पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे और अंतिम चरण की वोटिंग आज जारी है। इस चरण में कुल 142 विधानसभा सीटों पर मतदान हो रहा है, जो राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहम मानी जा रही हैं। पहले चरण में जहां कई क्षेत्रों में जबरदस्त मतदान देखने को मिला, वहीं दूसरे चरण में मुकाबला और भी ज्यादा दिलचस्प हो गया है। खास बात यह है कि इस चरण में कई ऐसी सीटें शामिल हैं जिन्हें 'हॉट सीट्स' माना जा रहा है, जहां बड़े नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है।

इस फेज के चुनाव में कोलकाता, उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना, हुगली, पूरी बर्धमान जैसी सीटों पर मतदान चल रहे हैं। इन सीटों पर न केवल राज्य की सियासत का भविष्य तय होगा, बल्कि यह भी साफ होगा कि तृणमूल कांग्रेस, बीजेपी, कांग्रेस और वाम दलों में किसकी पकड़ ज्यादा मजबूत है। अब देखते हैं इन सीटों में हॉट सीट्स कौन से हैं।

 

नादिया

नादिया जिले की 17 सीटें इस बार खास चर्चा में हैं। यहां पर टीएमसी, बीजेपी और वाम-कांग्रेस गठबंधन के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। इस क्षेत्र में धार्मिक और सामाजिक समीकरण काफी अहम भूमिका निभाते हैं, जिससे चुनाव और भी पेचीदा हो जाता है। पिछले चुनावों में यहां टीएमसी का दबदबा रहा है, लेकिन इस बार बीजेपी और वाम दलों ने भी पूरी ताकत झोंक दी है। मतदाताओं का रुझान किस ओर जाएगा, यह परिणाम आने के बाद ही साफ होगा, लेकिन फिलहाल नादिया की सीटें चुनावी विश्लेषकों की नजर में बनी हुई हैं।

 

भवानीपुर

भवानीपुर सीट इस चुनाव की सबसे चर्चित सीटों में से एक बन चुकी है। यहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी के बीच सीधी टक्कर मानी जा रही है। यह सीट हमेशा से टीएमसी का गढ़ रही है, लेकिन सुवेंदु अधिकारी के मैदान में उतरने से मुकाबला बेहद रोचक हो गया है। इस सीट पर नतीजा सिर्फ एक विधानसभा क्षेत्र का नहीं होगा, बल्कि यह पूरे राज्य की राजनीतिक दिशा को भी संकेत देगा।

 

कोलकाता पोर्ट

कोलकाता पोर्ट सीट पर टीएमसी के वरिष्ठ नेता फिरहाद हकीम चुनाव लड़ रहे हैं। यह सीट उनके लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई बन चुकी है, क्योंकि बीजेपी और वाम दलों ने यहां मजबूत उम्मीदवार उतारे हैं। शहरी वोटर्स, अल्पसंख्यक समुदाय और व्यापारिक वर्ग इस सीट के चुनावी समीकरण को प्रभावित करते हैं।nइसलिए यहां का मुकाबला काफी करीबी माना जा रहा है।

 

टॉलीगंज

टॉलीगंज सीट पर टीएमसी के अरूप बिस्वास की साख दांव पर लगी हुई है। यह इलाका कोलकाता का महत्वपूर्ण सांस्कृतिक और फिल्मी केंद्र भी माना जाता है, जिससे यहां का चुनाव और भी खास हो जाता है।बीजेपी और वाम दलों ने यहां मजबूत चुनौती पेश की है, जिससे मुकाबला त्रिकोणीय बन गया है। अरूप बिस्वास के लिए यह चुनाव सिर्फ जीत का नहीं, बल्कि अपनी राजनीतिक पकड़ बनाए रखने का भी है।

 

बालीगंज

बालीगंज सीट पर टीएमसी के सोवनदेब चट्टोपाध्याय चुनाव मैदान में हैं। यहां मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है, जिसमें बीजेपी और वाम-कांग्रेस गठबंधन दोनों ने अपनी पूरी ताकत लगा दी है।nयह सीट शहरी और शिक्षित मतदाताओं के कारण काफी संवेदनशील मानी जाती है। इसलिए यहां का परिणाम राजनीतिक दलों के लिए खास मायने रखेगा।

 

दमदम और दमदम उत्तर

दमदम और दमदम उत्तर सीटों पर टीएमसी के ब्रात्या बसु और चंद्रिमा भट्टाचार्य चुनाव लड़ रहे हैं। ये दोनों नेता पार्टी के बड़े चेहरे हैं, इसलिए इन सीटों पर मुकाबला काफी अहम हो गया है। बीजेपी और वाम दलों ने यहां अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए पूरी ताकत लगा दी है। इस वजह से यहां का चुनाव बेहद दिलचस्प हो गया है।

 

रासबिहारी और नौपाड़ा

रासबिहारी और नौपाड़ा सीटों पर बीजेपी ने बड़े चेहरों को उतारकर टीएमसी को सीधी चुनौती दी है। यहां बीजेपी की रणनीति साफ है, टीएमसी के मजबूत गढ़ों में सेंध लगाना। इन सीटों पर शहरी मतदाता और युवा वोटर्स का प्रभाव काफी ज्यादा है, जो चुनावी परिणाम को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए इन क्षेत्रों में मतदान का रुझान बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

 

दूसरे चरण का महत्व क्यों ज्यादा?

दूसरे चरण की 142 सीटें चुनाव के परिणाम को काफी हद तक तय कर सकती हैं। यहां शहरी और अर्ध-शहरी इलाकों का बड़ा हिस्सा शामिल है, जहां मतदाताओं का रुझान अक्सर निर्णायक साबित होता है। इसके अलावा इस चरण में कई बड़े नेता चुनाव मैदान में हैं, जिससे राजनीतिक दलों के लिए यह चरण बेहद अहम हो गया है।

 

वोटिंग प्रतिशत पर भी नजर

पहले चरण में 90% से ज्यादा मतदान हुआ था, जिसने सभी को चौंका दिया।bअब दूसरे चरण में भी उच्च मतदान की उम्मीद की जा रही है। अगर यहां भी रिकॉर्ड मतदान होता है, तो यह साफ संकेत होगा कि मतदाता इस बार बदलाव या स्थिरता के मुद्दे पर गंभीरता से वोट कर रहे हैं।

 

सुरक्षा और व्यवस्थाएं

चुनाव आयोग ने दूसरे चरण के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं। केंद्रीय बलों की तैनाती बढ़ाई गई है और संवेदनशील बूथों पर विशेष नजर रखी जा रही है।इसका मकसद है कि मतदान शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से हो सके।

 

किसके पक्ष में जाएगा जनादेश?

इस चरण के परिणाम यह तय करेंगे कि क्या टीएमसी अपना दबदबा बरकरार रख पाएगी या बीजेपी और वाम-कांग्रेस गठबंधन कोई बड़ा उलटफेर कर पाएंगे।हॉट सीट्स पर मुकाबले के नतीजे पूरे राज्य की राजनीति की दिशा तय कर सकते हैं। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 का दूसरा चरण बेहद अहम और रोमांचक बन चुका है।

142 सीटों पर हो रही वोटिंग में कई हॉट सीट्स पर बड़े नेताओं की साख दांव पर है। नादिया से लेकर भवानीपुर, कोलकाता पोर्ट, टॉलीगंज, बालीगंज, दमदम और रासबिहारी तक हर सीट पर मुकाबला दिलचस्प है।अब सभी की नजर चुनाव परिणामों पर टिकी है, जो यह तय करेंगे कि बंगाल की सत्ता किसके हाथ में जाएगी।