बारिश और बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान सबसे बड़ी परेशानी सिर्फ सड़कें या बिजली नहीं होती, बल्कि मोबाइल नेटवर्क भी ठप हो जाता है। ऐसे समय में लोग अपने परिवार से संपर्क नहीं कर पाते और राहत-बचाव कार्य भी प्रभावित होता है। इसी समस्या से निपटने के लिए दूरसंचार विभाग (DoT) ने बड़ा कदम उठाया है।

भारी बारिश और बाढ़ से प्रभावित गुजरात, नागालैंड, दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव के कुछ इलाकों में DoT ने Intra Circle Roaming (ICR) सुविधा सक्रिय कर दी है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि अगर किसी एक टेलीकॉम कंपनी का नेटवर्क बंद हो जाए, तब भी लोग दूसरे ऑपरेटर के नेटवर्क के जरिए कॉल और जरूरी मोबाइल सेवाओं का इस्तेमाल कर सकें।

 

आखिर क्या है Intra Circle Roaming (ICR)?

आसान भाषा में समझें तो Intra Circle Roaming यानी ICR एक ऐसी व्यवस्था है, जिसमें किसी इलाके में अगर आपके मोबाइल कंपनी का नेटवर्क काम नहीं कर रहा है, तो आपका फोन उसी टेलीकॉम सर्किल के किसी दूसरे उपलब्ध नेटवर्क से जुड़ सकता है।

मान लीजिए आपके पास Jio का सिम है और बाढ़ की वजह से उस इलाके में Jio का टावर बंद हो गया है। अगर Airtel या BSNL का नेटवर्क चालू है, तो ICR की मदद से आपका फोन उस नेटवर्क से कनेक्ट हो सकता है। इससे जरूरी कॉल और संचार सेवाएं जारी रह सकती हैं।

 

किन इलाकों में शुरू की गई यह सुविधा?

दूरसंचार विभाग ने फिलहाल इस सुविधा को उन क्षेत्रों में लागू किया है जहां बाढ़ और भारी बारिश के कारण टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचा है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

  • नागालैंड का लॉन्गलेंग जिला
  • गुजरात का वलसाड जिला
  • दादरा एवं नगर हवेली
  • दमन

इन इलाकों में ऑप्टिकल फाइबर केबल कटने, टावर बंद होने और बिजली आपूर्ति बाधित होने से मोबाइल सेवाएं प्रभावित हुई थीं।

 

DoT को यह कदम क्यों उठाना पड़ा?

लगातार हो रही बारिश और बाढ़ के कारण कई मोबाइल टावर और फाइबर नेटवर्क प्रभावित हो गए। ऐसे में हजारों लोगों का अपने परिवार और प्रशासन से संपर्क टूटने का खतरा पैदा हो गया। इसी को देखते हुए DoT ने आपदा प्रबंधन के तहत तुरंत ICR लागू करने का फैसला लिया, ताकि राहत और बचाव कार्य में किसी तरह की संचार बाधा न आए।

 

आम लोगों को क्या फायदा होगा?

इस फैसले का सबसे बड़ा फायदा प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों को मिलेगा। अगर आपके मोबाइल ऑपरेटर का नेटवर्क बंद हो जाता है, तो भी पूरी तरह संपर्क नहीं टूटेगा। आप दूसरे उपलब्ध नेटवर्क के जरिए जरूरी कॉल कर सकेंगे और कई मामलों में मोबाइल सेवाओं का इस्तेमाल भी जारी रख पाएंगे। इससे राहत टीमों, डॉक्टरों, पुलिस, प्रशासन और आम नागरिकों के बीच संपर्क बनाए रखना आसान होगा।

 

फोन में क्या करना होगा?

अगर आपके इलाके में ICR लागू किया गया है, तो सबसे पहले यह सुनिश्चित करें कि आपके फोन में Automatic Network Selection ऑन हो। अगर फोन अपने आप दूसरे नेटवर्क से कनेक्ट नहीं होता, तो आप मैन्युअली भी नेटवर्क चुन सकते हैं। इससे फोन दूसरे उपलब्ध नेटवर्क से जुड़ सकता है। इसके लिए:

  • Settings में जाएं
  • Mobile Network या SIM Settings खोलें
  • Network Operators चुनें
  • Automatic Search बंद करके उपलब्ध नेटवर्क में से किसी दूसरे नेटवर्क को चुनें

 

कितने समय तक रहेगी यह सुविधा?

DoT ने फिलहाल इस व्यवस्था को 27 जुलाई 2026 की रात 11:59 बजे तक या अगले आदेश तक लागू रखने के निर्देश दिए हैं। अगर हालात सामान्य होने में ज्यादा समय लगता है, तो इसे आगे भी बढ़ाया जा सकता है।

 

क्या पूरे देश में लागू होती है ICR?

नहीं। यह सुविधा सामान्य दिनों में लागू नहीं रहती। इसे सिर्फ खास परिस्थितियों, जैसे बाढ़, भूस्खलन, चक्रवात या दूसरी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान सक्रिय किया जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि आपदा के समय संचार व्यवस्था बनाए रखना सबसे बड़ी प्राथमिकता होती है।

 

पहले भी किया जा चुका है इस्तेमाल

यह पहली बार नहीं है जब DoT ने ICR लागू किया है। इससे पहले अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा और अन्य आपदा प्रभावित इलाकों में भी इस सुविधा का इस्तेमाल किया जा चुका है। वहां भी इसका मकसद लोगों को वैकल्पिक मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध कराना था ताकि संचार पूरी तरह बंद न हो।

 

आपदा के समय संचार क्यों है सबसे जरूरी?

किसी भी प्राकृतिक आपदा के दौरान मोबाइल नेटवर्क सिर्फ बातचीत का माध्यम नहीं होता। इसी के जरिए लोग एम्बुलेंस बुलाते हैं, पुलिस से संपर्क करते हैं, परिवार को अपनी स्थिति बताते हैं और सरकारी अलर्ट प्राप्त करते हैं। अगर नेटवर्क पूरी तरह ठप हो जाए, तो राहत कार्य भी प्रभावित हो सकते हैं। यही वजह है कि DoT ने इस बार तेजी दिखाते हुए ICR जैसी व्यवस्था तुरंत लागू की।

 

हमारी राय

बाढ़ और भारी बारिश जैसी आपदाओं में मोबाइल नेटवर्क का चालू रहना बेहद जरूरी होता है। ऐसे समय में DoT की Intra Circle Roaming (ICR) पहल लाखों लोगों के लिए राहत का काम कर सकती है। अगर किसी एक टेलीकॉम कंपनी का नेटवर्क बंद भी हो जाए, तो दूसरे उपलब्ध नेटवर्क के जरिए जरूरी संपर्क बनाए रखा जा सकेगा। यह कदम सिर्फ तकनीकी सुविधा नहीं, बल्कि आपदा के समय लोगों की सुरक्षा और राहत कार्यों को मजबूत बनाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल है।