि मामला जांच के अधीन है, इसलिए फिलहाल सीमित जानकारी ही साझा की जाएगी। 

 

प्रधानमंत्री मोदी का ऑस्ट्रेलिया दौरा क्यों है खास?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 6 से 11 जुलाई तक इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के दौरे पर रहेंगे। ऑस्ट्रेलिया में उनका कार्यक्रम सबसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दौरान वे ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री Anthony Albanese के साथ वार्षिक शिखर बैठक (Annual Leaders' Summit) में हिस्सा लेंगे। दोनों देशों के बीच रक्षा, व्यापार, निवेश, शिक्षा, ऊर्जा और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। 

 

‘Melbourne Meets Modi’ कार्यक्रम में क्या होगा?

मेलबर्न में आयोजित होने वाला ‘Melbourne Meets Modi’ कार्यक्रम भारतीय समुदाय के लिए खास महत्व रखता है। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। इससे पहले भी प्रधानमंत्री मोदी जब ऑस्ट्रेलिया गए थे, तब भारतीय समुदाय ने उनका भव्य स्वागत किया था। इस बार भी हजारों लोगों के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। इसी वजह से सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही काफी सख्त रखी जा रही थी। अब धमकी मिलने के बाद सुरक्षा और बढ़ाई जा सकती है। 

 

क्या दौरे के कार्यक्रम में होगा बदलाव?

अब तक ऐसी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है कि प्रधानमंत्री मोदी के ऑस्ट्रेलिया दौरे या सार्वजनिक कार्यक्रमों में किसी तरह का बदलाव किया जाएगा। सुरक्षा एजेंसियां हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और कार्यक्रम तय योजना के अनुसार ही होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि सुरक्षा व्यवस्था में अतिरिक्त इंतजाम जरूर किए जा सकते हैं। 

 

विदेशी दौरों पर सुरक्षा क्यों रहती है बेहद कड़ी?

जब किसी देश के प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति विदेश यात्रा पर जाते हैं, तो उनकी सुरक्षा सिर्फ उनके अपने देश की एजेंसियां ही नहीं संभालतीं। मेजबान देश की पुलिस, खुफिया एजेंसियां और विशेष सुरक्षा इकाइयां भी सुरक्षा व्यवस्था में शामिल रहती हैं। किसी भी तरह की धमकी मिलने पर उसकी तुरंत जांच की जाती है और खतरे के स्तर के अनुसार सुरक्षा बढ़ा दी जाती है। यही वजह है कि इस मामले को भी ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों ने गंभीरता से लिया है।

 

सोशल मीडिया पर बढ़ रही हैं सुरक्षा चुनौतियां

पिछले कुछ वर्षों में सोशल मीडिया पर धमकी भरे संदेशों के मामले दुनिया भर में बढ़े हैं। हालांकि हर ऑनलाइन पोस्ट वास्तविक खतरा साबित नहीं होती, लेकिन जब मामला किसी राष्ट्राध्यक्ष या प्रधानमंत्री की सुरक्षा से जुड़ा हो, तो एजेंसियां किसी भी टिप्पणी को हल्के में नहीं लेतीं। इसलिए ऐसी हर सूचना की जांच की जाती है और जरूरत पड़ने पर कानूनी कार्रवाई भी की जाती है।

 

भारत और ऑस्ट्रेलिया के रिश्तों पर नहीं पड़ेगा असर

एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस तरह की एकल घटनाओं का भारत और ऑस्ट्रेलिया के रणनीतिक संबंधों पर असर पड़ने की संभावना नहीं है। दोनों देशों के बीच पिछले कुछ सालों में रक्षा, व्यापार, शिक्षा और समुद्री सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग लगातार मजबूत हुआ है। ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ ने भी प्रधानमंत्री मोदी के दौरे से पहले उनका स्वागत करते हुए दोनों देशों की साझेदारी को और मजबूत बनाने की बात कही है। 

 

हमारी राय

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिली कथित ऑनलाइन धमकी निश्चित रूप से गंभीर मामला है और इसकी निष्पक्ष जांच होना जरूरी है। हालांकि अभी तक जांच पूरी नहीं हुई है, इसलिए किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। फिलहाल सबसे अहम बात यह है कि ऑस्ट्रेलियाई पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। ऐसे मामलों में आधिकारिक जांच पूरी होने तक केवल पुष्टि की गई जानकारी पर ही भरोसा करना सबसे उचित होता है।