गर्मी का मौसम इस बार कई इलाकों में रिकॉर्ड तोड़ तापमान लेकर आया है। तेज धूप, गर्म हवाएं और लगातार बढ़ती गर्मी का असर सिर्फ शरीर पर ही नहीं बल्कि आंखों पर भी पड़ता है। अक्सर लोग धूप से बचने के लिए पानी पीने, चेहरे को ढंकने और सनस्क्रीन लगाने पर ध्यान देते हैं, लेकिन आंखों की देखभाल को नजरअंदाज कर देते हैं।

आंखें हमारे शरीर का बेहद संवेदनशील हिस्सा हैं। ज्यादा गर्मी, धूल, प्रदूषण और तेज धूप की वजह से आंखों में जलन, सूखापन, लालपन और खुजली जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। कई बार लंबे समय तक लापरवाही बरतने से परेशानी और गंभीर भी हो सकती है। इसलिए गर्मियों में आंखों की अतिरिक्त देखभाल करना बहुत जरूरी हो जाता है।

 

गर्मी में आंखों पर क्यों पड़ता है ज्यादा असर?

गर्मियों में तापमान बढ़ने के साथ हवा में नमी कम हो जाती है। इसकी वजह से आंखों की सतह जल्दी सूखने लगती है। जब आंखों में पर्याप्त नमी नहीं रहती तो जलन, चुभन और असहजता महसूस होने लगती है।

इसके अलावा तेज धूप से निकलने वाली अल्ट्रावायलेट यानी UV किरणें भी आंखों को नुकसान पहुंचा सकती हैं। लंबे समय तक धूप में रहने से आंखों पर दबाव बढ़ता है और कई लोगों को सिरदर्द तक होने लगता है।

धूल और प्रदूषण भी इस मौसम में बड़ी समस्या बन जाते हैं। गर्म हवा के साथ उड़ने वाले छोटे-छोटे कण आंखों में जाकर संक्रमण और एलर्जी का कारण बन सकते हैं।

 

पर्याप्त पानी पीना है सबसे जरूरी

गर्मी में आंखों को स्वस्थ रखने के लिए सबसे आसान और जरूरी तरीका है शरीर को हाइड्रेट रखना। जब शरीर में पानी की कमी होती है तो इसका असर आंखों पर भी दिखाई देता है। डिहाइड्रेशन की वजह से आंखों में सूखापन बढ़ सकता है। इसलिए दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए। इसके अलावा नारियल पानी, नींबू पानी और अन्य तरल पदार्थ भी शरीर में पानी की कमी को पूरा करने में मदद कर सकते हैं। अगर शरीर अच्छी तरह हाइड्रेट रहेगा तो आंखों में प्राकृतिक नमी बनी रहेगी और सूखेपन की समस्या कम होगी।

 

धूप में निकलते समय सनग्लास जरूर पहनें

बहुत से लोग सनग्लास को सिर्फ फैशन का हिस्सा मानते हैं, लेकिन वास्तव में यह आंखों की सुरक्षा के लिए काफी जरूरी होता है। अच्छी गुणवत्ता वाले UV प्रोटेक्शन वाले सनग्लास सूरज की हानिकारक किरणों से आंखों को बचाने में मदद करते हैं। इससे आंखों पर सीधा दबाव कम पड़ता है और लंबे समय तक धूप में रहने पर भी परेशानी कम होती है। ध्यान रहे कि सस्ते और बिना UV सुरक्षा वाले चश्मे कई बार फायदा पहुंचाने के बजाय नुकसान भी कर सकते हैं। इसलिए हमेशा अच्छी गुणवत्ता वाले सनग्लास का चुनाव करना चाहिए।

 

आंखों को बार-बार न रगड़ें

गर्मी के मौसम में आंखों में खुजली या जलन होना आम बात है। ऐसे में कई लोग बार-बार आंखें रगड़ने लगते हैं।लेकिन ऐसा करना नुकसानदायक हो सकता है। हाथों पर मौजूद धूल, बैक्टीरिया और गंदगी आंखों में संक्रमण फैला सकते हैं। आंखों को रगड़ने से कॉर्निया पर भी दबाव पड़ता है। अगर आंखों में जलन महसूस हो रही है तो साफ पानी से धोना बेहतर विकल्प है। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से आई ड्रॉप का इस्तेमाल भी किया जा सकता है।

 

स्क्रीन टाइम पर भी रखें नजर

गर्मी की छुट्टियों में बच्चे और बड़े दोनों ही मोबाइल, लैपटॉप और टीवी पर ज्यादा समय बिताने लगते हैं। लगातार स्क्रीन देखने से आंखों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। जब हम लंबे समय तक स्क्रीन देखते हैं तो आंख झपकाने की संख्या कम हो जाती है। इससे आंखों में सूखापन और थकान बढ़ सकती है। एक्सपर्ट्स अक्सर 20-20-20 नियम अपनाने की सलाह देते हैं। यानी हर 20 मिनट बाद 20 सेकंड के लिए लगभग 20 फीट दूर किसी वस्तु को देखें। इससे आंखों को आराम मिलता है।

 

धूल और प्रदूषण से बचाव करें

गर्मियों में तेज हवाओं के साथ धूल उड़ना आम बात है। अगर आप बाहर निकल रहे हैं तो आंखों को धूल से बचाने की कोशिश करें। जरूरत पड़ने पर चश्मा पहन सकते हैं। बाइक चलाते समय हेलमेट का वाइजर इस्तेमाल करना भी फायदेमंद रहता है। अगर धूल आंखों में चली जाए तो आंखों को जोर से रगड़ने की बजाय साफ पानी से धोना चाहिए। इससे संक्रमण का खतरा कम हो जाता है।

 

पौष्टिक भोजन का भी है बड़ा रोल

आंखों की सेहत सिर्फ बाहरी देखभाल से नहीं बल्कि सही खानपान से भी जुड़ी होती है। हरी सब्जियां, गाजर, पपीता, आम, संतरा और विटामिन ए से भरपूर खाद्य पदार्थ आंखों के लिए फायदेमंद माने जाते हैं। इसके अलावा ओमेगा-3 फैटी एसिड वाले खाद्य पदार्थ भी आंखों की सेहत को बेहतर बनाए रखने में मदद करते हैं। संतुलित आहार आंखों को जरूरी पोषण देता है और उनकी कार्यक्षमता बनाए रखने में सहायक होता है।

 

कॉन्टैक्ट लेंस पहनने वाले रखें खास ध्यान

जो लोग कॉन्टैक्ट लेंस का इस्तेमाल करते हैं उन्हें गर्मियों में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। गर्मी और धूल की वजह से आंखों में संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए लेंस की सफाई का पूरा ध्यान रखना चाहिए।अगर आंखों में जलन, लालपन या दर्द महसूस हो तो कुछ समय के लिए लेंस पहनना बंद कर देना चाहिए और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

 

आंखों को पूरा आराम दें

जैसे शरीर को आराम की जरूरत होती है, वैसे ही आंखों को भी आराम चाहिए। रात में पर्याप्त नींद लेने से आंखों को आराम मिलता है और उनकी थकान कम होती है। नींद की कमी से आंखों में लालपन, सूजन और भारीपन महसूस हो सकता है।इसलिए कोशिश करें कि हर दिन पर्याप्त और अच्छी गुणवत्ता वाली नींद लें।

 

कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?

अगर आंखों में लगातार दर्द, धुंधला दिखाई देना, ज्यादा लालपन, सूजन या पानी आने जैसी समस्या बनी रहती है तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में तुरंत आंखों के विशेषज्ञ से संपर्क करना बेहतर होता है। समय पर जांच कराने से किसी भी गंभीर समस्या का पता जल्दी चल सकता है और इलाज आसान हो जाता है।

 

हमारी राय

गर्मियों में लोग अक्सर शरीर की देखभाल पर तो ध्यान देते हैं, लेकिन आंखों की सुरक्षा को भूल जाते हैं। जबकि तेज धूप, गर्म हवाएं और धूल आंखों पर सीधा असर डालती हैं। पर्याप्त पानी पीना, UV प्रोटेक्शन वाले सनग्लास पहनना, पौष्टिक भोजन लेना और स्क्रीन टाइम नियंत्रित रखना जैसी छोटी-छोटी आदतें आंखों को स्वस्थ रखने में बड़ी भूमिका निभा सकती हैं। अगर इन बातों का ध्यान रखा जाए तो भीषण गर्मी में भी आंखों को सुरक्षित और स्वस्थ रखा जा सकता है।