साल 2014 में जब नरेंद्र मोदी पहली बार देश के प्रधानमंत्री बने थे, तब उन्होंने 'सबका साथ, सबका विकास' का नारा दिया था। अब केंद्र में मोदी सरकार के 12 साल पूरे हो चुके हैं। इस दौरान सरकार ने कई ऐसी योजनाएं शुरू कीं जिनका असर गांवों, शहरों, किसानों, महिलाओं, गरीबों और मध्यम वर्ग तक देखने को मिला। सरकार का दावा है कि इन योजनाओं ने करोड़ों लोगों की जिंदगी को सीधे तौर पर प्रभावित किया है और विकास की दिशा को नई रफ्तार दी है।
इन 12 वर्षों में इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल सेवाओं, स्वास्थ्य, आवास, बैंकिंग और सामाजिक कल्याण जैसे क्षेत्रों में कई बड़े कार्यक्रम शुरू किए गए। आइए जानते हैं उन 12 प्रमुख योजनाओं के बारे में, जिनकी चर्चा सबसे ज्यादा हुई।
1- जन धन योजना ने बैंकिंग को घर-घर पहुंचाया
मोदी सरकार की सबसे चर्चित योजनाओं में से एक प्रधानमंत्री जन धन योजना रही। इस योजना का मकसद उन लोगों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ना था जिनके पास बैंक खाता नहीं था। लाखों नहीं बल्कि करोड़ों लोगों ने इसके जरिए पहली बार बैंक खाता खुलवाया। इसके बाद सरकारी सब्सिडी और अन्य लाभ सीधे खातों में पहुंचने लगे।
2- स्वच्छ भारत मिशन ने बदली सफाई की सोच
2 अक्टूबर 2014 को शुरू हुआ स्वच्छ भारत मिशन सिर्फ शौचालय निर्माण तक सीमित नहीं था। इसका उद्देश्य लोगों की सोच बदलना भी था। गांवों और शहरों में बड़े पैमाने पर शौचालय बनाए गए और खुले में शौच मुक्त भारत का लक्ष्य रखा गया। इस अभियान ने स्वच्छता को राष्ट्रीय चर्चा का विषय बना दिया।
3- उज्ज्वला योजना से धुएं से मिली राहत
ग्रामीण इलाकों में खाना बनाते समय लकड़ी और उपलों के धुएं से महिलाओं को कई स्वास्थ्य समस्याएं होती थीं। इसे देखते हुए प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना शुरू की गई। इस योजना के तहत गरीब परिवारों की महिलाओं को एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध कराया गया। इससे लाखों परिवारों को साफ ईंधन का विकल्प मिला।
4- आयुष्मान भारत बना गरीबों का सहारा
इलाज का खर्च कई परिवारों को आर्थिक संकट में डाल देता था। इसी चुनौती से निपटने के लिए आयुष्मान भारत योजना शुरू की गई। इसके तहत पात्र परिवारों को स्वास्थ्य बीमा का लाभ दिया गया ताकि गंभीर बीमारियों के इलाज का खर्च कम हो सके। आज यह दुनिया की सबसे बड़ी सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं में गिनी जाती है।
5- पीएम आवास योजना ने पक्के घर का सपना पूरा किया
देश में ऐसे करोड़ों परिवार थे जिनके पास पक्का घर नहीं था। प्रधानमंत्री आवास योजना का लक्ष्य ऐसे लोगों को आवास उपलब्ध कराना था। सरकार का दावा है कि लाखों परिवारों को इस योजना के तहत नए घर मिले हैं। इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में बदलाव देखने को मिला।
6- जल जीवन मिशन ने घर-घर पहुंचाया नल का पानी
एक समय था जब गांवों में पानी के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। जल जीवन मिशन के जरिए हर घर तक नल से जल पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया। पिछले कुछ वर्षों में इस योजना का विस्तार तेजी से हुआ और लाखों ग्रामीण परिवारों को पाइपलाइन से पानी मिलने लगा।
7- पीएम किसान सम्मान निधि से किसानों को मदद
किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आर्थिक सहायता देने के उद्देश्य से पीएम किसान सम्मान निधि योजना शुरू की गई। इसके तहत पात्र किसानों के खातों में सालाना आर्थिक सहायता सीधे भेजी जाती है। इस योजना का लाभ देश के करोड़ों किसान उठा रहे हैं।
8- डिजिटल इंडिया ने बदल दिया काम करने का तरीका
आज यूपीआई पेमेंट से लेकर ऑनलाइन सरकारी सेवाओं तक, डिजिटल इंडिया अभियान का असर हर जगह दिखाई देता है। इस पहल का उद्देश्य तकनीक को आम लोगों तक पहुंचाना था। डिजिटल भुगतान, ऑनलाइन दस्तावेज, ई-गवर्नेंस और इंटरनेट सेवाओं के विस्तार ने लोगों की जिंदगी काफी आसान बनाई है।
9- मेक इन इंडिया ने उत्पादन पर दिया जोर
देश को विनिर्माण क्षेत्र में मजबूत बनाने के लिए मेक इन इंडिया अभियान शुरू किया गया। इसका उद्देश्य भारत को मैन्युफैक्चरिंग हब बनाना और निवेश आकर्षित करना था। मोबाइल निर्माण से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन तक कई क्षेत्रों में वृद्धि दर्ज की गई।
10- स्टार्टअप इंडिया से युवाओं को मिला मंच
युवाओं को नौकरी खोजने वाला नहीं बल्कि नौकरी देने वाला बनाने के लिए स्टार्टअप इंडिया कार्यक्रम शुरू किया गया। इसके बाद देश में स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा मिला। टेक्नोलॉजी, फिनटेक, हेल्थकेयर और अन्य क्षेत्रों में हजारों नए स्टार्टअप सामने आए।
11- प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना बनी संकट में सहारा
कोरोना महामारी के दौरान शुरू हुई प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना ने करोड़ों जरूरतमंद परिवारों को मुफ्त राशन उपलब्ध कराया। सरकार का कहना है कि इस योजना ने मुश्किल समय में गरीबों को खाद्य सुरक्षा देने का काम किया।
12- इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर भी रहा जोर
पिछले 12 वर्षों में सड़क, एक्सप्रेसवे, रेलवे, एयरपोर्ट और मेट्रो नेटवर्क के विस्तार पर भी बड़ा निवेश किया गया। सरकार का दावा है कि बेहतर कनेक्टिविटी से आर्थिक गतिविधियों को गति मिली है और दूर-दराज के इलाकों तक विकास पहुंचा है।
इन योजनाओं का आम लोगों पर क्या असर पड़ा?
सरकार और उसके समर्थकों का मानना है कि इन योजनाओं ने वित्तीय समावेशन, स्वास्थ्य, आवास, स्वच्छता और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में बड़ा बदलाव लाया है। वहीं विपक्ष और कुछ आलोचकों का कहना है कि कई योजनाओं के क्रियान्वयन और जमीनी असर को लेकर अभी भी सवाल मौजूद हैं। बेरोजगारी, महंगाई और अन्य चुनौतियों पर भी बहस जारी है। लेकिन इसमें कोई दो राय नहीं कि इन योजनाओं ने देश की नीति और विकास की चर्चा को काफी हद तक प्रभावित किया है। आज जन धन, उज्ज्वला, आयुष्मान भारत, पीएम आवास और डिजिटल इंडिया जैसी योजनाएं राष्ट्रीय स्तर पर पहचानी जाने लगी हैं।
हमारी राय
मोदी सरकार के 12 साल का सबसे बड़ा पहलू यह रहा कि कई योजनाओं को सीधे आम लोगों तक पहुंचाने की कोशिश की गई। बैंक खाते से लेकर स्वास्थ्य बीमा, मुफ्त राशन, आवास और नल के पानी जैसी सुविधाओं को बड़े स्तर पर लागू किया गया। हालांकि किसी भी सरकार की योजनाओं की सफलता का असली पैमाना उनका जमीनी असर और दीर्घकालिक परिणाम होते हैं। आने वाले वर्षों में यह और स्पष्ट होगा कि इन योजनाओं ने भारत के विकास मॉडल को कितनी स्थायी मजबूती दी है, लेकिन इतना जरूर कहा जा सकता है कि पिछले 12 वर्षों में इन योजनाओं ने देश की विकास यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।









