WhatsApp दुनिया का सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला मैसेजिंग ऐप है। भारत में करोड़ों लोग रोजाना इससे चैट, कॉल, फोटो, वीडियो और जरूरी दस्तावेज शेयर करते हैं। लेकिन जैसे-जैसे इसका इस्तेमाल बढ़ा है, वैसे-वैसे अकाउंट हैक होने और ऑनलाइन फ्रॉड के मामले भी बढ़े हैं।
इसी खतरे को देखते हुए WhatsApp अब अपने यूजर्स के लिए एक बड़ा सिक्योरिटी फीचर लाने की तैयारी कर रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी जल्द ही Two-Step Verification में बड़ा बदलाव करने वाली है। अब तक जहां यूजर्स को 6 अंकों का PIN बनाना पड़ता था, वहीं आने वाले समय में उसकी जगह अल्फान्यूमेरिक पासवर्ड यानी अक्षरों और अंकों से बना मजबूत पासवर्ड इस्तेमाल करने का विकल्प मिल सकता है। इससे अकाउंट पहले के मुकाबले ज्यादा सुरक्षित हो जाएगा।
अभी कैसे काम करता है Two-Step Verification?
फिलहाल अगर आप WhatsApp में Two-Step Verification ऑन करते हैं, तो आपको 6 अंकों का एक PIN बनाना होता है। जब भी कोई आपके मोबाइल नंबर से किसी नए फोन में WhatsApp लॉगिन करने की कोशिश करता है, तो SMS OTP डालने के बाद यह PIN भी दर्ज करना पड़ता है। अगर PIN सही नहीं है, तो अकाउंट एक्सेस नहीं हो पाता। यह फीचर पहले से ही सुरक्षा की एक अतिरिक्त परत देता है, लेकिन सिर्फ 6 अंकों का PIN कई बार कमजोर साबित हो सकता है।
नया फीचर क्या होगा?
रिपोर्ट्स के अनुसार WhatsApp अब PIN की जगह पासवर्ड का विकल्प देने पर काम कर रहा है। यानी यूजर सिर्फ 6 अंक ही नहीं, बल्कि अक्षर, नंबर और जरूरत पड़ने पर दूसरे कैरेक्टर मिलाकर ज्यादा मजबूत पासवर्ड बना सकेगा। उदाहरण के लिए, 123456 जैसा PIN आसानी से अनुमान लगाया जा सकता है, लेकिन MyChat@2026 जैसा पासवर्ड तोड़ना काफी मुश्किल होगा।
इससे क्या फायदा होगा?
सबसे बड़ा फायदा अकाउंट की सुरक्षा बढ़ने का होगा।आजकल साइबर अपराधी कई तरीके अपनाते हैं। कभी फर्जी कॉल करके OTP मांगते हैं, तो कभी SIM Swap जैसी तकनीक का इस्तेमाल करते हैं। अगर किसी तरह OTP उनके हाथ लग भी जाए, तो मजबूत पासवर्ड की वजह से अकाउंट तक पहुंचना आसान नहीं होगा। यानी यह फीचर हैकर्स के लिए एक और बड़ी रुकावट बन सकता है।
SIM Swap फ्रॉड से भी मिलेगी सुरक्षा
SIM Swap एक ऐसा साइबर फ्रॉड है, जिसमें ठग मोबाइल नंबर को अपने कंट्रोल में लेने की कोशिश करते हैं। इसके बाद वे OTP हासिल करके अलग-अलग ऐप्स में लॉगिन करने की कोशिश करते हैं। अगर WhatsApp में मजबूत पासवर्ड लगा होगा, तो सिर्फ OTP मिलने से काम नहीं चलेगा। हैकर को पासवर्ड भी पता होना चाहिए, जिससे सुरक्षा पहले से बेहतर हो जाएगी।
क्या सभी लोगों को पासवर्ड बनाना होगा?
फिलहाल सामने आई जानकारी के मुताबिक यह फीचर ऑप्शनल रहेगा। यानी अगर कोई यूजर Two-Step Verification इस्तेमाल नहीं करना चाहता, तो पहले की तरह WhatsApp चला सकेगा। वहीं जो लोग अतिरिक्त सुरक्षा चाहते हैं, वे नया पासवर्ड सेट कर सकेंगे। यानी कंपनी इसे मजबूरी नहीं, बल्कि एक अतिरिक्त सुरक्षा विकल्प के तौर पर पेश कर सकती है।
कब मिलेगा यह फीचर?
अभी यह फीचर डेवलपमेंट और टेस्टिंग स्टेज में है। इसे सबसे पहले WhatsApp Beta यूजर्स के लिए जारी किया जा सकता है। अगर टेस्टिंग सफल रहती है, तो बाद में Android और iPhone के सभी यूजर्स तक इसे पहुंचाया जाएगा। हालांकि कंपनी ने अभी इसकी आधिकारिक लॉन्च डेट का ऐलान नहीं किया है।
मजबूत पासवर्ड कैसे बनाएं?
अगर यह फीचर आता है, तो पासवर्ड बनाते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी होगा।
- सिर्फ अपना नाम या जन्मतिथि न रखें
- लेटर्स और नंबर्स का इस्तेमाल करें
- आसान पासवर्ड जैसे 123456, abc123 या password से बचें
- पासवर्ड किसी के साथ शेयर न करें
- अलग-अलग ऐप्स के लिए अलग पासवर्ड रखें
ऐसा करने से आपका अकाउंट और ज्यादा सुरक्षित रहेगा।
अभी भी ये सिक्योरिटी फीचर जरूर ऑन करें
जब तक नया फीचर नहीं आता, तब तक भी WhatsApp में कई सुरक्षा विकल्प मौजूद हैं। आप Two-Step Verification जरूर ऑन करें। साथ ही ईमेल एड्रेस जोड़ें ताकि PIN भूलने पर उसे रिकवर किया जा सके। Chat Lock, Fingerprint Lock और Privacy Settings का भी इस्तेमाल करें। इससे आपकी चैट और अकाउंट दोनों ज्यादा सुरक्षित रहेंगे।
क्यों जरूरी है मजबूत सुरक्षा?
आज WhatsApp सिर्फ चैटिंग ऐप नहीं रह गया है।लोग इसी पर बैंक से जुड़े मैसेज, ऑफिस की फाइलें, निजी फोटो, जरूरी दस्तावेज और कई संवेदनशील जानकारियां शेयर करते हैं। ऐसे में अगर अकाउंट हैक हो जाए, तो सिर्फ चैट ही नहीं बल्कि निजी जानकारी भी गलत हाथों में जा सकती है। इसी वजह से Meta लगातार WhatsApp में नए सिक्योरिटी फीचर जोड़ रही है।
हमारी राय
WhatsApp का यह नया पासवर्ड फीचर यूजर्स की सुरक्षा को पहले से ज्यादा मजबूत बना सकता है। 6 अंकों के PIN की तुलना में अल्फान्यूमेरिक पासवर्ड का अनुमान लगाना काफी मुश्किल होता है, जिससे अकाउंट हैक होने का खतरा कम हो सकता है। हालांकि यह फीचर अभी टेस्टिंग चरण में है, लेकिन लॉन्च होने के बाद उन लोगों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकता है जो WhatsApp पर निजी और महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हैं। तब तक सभी यूजर्स को Two-Step Verification, ईमेल रिकवरी और दूसरे सिक्योरिटी फीचर्स का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए।









