आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में सुबह उठते ही तनाव और भागदौड़ शुरू हो जाती है। लेकिन कई लोग सुबह की आरती करके दिन की शुरुआत शांति, एकाग्रता और पॉजिटिव एनर्जी के साथ करते हैं। यह पुरानी परंपरा सिर्फ धार्मिक महत्व की नहीं है, बल्कि इससे मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होता है और शरीर में सकारात्मक बदलाव आते हैं। धर्म इसे आत्मिक शुद्धि और ईश्वर से जुड़ने का माध्यम मानता है, जबकि विज्ञान ध्वनि, कंपन, खुशबू और अन्य तत्वों के प्रभाव को साबित करता है। कई विशेषज्ञों का कहना है कि सुबह की आरती एक तरह का ध्यान है, जो स्ट्रेस कम करने और माइंड को शांत करने में बहुत मदद करता है।
धार्मिक महत्व और आध्यात्मिक फायदे
हिंदू धर्म में आरती को पूजा का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। पूजा के अंत में आरती करने से पूजा पूरी होती है और यह ईश्वर के प्रति समर्पण का प्रतीक है। आरती में दीये की लौ, घंटी, शंख और कपूर का इस्तेमाल होता है, जो घर में सकारात्मक ऊर्जा भरता है और नेगेटिव वाइब्रेशंस को दूर करता है। शास्त्रों के अनुसार आरती से मन शांत और पवित्र होता है, जो व्यक्ति को ईश्वर के करीब लाता है। आरती की लौ देखते समय आंखें खुद बंद हो जाती हैं, जो आंतरिक प्रकाश और आत्म-साक्षात्कार का संकेत देता है।
कई लोग मानते हैं कि इससे मनोकामनाएं पूरी होती हैं और दिन भर पॉजिटिव रहने में मदद मिलती है। आरती घर में सकारात्मक माहौल बनाती है। यह फैमिली को एक साथ लाती है और सब मिलकर आरती करने से बॉन्डिंग मजबूत होती है। यह दिन की शुरुआत ईश्वर के साथ जोड़कर तनावमुक्त बनाती है। सद्गुरु जैसे स्पिरिचुअल गुरु बताते हैं कि आग का इस्तेमाल आरती में इसलिए होता है क्योंकि यह एनर्जी का माध्यम है, जो व्यक्ति को डिवाइन से कनेक्ट करता है। आरती न सिर्फ स्पिरिचुअल पीस देती है, बल्कि नेगेटिव एनर्जी को जलाकर पॉजिटिविटी लाती है।
वैज्ञानिक दृष्टिकोण से आरती के फायदे
विज्ञान भी आरती के कई पहलुओं को सपोर्ट करता है। आरती में बजने वाली घंटी और शंख की ध्वनि विशेष फ्रीक्वेंसी पर काम करती है। घंटी की आवाज आमतौर पर 500 से 1000 हर्ट्ज के बीच होती है, जो ब्रेन के दोनों हिस्सों को एक साथ एक्टिवेट करती है। इससे ब्रेन वेव्स बीटा से अल्फा स्टेट में शिफ्ट होती हैं, जो ध्यान और रिलैक्सेशन की स्थिति पैदा करती है। यह ओवरथिंकिंग कम करती है और माइंड को फोकस करने में मदद करती है। शंख की ध्वनि भी इसी तरह कंपन पैदा करती है, जो नर्वस सिस्टम को शांत करती है और पॉजिटिव साइकोलॉजिकल वाइब्रेशंस बढ़ाती है। कपूर का इस्तेमाल आरती में बहुत आम है और इसका वैज्ञानिक आधार मजबूत है।
नैचुरल कपूर जलने पर एंटीसेप्टिक फ्यूम्स निकलते हैं, जो हवा को शुद्ध करते हैं और बैक्टीरिया, वायरस जैसे हानिकारक सूक्ष्मजीवों को कम करते हैं। कपूर की खुशबू सांस के जरिए शरीर में जाती है, जो सिरदर्द, कंजेशन और स्ट्रेस कम करने में मदद करती है। कई स्टडीज में पाया गया है कि कपूर का धुंआ एयर प्यूरीफायर की तरह काम करता है और नेगेटिव एनर्जी को भी दूर करता है। आरती की आग और धुंआ वातावरण को क्लीन रखता है, जो रेस्पिरेटरी हेल्थ के लिए अच्छा है। सुबह की आरती को मेडिटेशन का एक रूप माना जा सकता है। शांत जगह पर बैठकर मंत्र गाना, घंटी बजाना और लौ देखना माइंड को प्रेजेंट मोमेंट में लाता है। इससे कोर्टिसोल जैसे स्ट्रेस हार्मोन कम होते हैं और अल्फा ब्रेन वेव्स बढ़ती हैं। कई लोग रोजाना आरती करने से दिन भर एनर्जेटिक और पॉजिटिव महसूस करते हैं। यह रूटीन मेंटल हेल्थ के लिए फायदेमंद है, खासकर आज के समय में जब एंग्जायटी और डिप्रेशन के मामले बढ़ रहे हैं। ध्वनि थेरपी का यह तरीका ब्रेन को रिलैक्स करता है और इमोशनल बैलेंस बेहतर बनाता है।
आरती का पूरा अनुष्ठान होलिस्टिक तरीके से काम करता है। रिदमिक मूवमेंट्स, खुशबू और ध्वनि मिलकर बॉडी, माइंड और स्पिरिट को संतुलित करते हैं। इंसेंस और कपूर की खुशबू ओल्फैक्टरी सेंस को स्टिमुलेट करती है, जो रिलैक्सेशन बढ़ाती है। यह सब मिलकर एक ट्रांसफॉर्मेटिव एक्सपीरियंस देता है, जहां व्यक्ति स्पिरिचुअल और फिजिकल दोनों स्तर पर फायदा महसूस करता है।
आरती न सिर्फ व्यक्तिगत स्तर पर फायदेमंद है, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से भी महत्वपूर्ण है। कई घरों में यह परंपरा पीढ़ी दर पीढ़ी चलती आ रही है, जो परिवार में एकता और साझा मूल्यों को मजबूत करती है। आज के डिजिटल युग में जहां लोग अकेलापन महसूस करते हैं, सुबह की आरती एक ऐसा रिचुअल है जो लोगों को रूटीन में जोड़ता है और उन्हें ग्राउंडेड रखता है। कई न्यूट्रिशनिस्ट और साइकोलॉजिस्ट भी सलाह देते हैं कि अगर कोई व्यक्ति मेडिटेशन शुरू नहीं कर पा रहा है, तो आरती जैसे सरल रिचुअल से शुरुआत कर सकता है। यह बिना किसी खास तैयारी के माइंडफुलनेस प्रैक्टिस का आसान तरीका है। इससे नींद बेहतर होती है, दिन की शुरुआत पॉजिटिव होती है और कुल मिलाकर जीवन की क्वालिटी सुधरती है।









