शरीर में खुजली होना एक आम समस्या है जो कभी-कभी छोटी लगती है लेकिन यह रात की नींद तक खराब कर सकती है। यह सिर्फ त्वचा की बाहरी दिक्कत नहीं होती बल्कि शरीर के अंदर किसी कमी या बीमारी का संकेत भी हो सकती है। लोग अक्सर खुजली को लिवर की समस्या से जोड़ते हैं लेकिन कई मामलों में यह विटामिन की कमी से भी होती है।

 

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार खुजली को हल्के में नहीं लेना चाहिए क्योंकि यह शरीर में पोषक तत्वों की कमी की ओर इशारा करती है। जानकारों का कहना है कि समय पर इस समस्या पर ध्यान देने से बड़ी परेशानी से बचा जा सकता है।

 

खुजली होने के मुख्य कारण क्या हैं?

 

चिकित्सा विशेषज्ञों के मुताबिक शरीर में खुजली कई कारणों से हो सकती है। इसमें एलर्जी, त्वचा में सूखापन, फंगल संक्रमण, दाद, खाज, पित्ती या किसी खाने की चीज से एलर्जी शामिल है। इसके अलावा गंभीर बीमारियां जैसे किडनी या लिवर की समस्या, शुगर की बीमारी या थायरॉइड भी खुजली का कारण बन सकती हैं।

 

हालांकि पोषण की कमी भी एक बड़ा कारण है। विटामिन और मिनरल की कमी से त्वचा रूखी हो जाती है जो खुजली को बढ़ावा देती है। विशेषज्ञों का मानना है कि शरीर में पोषक तत्वों की सही मात्रा न होने से त्वचा की सेहत खराब होती है।

 

किन विटामिन की कमी से होती है खुजली?

 

स्वास्थ्य जानकारों के अनुसार शरीर में कुछ खास विटामिन की कमी से त्वचा पर खुजली, चकत्ते, सूखापन और जलन की शिकायत हो सकती है। मुख्य विटामिन इस तरह हैं: विटामिन ए त्वचा की सेहत के लिए बहुत जरूरी है। यह त्वचा को नम रखता है और संक्रमण से बचाता है। इसकी कमी से त्वचा बहुत रूखी, फटी और खुजली वाली हो जाती है। त्वचा पर पपड़ी पड़ सकती है और छूने पर जलन महसूस होती है। यह कमी बच्चों में ज्यादा देखी जाती है लेकिन बड़े लोग भी इससे प्रभावित हो सकते हैं।

 

विटामिन बी12 की कमी से त्वचा पर चकत्ते, जलन और हाथ पैरों में खुजली हो सकती है। यह कमी खून की कमी का भी कारण बनती है जिससे त्वचा पीली पड़ सकती है। शाकाहारी लोगों में यह कमी ज्यादा आम है क्योंकि यह विटामिन मुख्य रूप से जानवरों से मिलने वाले खाद्य पदार्थों में पाया जाता है।

 

विटामिन बी3 जिसे नियासिन भी कहते हैं इसकी कमी से त्वचा पर चकत्ते, घाव और तेज खुजली होती है। गंभीर कमी में पेलाग्रा नाम की बीमारी हो सकती है जिसमें त्वचा पर लाल काले धब्बे और जलन होती है। धूप में रहने पर यह समस्या और बढ़ जाती है।

 

विटामिन सी कोलेजन बनाने में मदद करता है जो त्वचा को मजबूत रखता है। इसकी कमी से त्वचा कमजोर हो जाती है, घाव जल्दी नहीं भरते और खुजली जलन बढ़ सकती है। यह विटामिन त्वचा की मरम्मत के लिए बहुत जरूरी होता है।

 

विटामिन ई एक मजबूत एंटीऑक्सीडेंट है। इसकी कमी से त्वचा सूखी, चिड़चिड़ी और खुजली वाली हो सकती है। यह त्वचा को नुकसान से बचाता है और उसे स्वस्थ रखने में मदद करता है। विटामिन के अलावा कैल्शियम या आयरन की कमी भी खुजली का कारण बन सकती है। आयरन की कमी से खून की कमी होती है जो त्वचा को प्रभावित करता है।

 

खुजली की जांच कैसे कराएं?

 

अगर खुजली लगातार बनी रहती है तो डॉक्टर से जांच करानी चाहिए। ब्लड टेस्ट से विटामिन का स्तर चेक किया जा सकता है। डॉक्टर विटामिन की गोलियां दे सकते हैं। खुद से ज्यादा विटामिन की गोलियां नहीं लेनी चाहिए क्योंकि इनकी अधिकता भी नुकसान पहुंचा सकती है।

 

खुजली से तुरंत राहत पाने के घरेलू उपाय

 

कैलामाइन लोशन का इस्तेमाल: यह लोशन त्वचा को ठंडक देता है और खुजली कम करता है। डॉक्टर भी इसकी सलाह देते हैं। प्रभावित जगह पर दिन में दो से तीन बार लगाना चाहिए।

 

एसेंशियल ऑयल से फायदा: लैवेंडर, पेपरमिंट या यूकेलिप्टस ऑयल में सूजन कम करने वाले गुण होते हैं। इन्हें नारियल तेल या किसी कैरियर ऑयल में मिलाकर लगाना चाहिए। इससे ठंडक मिलती है और खुजली दूर होती है।

 

बर्फ की सिकाई करें: बर्फ को कपड़े में लपेटकर प्रभावित जगह पर दस से पंद्रह मिनट तक रखना चाहिए। इससे जलन और सूजन कम होती है। गर्म पानी से नहाने से बचना चाहिए क्योंकि यह त्वचा को और रूखा बना सकता है।

 

ओटमील से नहाएं: कोलॉइडल ओटमील को पानी में मिलाकर नहाना चाहिए। यह त्वचा को शांत करता है और खुजली कम करता है। यह एक पुराना और असरदार घरेलू उपाय है।

 

नारियल तेल और एलोवेरा का प्रयोग: नारियल तेल में बैक्टीरिया खत्म करने वाले गुण होते हैं। एलोवेरा जेल त्वचा को ठंडक और नमी देता है। दोनों को नियमित रूप से लगाने से त्वचा की सेहत अच्छी रहती है।

 

मॉइस्चराइजर जरूर लगाएं: नहाने के तुरंत बाद अच्छा मॉइस्चराइजर लगाना चाहिए। इससे त्वचा रूखी नहीं होती और नमी बनी रहती है।

 

ठंडे पानी से नहाएं: गुनगुने या ठंडे पानी से नहाना चाहिए। गर्म पानी त्वचा को और रूखा बनाता है और खुजली की समस्या को बढ़ा सकता है।

 

खुजली से बचाव के लिए क्या करें?

 

संतुलित आहार लें। विटामिन ए के लिए गाजर, पपीता, पालक, आम खाना चाहिए। विटामिन बी12 के लिए दूध, अंडा, मछली लेनी चाहिए। विटामिन सी के लिए संतरा, नींबू, आंवला खाएं। विटामिन ई के लिए बादाम, सूरजमुखी के बीज शामिल करें। ज्यादा धूप में रहें लेकिन सनस्क्रीन जरूर लगाएं। त्वचा को साफ और नम रखना चाहिए। टाइट कपड़े नहीं पहनने चाहिए क्योंकि ये त्वचा को रगड़ सकते हैं।