आईपीएल 2026 का सीजन जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है, रोमांच अपनी चरम सीमा पर है। इसी बीच 20 अप्रैल 2026 को गुजरात टाइटंस के खिलाफ खेले गए मैच में मुंबई इंडियंस (MI) ने सबको चौंकाते हुए अपनी प्लेइंग इलेवन में दो बिल्कुल नए खिलाड़ियों को शामिल किया। ये नाम हैं, कृष्ण भगत और दानिश मालेवार।
दिलचस्प बात यह है कि इन दोनों ही खिलाड़ियों ने इससे पहले कभी कोई पेशेवर टी20 मैच नहीं खेला था, लेकिन मुंबई इंडियंस के प्रबंधन ने उनकी प्रतिभा पर भरोसा जताया और उन्हें सीधे दुनिया की सबसे बड़ी क्रिकेट लीग के मंच पर उतार दिया।
मुंबई इंडियंस हमेशा से ही युवा प्रतिभाओं को तलाशने और उन्हें तराशने के लिए जानी जाती है। हार्दिक पांड्या, जसप्रीत बुमराह और तिलक वर्मा जैसे सितारे इसी टीम की खोज रहे हैं। अब कृष्ण भगत और दानिश मालेवार के रूप में दो नए सितारों के उदय की उम्मीद की जा रही है। जहाँ दानिश मालेवार विदर्भ से आने वाले एक शानदार बल्लेबाज हैं, वहीं कृष्ण भगत पंजाब के जालंधर से ताल्लुक रखने वाले एक ऑलराउंडर हैं। इन दोनों खिलाड़ियों का चयन टीम में कुछ बदलावों और चोटिल खिलाड़ियों के विकल्प के तौर पर हुआ है, लेकिन उनकी काबिलियत उन्हें इस मुकाम तक लेकर आई है।
कृष्ण भगत का जालंधर से IPL तक का सफर
कृष्ण भगत की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। 21 साल के कृष्ण पंजाब के जालंधर के रहने वाले हैं और उनके परिवार का राजनीति से गहरा नाता है। वह जालंधर वेस्ट से विधायक और पंजाब सरकार में मंत्री मोहिंदर भगत के भतीजे हैं। उनके दादा भगत चुन्नी लाल भी पंजाब के पूर्व मंत्री रह चुके हैं। इतने प्रभावशाली परिवार से आने के बावजूद कृष्ण ने अपनी पहचान क्रिकेट के मैदान पर मेहनत के दम पर बनाई है। उनके पिता अश्विनी भगत, जो खुद एक स्पोर्ट्स गुड्स का व्यवसाय चलाते हैं, बताते हैं कि कृष्ण को बचपन से ही खेल का जुनून था।
कृष्ण भगत के करियर में एक समय ऐसा भी आया जब उनकी रीढ़ की हड्डी (Spinal Cord) में गंभीर चोट लग गई थी। यह एक ऐसी चोट थी जो किसी भी एथलीट का करियर खत्म कर सकती थी। डॉक्टरों और कई जानकारों को लगा कि शायद कृष्ण अब दोबारा मैदान पर नहीं उतर पाएंगे। लेकिन कृष्ण ने हार नहीं मानी।
उन्होंने एक लंबे और कठिन पुनर्वास (Rehabilitation) दौर से खुद को गुजारा और मानसिक मजबूती के साथ मैदान पर वापसी की। वापसी के बाद उन्होंने कूच बिहार ट्रॉफी और कर्नल सीके नायडू ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन किया, जहाँ उन्होंने 30 विकेट चटकाने के साथ-साथ बल्ले से भी जौहर दिखाया। उनकी इसी जुझारू प्रवृत्ति ने मुंबई इंडियंस के स्काउट्स का ध्यान खींचा।
मुंबई इंडियंस के साथ पुराना नाता
कृष्ण भगत मुंबई इंडियंस के लिए कोई पूरी तरह नए नाम नहीं थे। वह पिछले दो सालों से मुंबई इंडियंस के ट्रायल का हिस्सा रहे हैं। वह प्री-सीजन कैंप में सपोर्ट गेंदबाज के तौर पर टीम के साथ जुड़े हुए थे और उन्होंने रिलायंस की टीम के लिए डीवाई पाटिल टी20 कप 2026 में भी हिस्सा लिया था। जब मुंबई इंडियंस के खिलाड़ी अथर्व अंकोलेकर चोट के कारण पूरे सीजन से बाहर हो गए, तो टीम मैनेजमेंट ने बिना देर किए कृष्ण भगत को 30 लाख रुपये के बेस प्राइस पर उनके रिप्लेसमेंट के तौर पर शामिल कर लिया।
कृष्ण एक 'सीम बॉलिंग ऑलराउंडर' हैं, जो तेज गेंदबाजी के साथ-साथ निचले क्रम में आकर लंबे शॉट लगाने की क्षमता रखते हैं। घरेलू क्रिकेट में पंजाब के लिए खेलते हुए उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी में उत्तराखंड के खिलाफ नंबर 8 पर बल्लेबाजी करते हुए 51 रनों की शानदार पारी खेली थी। उनकी गेंदबाजी में सटीकता है और वह जसप्रीत बुमराह जैसे अनुभवी गेंदबाजों के साथ रहकर अपनी कला को और निखार रहे हैं। जालंधर के लव्ली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) के छात्र कृष्ण के लिए यह डेब्यू मैच न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे पंजाब के लिए गर्व का क्षण है।
दानिश मालेवार: जिसने रणजी में मचाया धमाल
कृष्ण भगत के साथ ही डेब्यू करने वाले दूसरे खिलाड़ी दानिश मालेवार भी चर्चा का केंद्र बने हुए हैं। 22 साल के दानिश नागपुर, विदर्भ से आते हैं और वह एक दाएं हाथ के टॉप ऑर्डर बल्लेबाज हैं। दानिश की सबसे बड़ी खासियत उनकी तकनीक और लंबी पारियां खेलने की क्षमता है। उन्होंने अक्टूबर 2024 में विदर्भ के लिए अपना प्रथम श्रेणी (First-Class) डेब्यू किया था और तब से उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। 15 प्रथम श्रेणी मैचों में लगभग 50 की औसत से 1285 रन बनाना उनकी काबिलियत को दर्शाता है।
दानिश मालेवार का नाम तब सबसे ज्यादा सुर्खियों में आया जब उन्होंने 2025-26 के दलीप ट्रॉफी सीजन में अपने पहले ही दिन नाबाद 198 रनों की पारी खेली थी। हालांकि, उस मैच में वह भारतीय क्रिकेट इतिहास के 81 सालों में 'रिटायर्ड आउट' होने वाले पहले खिलाड़ी भी बने, जो एक दिलचस्प रिकॉर्ड है। आईपीएल 2026 की नीलामी में मुंबई इंडियंस ने उन्हें 30 लाख रुपये में खरीदा था। भले ही उन्होंने कोई आधिकारिक टी20 मैच नहीं खेला था, लेकिन विदर्भ प्रो टी20 लीग में उन्होंने 6 पारियों में 318 रन बनाकर अपनी टी20 काबिलियत साबित कर दी थी।
युवाओं को मौका और मुंबई इंडियंस की रणनीति
मुंबई इंडियंस के कप्तान हार्दिक पांड्या और कोच मार्क बाउचर ने इन दोनों युवाओं को प्लेइंग इलेवन में शामिल करके एक बड़ा संदेश दिया है। टीम इस समय अंक तालिका में संघर्ष कर रही है और ऐसे में नए खून को मौका देना एक साहसी फैसला माना जा रहा है। कृष्ण भगत जहाँ टीम को गेंदबाजी में गहराई प्रदान करते हैं, वहीं दानिश मालेवार बल्लेबाजी क्रम को मजबूती देते हैं। इन दोनों ही खिलाड़ियों को रोहित शर्मा और सूर्यकुमार यादव जैसे दिग्गजों के साथ ड्रेसिंग रूम साझा करने का मौका मिल रहा है, जो उनके भविष्य के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि कृष्ण भगत जैसे ऑलराउंडर भारतीय क्रिकेट के लिए बहुत जरूरी हैं। उनकी कहानी उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा है जो चोट या मुश्किल हालातों के कारण अपने सपनों को छोड़ देते हैं। जालंधर के गलियों से निकलकर नरेंद्र मोदी स्टेडियम, अहमदाबाद के विशाल मैदान तक पहुंचने का सफर कृष्ण की मेहनत और मुंबई इंडियंस के दूरदर्शी विजन का परिणाम है। अब देखना यह होगा कि ये दोनों 'रुकी' खिलाड़ी इस सुनहरे मौके को कितनी बड़ी सफलता में तब्दील कर पाते हैं।
कृष्ण भगत और दानिश मालेवार का आईपीएल डेब्यू इस बात का प्रमाण है कि मेहनत और सही दिशा में किए गए प्रयास कभी बेकार नहीं जाते। कृष्ण भगत ने अपनी रीढ़ की हड्डी की चोट को हराकर और दानिश ने घरेलू क्रिकेट में रनों का अंबार लगाकर अपनी जगह बनाई है। जालंधर के विधायक मोहिंदर भगत के घर में आज जश्न का माहौल है, तो विदर्भ के क्रिकेट प्रेमी दानिश की बल्लेबाजी के मुरीद हो रहे हैं। आईपीएल का यह सीजन इन दोनों ही खिलाड़ियों के करियर को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकता है। मुंबई इंडियंस ने अपनी नर्सरी से दो और पौधे रोपे हैं, जो आने वाले समय में भारतीय क्रिकेट के विशाल वटवृक्ष बन सकते हैं।









