ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में AI-आधारित ड्राइविंग का क्रेज बढ़ता जा रहा है। अनुमान है कि अगले 10 सालों में AI-आधारित ड्राइविंग से सड़क नियमों को लेकर बड़े सकारात्मक बदलाव होंगे। एआई तकनीक कारों को न सिर्फ अधिक इंटेलिजेंट बनाएगी बल्कि सड़क पर होने वाली दुर्घटनाओं को भी कम करेगी।  

 

आज की इलेक्ट्रिक कारें बहुत सारे AI-फीचर्स की सुविधा दे रहे हैं। जैसे- ऑटोमैटिक ब्रेकिंग, लेन असिस्ट, क्रैश डिटेक्शन और स्मार्ट नेविगेशन। अगर सड़क पर अचानक कोई वाहन या राहगीर पैदल चलता हुआ सामने आ जाए तो AI खुद ब्रेक को एक्टिव कर देता है। इससे सड़क हादसे होने का खतरा कम हो जाता है। आने वाले 10 सालों में अनुमान लगाया जा रहा है कि एआई की मदद से सड़क हादसों में रिकॉर्ड कमी दर्ज की जाएगी। 

 

Autonomous Driving तकनीक भी तेजी से इलेक्ट्रिक कारों में प्रयोग की जा रही है। कुछ स्मार्ट कारें सड़क की स्थिति, ट्रैफिक सिग्नल और अन्य वाहनों का रीयल-टाइम एनालाइजिंग भी कर सकती हैं। इससे लंबी दूरी की ड्राइविंग अधिक आरामदायक हो जाएगी। AI स्मार्ट फीचर्स में अन्य चीजें भी सकारात्मक बदलाव लाएंगे। जैसे- पर्सनल असिस्टेंट, ऑटोमैटिक पार्किंग, रियल-टाइम ट्रैफिक अपडेट और स्मार्ट रूट प्लानिंग के जरिए और अच्छा ड्राइविंग कर पाएंगे। एआई ड्राइविंग से यातायात नियंत्रण बेहतर होगा और समय की बचत भी होगी।

 

अगले 10 सालों में होंगे ये सकारात्मक बदलाव 

 

विशेषज्ञों का मानना है कि अगले 10 सालों में AI-ड्राइविंग और इलेक्ट्रिक कारें के प्रयोग से सड़क सुरक्षा में सकारात्मक बदलाव होंगे। सड़क हादसों में कमी आएगी और आपका समय भी बचेगा। आने वाले समय में इलेक्ट्रिक कारों के विकास में भी ये महत्वपूर्ण भूमिका निभाने में मददगार साबित होगा। एआई के उपयोग से डिसएबल पर्सन को भी मदद होगी, उनका दिनचर्या का काम भी आसानी से हो जाएगा। अब वे भी एआई लैस इलेक्ट्रिक कारें चला सकने में सक्षम होंगे। ऐसे में एआई हमारे दिनचर्या को और भी आसान बना देगा।