अगर आपकी कार पहले शानदार माइलेज देती थी, लेकिन अब अचानक पेट्रोल या डीजल ज्यादा पीने लगी है, तो इसे हल्के में लेने की गलती बिल्कुल न करें। कई लोग सोचते हैं कि शायद पेट्रोल की क्वालिटी खराब होगी या ट्रैफिक ज्यादा होने की वजह से ऐसा हो रहा है। लेकिन कई बार इसके पीछे कार के कुछ पार्ट्स जिम्मेदार होते हैं। अगर समय रहते इन खराबियों को पकड़ लिया जाए, तो न सिर्फ माइलेज सुधर सकती है बल्कि बाद में होने वाला बड़ा खर्च भी बचाया जा सकता है।
सबसे पहले एयर फिल्टर चेक कराइए
कार के इंजन को सही तरीके से चलने के लिए साफ हवा की जरूरत होती है। यह काम एयर फिल्टर करता है। अगर एयर फिल्टर में धूल और गंदगी भर जाए, तो इंजन तक पर्याप्त हवा नहीं पहुंचती। ऐसे में इंजन को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है और ईंधन की खपत बढ़ जाती है। इसका सीधा असर माइलेज पर पड़ता है। अगर आपकी कार लंबे समय से सर्विस पर नहीं गई है, तो सबसे पहले एयर फिल्टर की जांच जरूर कराएं। कई बार सिर्फ इसे बदलने से ही माइलेज पहले जैसी हो जाती है।
स्पार्क प्लग खराब हो तो बढ़ जाएगा पेट्रोल का खर्च
पेट्रोल कार में स्पार्क प्लग बहुत अहम भूमिका निभाता है। यही ईंधन और हवा के मिश्रण को जलाने का काम करता है। अगर स्पार्क प्लग घिस जाए या ठीक से काम न करे, तो इंजन में फ्यूल पूरी तरह नहीं जलता। इसका नतीजा यह होता है कि कार ज्यादा पेट्रोल पीने लगती है और पिकअप भी कम हो जाता है। अगर कार स्टार्ट होने में दिक्कत आ रही है या इंजन झटके मार रहा है, तो स्पार्क प्लग जरूर चेक कराएं।
टायर में कम हवा भी बिगाड़ देती है खेल
अक्सर लोग इंजन पर तो ध्यान देते हैं, लेकिन टायरों को नजरअंदाज कर देते हैं। अगर टायर में हवा कम होगी, तो सड़क पर उसका रगड़ बढ़ जाएगा। इससे इंजन पर ज्यादा दबाव पड़ेगा और कार को चलाने के लिए ज्यादा ईंधन लगेगा। इसलिए हर 10-15 दिन में टायर प्रेशर जरूर चेक करें। सही हवा होने से माइलेज भी बेहतर रहती है और टायर की लाइफ भी बढ़ती है।
ऑक्सीजन सेंसर भी हो सकता है जिम्मेदार
नई कारों में ऑक्सीजन सेंसर इंजन को बताता है कि हवा और ईंधन का मिश्रण सही है या नहीं। अगर यह सेंसर खराब हो जाए, तो इंजन जरूरत से ज्यादा ईंधन इस्तेमाल करने लगता है। कई बार ड्राइवर को कोई बड़ी समस्या महसूस भी नहीं होती, लेकिन माइलेज धीरे-धीरे गिरने लगती है। इसलिए अगर अचानक माइलेज कम हो जाए, तो सर्विस सेंटर में सेंसर की जांच भी करवा लेनी चाहिए।
फ्यूल इंजेक्टर गंदा हो जाए तो दिक्कत तय
फ्यूल इंजेक्टर इंजन तक सही मात्रा में ईंधन पहुंचाता है।अगर इसमें कार्बन या गंदगी जमा हो जाए, तो ईंधन का स्प्रे सही तरीके से नहीं होता। इससे इंजन की परफॉर्मेंस भी गिरती है और माइलेज भी कम हो जाती है। नियमित सर्विस और अच्छी क्वालिटी का ईंधन इस्तेमाल करने से इस समस्या से काफी हद तक बचा जा सकता है।
इंजन ऑयल पुराना है तो भी बढ़ सकता है खर्च
कई लोग इंजन ऑयल समय पर नहीं बदलते। पुराना ऑयल गाढ़ा हो जाता है और इंजन के पार्ट्स को सही तरीके से लुब्रिकेट नहीं कर पाता। इससे इंजन को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है और फ्यूल की खपत बढ़ जाती है। कंपनी द्वारा बताए गए सर्विस इंटरवल के अनुसार इंजन ऑयल जरूर बदलवाएं।
ड्राइविंग स्टाइल भी कम नहीं है जिम्मेदार
हर बार खराब माइलेज के पीछे कोई पार्ट ही जिम्मेदार हो, ऐसा जरूरी नहीं। अगर आप बार-बार तेज एक्सीलरेटर दबाते हैं, अचानक ब्रेक लगाते हैं या लगातार हाई स्पीड पर कार चलाते हैं, तो माइलेज अपने आप कम होने लगती है। स्मूद ड्राइविंग न सिर्फ ईंधन बचाती है बल्कि इंजन और ब्रेक की लाइफ भी बढ़ाती है।
खराब फ्यूल की वजह से भी हो सकती है परेशानी
अगर आपने किसी अनजान पेट्रोल पंप से ईंधन भरवाया है और उसके बाद माइलेज कम हो गई है, तो ईंधन की गुणवत्ता भी एक वजह हो सकती है। खराब क्वालिटी का पेट्रोल या डीजल इंजन की परफॉर्मेंस पर असर डाल सकता है। इसलिए हमेशा भरोसेमंद पेट्रोल पंप से ही फ्यूल भरवाने की कोशिश करें।
समय पर सर्विस कराना क्यों जरूरी है?
कई लोग तब तक सर्विस नहीं कराते जब तक कार में कोई बड़ी दिक्कत न आ जाए। लेकिन नियमित सर्विस के दौरान मैकेनिक एयर फिल्टर, ऑयल, स्पार्क प्लग, ब्रेक, टायर और कई जरूरी पार्ट्स की जांच कर देता है। इससे छोटी खराबी समय रहते पकड़ में आ जाती है और बड़ा खर्च बच जाता है।
कब समझ जाएं कि अब मैकेनिक के पास जाना जरूरी है?
अगर कार की माइलेज अचानक बहुत ज्यादा गिर गई है, इंजन की आवाज पहले से अलग लग रही है, पिकअप कम हो गया है, धुआं ज्यादा निकल रहा है या डैशबोर्ड पर इंजन की चेतावनी वाली लाइट जल रही है, तो इंतजार न करें। ऐसी स्थिति में जल्द से जल्द किसी अच्छे सर्विस सेंटर पर कार की जांच कराना बेहतर रहेगा। छोटी समस्या को नजरअंदाज करने से बाद में इंजन रिपेयर पर हजारों रुपये खर्च हो सकते हैं।
हमारी राय
अगर आपकी कार पहले के मुकाबले अचानक ज्यादा फ्यूल खाने लगी है, तो सिर्फ पेट्रोल या डीजल को दोष देने की बजाय कार के जरूरी पार्ट्स की जांच भी कराएं। कई बार एयर फिल्टर, स्पार्क प्लग, टायर प्रेशर, ऑक्सीजन सेंसर या फ्यूल इंजेक्टर जैसी छोटी-छोटी चीजें ही बड़ी वजह बन जाती हैं। समय पर सर्विस, सही ड्राइविंग और अच्छी क्वालिटी का ईंधन न सिर्फ आपकी कार की माइलेज बेहतर रखेगा, बल्कि लंबे समय तक इंजन को भी स्वस्थ बनाए रखेगा।









