साउथ सुपरस्टार राम चरण की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘पेड्डी’ आखिरकार सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। पिछले कई महीनों से इस फिल्म को लेकर जबरदस्त चर्चा थी। RRR के बाद राम चरण के फैंस को एक ऐसी फिल्म का इंतजार था जो उनके स्टारडम को एक बार फिर बड़े पर्दे पर साबित कर सके। निर्देशक बुच्ची बाबू सना की इस फिल्म में स्पोर्ट्स, एक्शन, इमोशन, गांव की मिट्टी की खुशबू और बड़े पैमाने का ड्रामा देखने को मिलता है।
फिल्म में राम चरण के साथ जाह्नवी कपूर, शिव राजकुमार, जगपति बाबू और बोमन ईरानी जैसे कलाकार नजर आते हैं। रिलीज से पहले फिल्म ने एडवांस बुकिंग में शानदार कमाई की और इसी वजह से उम्मीदें भी काफी बढ़ गई थीं।
क्या है फिल्म की कहानी?
पेड्डी की कहानी एक गांव के ऐसे युवक की है जो अपनी पहचान और अपने लोगों के सम्मान के लिए संघर्ष करता है। कहानी में खेल को सिर्फ खेल की तरह नहीं बल्कि एक हथियार की तरह दिखाया गया है, जिसके जरिए गांव के लोग अपनी आवाज बुलंद करने की कोशिश करते हैं। फिल्म का बैकड्रॉप ग्रामीण है और इसमें गांव की राजनीति, सामाजिक संघर्ष और भावनात्मक रिश्तों को भी जोड़ा गया है।
निर्देशक ने कहानी को सिर्फ स्पोर्ट्स ड्रामा तक सीमित नहीं रखा। इसमें पहचान, सम्मान और अस्तित्व जैसे मुद्दों को भी शामिल किया गया है। यही वजह है कि फिल्म कई जगह सिर्फ मनोरंजन नहीं बल्कि एक सामाजिक संदेश देने की भी कोशिश करती है।
राम चरण पूरी फिल्म की जान हैं
अगर इस फिल्म की सबसे बड़ी ताकत की बात की जाए तो वह राम चरण हैं। उन्होंने "पेड्डी" के किरदार में खुद को पूरी तरह ढाल लिया है। उनका लुक, बॉडी लैंग्वेज, बोलने का अंदाज और भावनात्मक दृश्य काफी प्रभावशाली लगते हैं।
कई समीक्षकों और शुरुआती दर्शकों का मानना है कि यह राम चरण के करियर की सबसे दमदार परफॉर्मेंस में से एक हो सकती है। फिल्म में कई ऐसे दृश्य हैं जहां उनकी एक्टिंग सीधे दिल तक पहुंचती है। खासकर इमोशनल सीन्स में उन्होंने जबरदस्त काम किया है।
सोशल मीडिया पर भी सबसे ज्यादा तारीफ राम चरण की एक्टिंग को लेकर ही देखने को मिल रही है। कई दर्शकों का कहना है कि फिल्म में अगर कोई चीज शुरुआत से अंत तक मजबूती से खड़ी रहती है तो वह राम चरण की मौजूदगी है।
जाह्नवी कपूर को नहीं मिला ज्यादा मौका
फिल्म में जाह्नवी कपूर की मौजूदगी जरूर है, लेकिन उनका किरदार उतना मजबूत नजर नहीं आता जितनी उम्मीद की जा रही थी। कई समीक्षाओं में कहा गया है कि उनके किरदार का इस्तेमाल कहानी में सीमित तरीके से किया गया है।
रोमांटिक ट्रैक कुछ जगह अच्छा लगता है लेकिन कई बार ऐसा महसूस होता है कि इसे और बेहतर लिखा जा सकता था। जाह्नवी ने अपने हिस्से का काम ठीक किया है, लेकिन फिल्म पूरी तरह राम चरण के इर्द-गिर्द घूमती रहती है।
सपोर्टिंग कास्ट ने बढ़ाई फिल्म की ताकत
फिल्म में शिव राजकुमार और जगपति बाबू जैसे कलाकारों ने कहानी को मजबूती देने का काम किया है। खासकर कुछ महत्वपूर्ण दृश्यों में उनका प्रभाव साफ दिखाई देता है। जगपति बाबू का किरदार कहानी में तनाव पैदा करता है जबकि शिव राजकुमार कई जगह भावनात्मक गहराई जोड़ते हैं। हालांकि कुछ दर्शकों का मानना है कि सपोर्टिंग किरदारों को और ज्यादा स्क्रीन टाइम मिल सकता था। इसके बावजूद उनकी मौजूदगी फिल्म को बड़ा कैनवास देने में मदद करती है।
संगीत और बैकग्राउंड स्कोर शानदार
ए.आर. रहमान का संगीत फिल्म की बड़ी ताकतों में शामिल है। कई दर्शकों ने सोशल मीडिया पर फिल्म के बैकग्राउंड स्कोर की खुलकर तारीफ की है। बड़े एक्शन सीन्स और भावनात्मक पलों में संगीत प्रभाव को कई गुना बढ़ा देता है।
फिल्म के कुछ गाने पहले ही लोकप्रिय हो चुके थे और थिएटर में उनका असर भी साफ दिखाई देता है। रहमान का संगीत फिल्म के ग्रामीण माहौल के साथ अच्छी तरह फिट बैठता है।
फिल्म कहां कमजोर पड़ती है?
फिल्म की सबसे बड़ी कमजोरी इसकी लंबाई मानी जा रही है। करीब तीन घंटे से ज्यादा की अवधि वाली यह फिल्म कुछ जगहों पर खिंची हुई महसूस होती है। खासकर दूसरे हिस्से में कुछ दृश्य ऐसे लगते हैं जिन्हें छोटा किया जा सकता था।
इसके अलावा कहानी पूरी तरह नई नहीं लगती। कई दर्शकों को इसमें पहले देखी जा चुकी स्पोर्ट्स और गांव आधारित फिल्मों की झलक दिखाई देती है। सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने कहानी को अनुमान लगाने योग्य भी बताया है। कुछ दर्शकों को फिल्म के कुछ हिस्सों में लॉजिक की कमी भी महसूस हुई। हालांकि मास ऑडियंस के लिए ये बातें शायद ज्यादा मायने न रखें क्योंकि फिल्म भावनाओं और मनोरंजन के दम पर आगे बढ़ती है।
क्या फिल्म पैसा वसूल है?
अगर आप राम चरण के फैन हैं तो यह फिल्म आपके लिए जरूर बनी है। इसमें उनका दमदार अवतार, बड़े-बड़े इमोशनल सीन्स, एक्शन और स्पोर्ट्स ड्रामा सब कुछ मौजूद है। फिल्म में कई ऐसे पल आते हैं जो थिएटर में सीटियां और तालियां बटोर सकते हैं।
लेकिन अगर आप बिल्कुल नई कहानी या बहुत अलग तरह का सिनेमा देखने की उम्मीद लेकर जा रहे हैं तो शायद फिल्म आपको पूरी तरह चौंका न सके। इसके बावजूद यह एक अच्छी थिएटर फिल्म साबित होती है जो बड़े पर्दे पर देखने का अनुभव देती है।
हमारी राय
पेड्डी एक ऐसी फिल्म है जो अपनी कमियों के बावजूद असर छोड़ती है। इसकी सबसे बड़ी वजह राम चरण हैं, जिन्होंने अपने किरदार में पूरी ईमानदारी और मेहनत दिखाई है। फिल्म का संगीत, भावनात्मक दृश्य और ग्रामीण माहौल इसे खास बनाते हैं। हालांकि लंबी अवधि और कुछ पुराने लगने वाले प्लॉट पॉइंट्स इसकी रफ्तार को थोड़ा कमजोर करते हैं। कुल मिलाकर पेड्डी एक अच्छी मनोरंजक फिल्म है, जिसे खास तौर पर राम चरण के फैंस मिस नहीं करना चाहेंगे। अगर आप इमोशन, स्पोर्ट्स और मास एंटरटेनमेंट का मिश्रण पसंद करते हैं तो यह फिल्म आपके लिए पैसा वसूल साबित हो सकती है।









