भारत में इलेक्ट्रिक व्हीकल यानी EV की बिक्री लगातार बढ़ रही है। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच लोग इलेक्ट्रिक कार और स्कूटर की तरफ तेजी से रुख कर रहे हैं। लेकिन EV खरीदने वाले या खरीदने की सोच रहे लोगों के मन में एक सवाल अक्सर आता है कि अगर चार्जिंग के दौरान बैटरी पैक खराब हो जाए तो क्या होगा? आखिर बैटरी खराब क्यों होती है, इससे कैसे बचा जा सकता है और इसे ठीक कराने में कितना खर्च आता है? अगर आप भी EV इस्तेमाल करते हैं, तो इन सवालों के जवाब जानना आपके लिए बेहद जरूरी है।

 

EV का बैटरी पैक इतना अहम क्यों होता है?

इलेक्ट्रिक व्हीकल का सबसे महंगा और सबसे जरूरी हिस्सा उसका बैटरी पैक होता है। यही बैटरी गाड़ी को पावर देती है और उसकी रेंज तय करती है। यही वजह है कि अगर बैटरी पैक में कोई बड़ी खराबी आ जाए, तो उसे ठीक कराने या बदलवाने में अच्छा-खासा खर्च आ सकता है। कई मामलों में बैटरी की कीमत गाड़ी की कुल कीमत का बड़ा हिस्सा होती है।

 

चार्जिंग के दौरान बैटरी क्यों खराब हो सकती है?

बैटरी पैक खराब होने की कई वजहें हो सकती हैं। सबसे आम कारण है गलत तरीके से चार्जिंग करना। अगर बार-बार खराब या लोकल चार्जर का इस्तेमाल किया जाए, बार-बार ओवरचार्जिंग की जाए या बैटरी जरूरत से ज्यादा गर्म हो जाए, तो उसका असर बैटरी की सेहत पर पड़ सकता है। इसके अलावा चार्जिंग पोर्ट में नमी या गंदगी, बिजली के वोल्टेज में उतार-चढ़ाव और तकनीकी खराबी भी बैटरी को नुकसान पहुंचा सकती है। लगातार तेज गर्मी में चार्जिंग करने से भी बैटरी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।

 

फास्ट चार्जिंग हमेशा सही नहीं होती

आजकल ज्यादातर लोग समय बचाने के लिए फास्ट चार्जिंग का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि जरूरत पड़ने पर फास्ट चार्जिंग करना ठीक है, लेकिन अगर हर बार सिर्फ फास्ट चार्जर से ही बैटरी चार्ज की जाए, तो लंबे समय में बैटरी की लाइफ पर असर पड़ सकता है। विशेषज्ञ भी सलाह देते हैं कि रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए सामान्य चार्जिंग बेहतर मानी जाती है और फास्ट चार्जिंग का इस्तेमाल जरूरत पड़ने पर ही करना चाहिए।

 

किन गलतियों से बचना चाहिए?

कई लोग बैटरी को 0 प्रतिशत तक डिस्चार्ज होने देते हैं और फिर 100 प्रतिशत तक चार्ज करते हैं। ऐसा बार-बार करना बैटरी की उम्र कम कर सकता है। इसके अलावा लोकल या अनसर्टिफाइड चार्जर का इस्तेमाल, खुले में बारिश के दौरान चार्जिंग करना और खराब वायरिंग वाले सॉकेट से गाड़ी चार्ज करना भी जोखिम बढ़ा सकता है। इसलिए हमेशा कंपनी द्वारा सुझाए गए चार्जर और सुरक्षित बिजली कनेक्शन का ही इस्तेमाल करना चाहिए।

 

कैसे पहचानें कि बैटरी में दिक्कत आ रही है?

अगर आपकी EV पहले की तुलना में कम रेंज देने लगी है, चार्ज होने में ज्यादा समय लग रहा है, चार्जिंग बार-बार रुक रही है या डैशबोर्ड पर बैटरी से जुड़ी वार्निंग लाइट जल रही है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कई बार बैटरी जरूरत से ज्यादा गर्म होने लगती है या चार्जिंग के दौरान असामान्य व्यवहार करती है। ऐसे संकेत मिलने पर तुरंत अधिकृत सर्विस सेंटर में जांच करानी चाहिए।

 

बैटरी खराब होने पर कितना खर्च आ सकता है?

यह खर्च पूरी तरह इस बात पर निर्भर करता है कि बैटरी में छोटी खराबी है या पूरा बैटरी पैक बदलना पड़ेगा। अगर सिर्फ कुछ मॉड्यूल या कनेक्टर में दिक्कत है, तो मरम्मत का खर्च काफी कम हो सकता है। लेकिन अगर पूरा बैटरी पैक बदलना पड़े, तो खर्च बहुत ज्यादा हो सकता है। कई मामलों में बैटरी रिप्लेसमेंट EV का सबसे महंगा रिपेयर साबित होता है। इसी वजह से बैटरी की सही देखभाल करना बेहद जरूरी माना जाता है।

 

क्या हर खराब बैटरी बदलनी पड़ती है?

ऐसा बिल्कुल नहीं है। पहले ऐसा माना जाता था कि बैटरी खराब होने पर पूरा पैक बदलना ही एकमात्र विकल्प है। लेकिन अब कई कंपनियां बैटरी के खराब मॉड्यूल या सेल की मरम्मत या रिप्लेसमेंट की सुविधा भी देने लगी हैं। हालांकि यह सुविधा सभी मॉडल और सभी कंपनियों में एक जैसी नहीं होती। इसलिए बैटरी में दिक्कत आने पर पहले अधिकृत सर्विस सेंटर से जांच जरूर करानी चाहिए।

 

बैटरी को लंबे समय तक कैसे रखें सुरक्षित?

अगर आप चाहते हैं कि आपकी EV की बैटरी लंबे समय तक अच्छी चले, तो कुछ आसान आदतें अपनानी होंगी। कोशिश करें कि गाड़ी को बहुत ज्यादा गर्म धूप में लंबे समय तक चार्ज न करें। कंपनी द्वारा दिए गए चार्जर का ही इस्तेमाल करें। अगर गाड़ी कई दिनों तक इस्तेमाल नहीं करनी है, तो बैटरी को पूरी तरह खाली या पूरी तरह फुल चार्ज छोड़ने की बजाय मध्यम स्तर पर रखना बेहतर माना जाता है। समय-समय पर सर्विस करवाना और सॉफ्टवेयर अपडेट भी जरूरी हैं, क्योंकि कई बार बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम के अपडेट से भी बैटरी की परफॉर्मेंस बेहतर होती है।

 

क्या वारंटी में मिल सकता है फायदा?

ज्यादातर कंपनियां EV बैटरी पर कई सालों की वारंटी देती हैं। अगर वारंटी अवधि के दौरान बैटरी में निर्माण संबंधी कोई खराबी आती है, तो ग्राहक को राहत मिल सकती है। हालांकि गलत इस्तेमाल, दुर्घटना या बाहरी नुकसान जैसी स्थितियां वारंटी की शर्तों पर निर्भर करती हैं। इसलिए नई EV खरीदते समय बैटरी वारंटी की सभी शर्तें ध्यान से पढ़ना जरूरी है।

 

हमारी राय

EV का बैटरी पैक गाड़ी का सबसे अहम और सबसे महंगा हिस्सा होता है। इसलिए इसकी देखभाल में लापरवाही नहीं करनी चाहिए। सही चार्जिंग की आदतें, अधिकृत चार्जर का इस्तेमाल, समय पर सर्विस और बैटरी से जुड़े किसी भी वार्निंग साइन को नजरअंदाज न करना आपको बड़े खर्च से बचा सकता है। थोड़ी-सी सावधानी न सिर्फ बैटरी की लाइफ बढ़ाएगी, बल्कि आपकी इलेक्ट्रिक गाड़ी का प्रदर्शन भी लंबे समय तक बेहतर बनाए रखेगी।