मानसून का मौसम आते ही सड़कों पर गाड़ियों की रफ्तार और ड्राइविंग का तरीका दोनों बदल जाते हैं। बारिश में सड़कें गीली हो जाती हैं, विजिबिलिटी कम हो जाती है और फिसलन बढ़ जाती है। ऐसे में कार चलाते समय सिर्फ स्पीड कम रखना ही काफी नहीं होता, बल्कि गाड़ी की हालत भी बिल्कुल सही होनी चाहिए। खासकर कार के टायर, क्योंकि सड़क से कार का सीधा संपर्क सिर्फ टायर के जरिए ही होता है।
कई लोग बारिश शुरू होने के बाद भी टायर प्रेशर को नजरअंदाज कर देते हैं। उन्हें लगता है कि बस टायर में हवा होनी चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं है। टायर में हवा ज्यादा या कम दोनों ही स्थिति खतरनाक हो सकती है। सही टायर प्रेशर न सिर्फ आपकी सुरक्षा बढ़ाता है बल्कि कार की माइलेज और टायर की लाइफ पर भी असर डालता है।
मानसून में टायर प्रेशर क्यों हो जाता है जरूरी?
बारिश के मौसम में सड़क पर पानी की परत बन जाती है। अगर टायर सही तरीके से सड़क को पकड़ नहीं पाता तो कार फिसल सकती है। खासकर तेज रफ्तार में पानी भरी सड़क पर टायर और सड़क के बीच पकड़ कम होने से गाड़ी का कंट्रोल बिगड़ सकता है। इसे हाइड्रोप्लानिंग कहा जाता है।
ऐसे समय में टायर का सही प्रेशर कार की ग्रिप बनाए रखने में मदद करता है। अगर हवा बहुत कम होगी तो टायर ज्यादा दब जाएगा और सड़क पर उसका व्यवहार बदल जाएगा। वहीं अगर हवा जरूरत से ज्यादा होगी तो टायर का सड़क से संपर्क कम हो सकता है। इसलिए मानसून में निकलने से पहले टायर की जांच करना बहुत जरूरी हो जाता है।
कार में कितना टायर प्रेशर रखना चाहिए?
आमतौर पर कारों में 30 से 35 पीएसआई के बीच टायर प्रेशर सही माना जाता है, लेकिन यह हर कार के मॉडल और टायर साइज के हिसाब से अलग हो सकता है। कुछ कारों में यह ज्यादा या कम भी हो सकता है। कई एक्सपर्ट्स के अनुसार बारिश के मौसम में कुछ लोग सामान्य प्रेशर से 2 से 3 पीएसआई कम रखने की सलाह देते हैं ताकि सड़क पर पकड़ बेहतर हो सके। हालांकि सबसे सुरक्षित तरीका यही है कि कार कंपनी की बताई गई सेटिंग को फॉलो किया जाए। सही टायर प्रेशर की जानकारी आमतौर पर कार के ड्राइवर साइड दरवाजे के पास लगे स्टिकर या यूजर मैनुअल में मिल जाती है।
ज्यादा हवा भरने से क्या नुकसान हो सकता है?
कई बार लोग सोचते हैं कि टायर में ज्यादा हवा भरने से माइलेज बढ़ जाएगी, लेकिन ऐसा करना हमेशा सही नहीं होता। ज्यादा हवा होने पर टायर का सड़क से संपर्क कम हो सकता है। इससे बारिश में ब्रेक लगाने पर कार की पकड़ कमजोर हो सकती है। इसके अलावा टायर का बीच वाला हिस्सा ज्यादा घिस सकता है और ड्राइविंग आरामदायक नहीं रहती। ज्यादा हवा वाले टायर गड्ढों और खराब सड़कों पर ज्यादा झटके भी देते हैं, जिससे कार के सस्पेंशन पर भी असर पड़ सकता है।
कम हवा वाले टायर भी हैं खतरनाक
अगर टायर में हवा कम है तो भी समस्या बढ़ सकती है। कम हवा वाले टायर ज्यादा रगड़ पैदा करते हैं, जिससे इंजन पर ज्यादा दबाव पड़ सकता है और माइलेज कम हो सकती है। इसके अलावा टायर ज्यादा गर्म हो सकता है और लंबे सफर में खराब होने का खतरा बढ़ सकता है। कम प्रेशर की वजह से कार का बैलेंस भी प्रभावित हो सकता है और स्टीयरिंग भारी महसूस हो सकती है।
टायर प्रेशर कब चेक करना चाहिए?
टायर प्रेशर चेक करने का सबसे अच्छा समय तब होता है जब टायर ठंडे हों। यानी सुबह ड्राइव शुरू करने से पहले या गाड़ी कुछ घंटों से खड़ी हो। ऐसा इसलिए क्योंकि चलने के बाद टायर गर्म हो जाते हैं और अंदर की हवा फैल जाती है, जिससे रीडिंग सही नहीं आ सकती। अगर आप लंबी यात्रा पर जा रहे हैं तो निकलने से पहले टायर प्रेशर जरूर चेक कर लें।
सिर्फ हवा ही नहीं, टायर की हालत भी देखें
बारिश में सुरक्षित ड्राइविंग के लिए सिर्फ टायर प्रेशर सही होना काफी नहीं है। टायर का ट्रेड यानी उसकी पकड़ वाली सतह भी अच्छी हालत में होनी चाहिए।अगर टायर बहुत घिस चुका है तो पानी निकालने की क्षमता कम हो जाती है और गीली सड़क पर फिसलने का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा टायर में कट, दरार या कोई उभार दिखाई दे तो उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
TPMS फीचर कितना मददगार है?
आजकल कई नई कारों में टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम यानी टीपीएमएस दिया जाता है। यह सिस्टम ड्राइवर को टायर में हवा कम या ज्यादा होने की जानकारी देता रहता है। अगर आपकी कार में यह फीचर नहीं है तो भी समय-समय पर पेट्रोल पंप या सर्विस सेंटर पर टायर प्रेशर चेक करवाना अच्छी आदत है।
बारिश में ड्राइविंग के दौरान किन बातों का रखें ध्यान?
मानसून में कार चलाते समय अचानक ब्रेक लगाने से बचना चाहिए। गीली सड़क पर स्पीड कम रखें और सामने वाली गाड़ी से दूरी बनाए रखें। वाइपर, हेडलाइट और ब्रेक भी चेक कर लेना चाहिए क्योंकि बारिश में साफ दिखाई देना और सही समय पर गाड़ी रोक पाना बहुत जरूरी होता है।
हमारी राय
बारिश में कार चलाना आसान हो सकता है, लेकिन इसके लिए थोड़ी सावधानी जरूरी है। टायर प्रेशर जैसी छोटी चीज को नजरअंदाज करना कभी-कभी बड़ी परेशानी पैदा कर सकता है। मानसून में निकलने से पहले सिर्फ पेट्रोल और गाड़ी की सफाई पर ध्यान न दें, बल्कि टायर की हालत और हवा भी जरूर जांचें। सही टायर प्रेशर आपकी यात्रा को सुरक्षित, आरामदायक और परेशानी से दूर बना सकता है।









