ज्यादातर लोग जब जिम जाना शुरू करते हैं तो उनका पूरा फोकस छाती, बाइसेप्स, शोल्डर और एब्स पर होता है। लेकिन शरीर का सबसे बड़ा और सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा यानी पैर अक्सर नजरअंदाज हो जाते हैं। यही वजह है कि कई लोगों की अपर बॉडी तो मजबूत दिखती है, लेकिन पैरों में ताकत और मसल्स की कमी साफ नजर आती है।
फिटनेस एक्सपर्ट्स का मानना है कि मजबूत पैरों के बिना न तो शरीर का संतुलन बेहतर बन सकता है और न ही आप पूरी तरह फिट माने जा सकते हैं। मजबूत जांघें और पिंडलियां न सिर्फ आपके लुक को बेहतर बनाती हैं, बल्कि दौड़ने, सीढ़ियां चढ़ने, वजन उठाने और रोजमर्रा के कई कामों को भी आसान बना देती हैं।
अगर आपके पैर पतले हैं या आप उन्हें मजबूत और मस्कुलर बनाना चाहते हैं, तो कुछ आसान लेकिन असरदार एक्सरसाइज आपकी काफी मदद कर सकती हैं। अच्छी बात यह है कि इनमें से कई एक्सरसाइज घर पर भी की जा सकती हैं और इसके लिए किसी महंगे उपकरण की जरूरत नहीं पड़ती।
पैरों की एक्सरसाइज क्यों जरूरी है?
शरीर की सबसे बड़ी मांसपेशियां पैरों में होती हैं। जब आप लेग वर्कआउट करते हैं तो सिर्फ पैर ही नहीं, बल्कि पूरा शरीर एक्टिव होता है। इससे कैलोरी ज्यादा बर्न होती है और शरीर की ताकत भी बढ़ती है।
विशेषज्ञों के अनुसार नियमित लेग ट्रेनिंग से शरीर का संतुलन बेहतर होता है, चोट लगने का खतरा कम होता है और खेलकूद या अन्य शारीरिक गतिविधियों में प्रदर्शन भी सुधरता है। यही वजह है कि पेशेवर एथलीट अपने वर्कआउट में लेग डे को सबसे ज्यादा महत्व देते हैं।
स्क्वैट्स से करें शुरुआत
अगर पैरों को मजबूत बनाने के लिए सिर्फ एक एक्सरसाइज चुननी हो तो ज्यादातर ट्रेनर स्क्वैट्स की सलाह देंगे। यह एक ऐसी एक्सरसाइज है जो जांघों, कूल्हों और ग्लूट्स पर एक साथ काम करती है।
स्क्वैट्स करने के लिए सीधे खड़े हो जाएं और पैरों के बीच कंधों जितनी दूरी रखें। अब धीरे-धीरे ऐसे नीचे बैठें जैसे आप किसी कुर्सी पर बैठने जा रहे हों। इसके बाद वापस ऊपर आ जाएं। शुरुआत में 10 से 15 रेप्स के तीन सेट किए जा सकते हैं। नियमित रूप से स्क्वैट्स करने पर पैरों की ताकत और मसल्स दोनों में सुधार देखने को मिलता है।
कैल्फ रेज से मजबूत बनें पिंडलियां
कई लोग जांघों पर तो ध्यान देते हैं लेकिन पिंडलियों यानी कैल्फ मसल्स को भूल जाते हैं। जबकि मजबूत और संतुलित पैरों के लिए पिंडलियों का विकास भी जरूरी है।
कैल्फ रेज करने के लिए सीधे खड़े हो जाएं और धीरे-धीरे अपने पंजों के बल ऊपर उठें। कुछ सेकंड रुकें और फिर वापस नीचे आ जाएं। यह एक्सरसाइज दिखने में आसान लगती है लेकिन नियमित अभ्यास से पिंडलियों की ताकत और आकार दोनों बढ़ सकते हैं। इसे घर, ऑफिस या जिम कहीं भी किया जा सकता है।
वॉल सिट से बढ़ेगी जांघों की ताकत
वॉल सिट एक ऐसी एक्सरसाइज है जिसमें ज्यादा मूवमेंट नहीं होती, लेकिन इसके बावजूद यह जांघों की मांसपेशियों पर काफी असर डालती है। इसे करने के लिए दीवार के सहारे ऐसे बैठें जैसे आप कुर्सी पर बैठे हों। घुटनों को लगभग 90 डिग्री के कोण पर रखें और इस स्थिति में कुछ सेकंड तक बने रहने की कोशिश करें।
शुरुआत में 20 से 30 सेकंड तक वॉल सिट किया जा सकता है। धीरे-धीरे समय बढ़ाकर एक मिनट या उससे ज्यादा तक पहुंचाया जा सकता है। इससे जांघों की ताकत और सहनशक्ति दोनों में सुधार आता है।
लंजेस से मिलेगा संतुलन और ताकत
लंजेस पैरों के लिए सबसे प्रभावी एक्सरसाइज में से एक मानी जाती है। यह जांघों, ग्लूट्स और कोर मसल्स पर एक साथ काम करती है। इसे करने के लिए एक पैर आगे बढ़ाएं और घुटने को मोड़ते हुए नीचे जाएं। फिर वापस शुरुआती स्थिति में लौटें और दूसरे पैर से यही प्रक्रिया दोहराएं। लंजेस करने से पैरों की ताकत बढ़ने के साथ-साथ शरीर का संतुलन भी बेहतर होता है। यही कारण है कि कई एथलीट इसे अपनी ट्रेनिंग का महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं।
स्टेप-अप्स भी हैं काफी असरदार
अगर आपके घर में सीढ़ियां हैं तो आप स्टेप-अप्स आसानी से कर सकते हैं। इसके लिए किसी मजबूत स्टेप या बेंच पर एक-एक करके पैर रखकर ऊपर चढ़ें और फिर नीचे उतरें।
यह एक्सरसाइज जांघों, पिंडलियों और ग्लूट्स को मजबूत बनाने में मदद करती है। साथ ही इससे स्टैमिना भी बढ़ता है। जो लोग दौड़ते हैं या खेलकूद में सक्रिय रहते हैं, उनके लिए यह एक्सरसाइज काफी उपयोगी मानी जाती है।
सिर्फ एक्सरसाइज नहीं, डाइट भी जरूरी
कई लोग नियमित वर्कआउट करते हैं लेकिन फिर भी मसल्स नहीं बन पातीं। इसकी एक बड़ी वजह सही डाइट का न होना है। मसल्स बनाने के लिए शरीर को पर्याप्त प्रोटीन की जरूरत होती है। इसलिए अपनी डाइट में दाल, अंडे, दूध, पनीर, सोया, चिकन और अन्य प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ शामिल करना जरूरी है। इसके अलावा पर्याप्त पानी पीना और अच्छी नींद लेना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। मसल्स का विकास ज्यादातर आराम और रिकवरी के दौरान ही होता है।
कितनी बार करना चाहिए लेग वर्कआउट?
फिटनेस एक्सपर्ट्स आमतौर पर सप्ताह में कम से कम दो बार लेग वर्कआउट करने की सलाह देते हैं। लगातार हर दिन एक ही मसल्स पर काम करना सही नहीं माना जाता क्योंकि मांसपेशियों को रिकवरी का समय भी चाहिए होता है। अगर आप शुरुआत कर रहे हैं तो हल्के वर्कआउट से शुरुआत करें और धीरे-धीरे तीव्रता बढ़ाएं। बहुत ज्यादा वजन या जरूरत से ज्यादा एक्सरसाइज करने से चोट लगने का खतरा बढ़ सकता है।
धैर्य रखना भी है जरूरी
पैरों की मांसपेशियां एक-दो हफ्तों में नहीं बनतीं। इसके लिए नियमित अभ्यास, सही खानपान और धैर्य की जरूरत होती है। कई लोग कुछ दिनों तक एक्सरसाइज करने के बाद रिजल्ट न दिखने पर छोड़ देते हैं। लेकिन फिटनेस विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार मेहनत करने पर कुछ महीनों में स्पष्ट बदलाव नजर आने लगते हैं।
हमारी राय
मजबूत पैर सिर्फ बेहतर लुक के लिए नहीं, बल्कि बेहतर स्वास्थ्य और फिटनेस के लिए भी जरूरी हैं। स्क्वैट्स, कैल्फ रेज, वॉल सिट, लंजेस और स्टेप-अप्स जैसी एक्सरसाइज बिना किसी जटिल उपकरण के भी पैरों को मजबूत बनाने में मदद कर सकती हैं। हालांकि केवल एक्सरसाइज करना काफी नहीं है। सही डाइट, पर्याप्त आराम और नियमित अभ्यास को भी उतना ही महत्व देना चाहिए। अगर इन तीनों चीजों का संतुलन बना लिया जाए, तो पतले और कमजोर पैर भी धीरे-धीरे मजबूत और फिट बन सकते हैं।









