भारत और अफगानिस्तान के बीच खेली जा रही तीन मैचों की वनडे सीरीज का तीसरा और आखिरी मुकाबला चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेला गया। इस मुकाबले में टीम इंडिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अफगानिस्तान को 9 विकेट से हरा दिया और सीरीज पर 3-0 से कब्जा कर लिया। भारत के गेंदबाजों और बल्लेबाजों ने मिलकर ऐसा प्रदर्शन किया कि अफगानिस्तान की टीम बड़ा स्कोर खड़ा नहीं कर पाई और भारतीय बल्लेबाजों ने लक्ष्य को आसानी से हासिल कर लिया।
इस मैच में अफगानिस्तान ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया था, लेकिन भारतीय गेंदबाजों के सामने उनकी शुरुआत अच्छी नहीं रही। अफगानिस्तान की टीम 44.2 ओवर में 218 रन पर ऑलआउट हो गई। जवाब में भारत ने 28.4 ओवर में सिर्फ एक विकेट गंवाकर 224 रन बना लिए और मुकाबला अपने नाम कर लिया।
अफगानिस्तान की शुरुआत रही खराब
पहले बल्लेबाजी करने उतरी अफगानिस्तान टीम को शुरुआत से ही मुश्किलों का सामना करना पड़ा। भारतीय तेज गेंदबाजों ने नई गेंद से शानदार गेंदबाजी करते हुए अफगान बल्लेबाजों पर दबाव बना दिया। अफगानिस्तान के शुरुआती विकेट जल्दी गिर गए, जिसके बाद टीम को संभलकर खेलने की जरूरत थी।
हालांकि कप्तान हशमतुल्लाह शाहिदी ने एक छोर संभाले रखा और शानदार बल्लेबाजी करते हुए अपना पहला वनडे शतक पूरा किया। उन्होंने 102 रनों की पारी खेलकर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाने की कोशिश की। यह उनके करियर का खास पल रहा क्योंकि लंबे इंतजार के बाद उन्होंने वनडे क्रिकेट में अपना पहला शतक लगाया।
लेकिन दूसरे छोर से उन्हें ज्यादा सहयोग नहीं मिल पाया। अफगानिस्तान के बाकी बल्लेबाज भारतीय गेंदबाजी के सामने ज्यादा देर टिक नहीं सके। भारत की सटीक लाइन और लेंथ के कारण अफगान बल्लेबाज खुलकर शॉट नहीं खेल पाए और पूरी टीम 218 रन पर सिमट गई।
प्रसिद्ध कृष्णा ने बरपाया कहर
भारत की तरफ से गेंदबाजी में प्रसिद्ध कृष्णा सबसे ज्यादा प्रभावी रहे। उन्होंने शानदार गेंदबाजी करते हुए अफगानिस्तान के बल्लेबाजी क्रम को तोड़ दिया। उनकी तेज गेंदों और सटीक गेंदबाजी के सामने अफगान बल्लेबाज परेशान नजर आए।
प्रसिद्ध कृष्णा ने इस मुकाबले में पांच विकेट लेकर भारत की जीत की नींव रख दी। उनके अलावा बाकी गेंदबाजों ने भी अच्छा साथ दिया और अफगानिस्तान को बड़ा स्कोर बनाने से रोक दिया।
भारतीय गेंदबाजी की सबसे अच्छी बात यह रही कि टीम ने लगातार दबाव बनाए रखा। बीच के ओवरों में भी अफगान बल्लेबाजों को रन बनाने के ज्यादा मौके नहीं मिले और विकेट गिरते रहे।
यशस्वी जायसवाल और रोहित शर्मा ने आसान बनाया टार्गेट
219 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज दिखाया। कप्तान रोहित शर्मा और यशस्वी जायसवाल ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए अफगान गेंदबाजों पर दबाव बना दिया। दोनों बल्लेबाजों ने तेजी से रन बनाए और टीम को मजबूत शुरुआत दी। रोहित शर्मा ने अपने अनुभव का इस्तेमाल करते हुए शानदार पारी खेली, वहीं यशस्वी जायसवाल ने भी आत्मविश्वास से भरी बल्लेबाजी की। दोनों ने मिलकर भारत को जीत की राह पर काफी आगे पहुंचा दिया।
भारतीय टीम की बल्लेबाजी इतनी मजबूत रही कि बड़े लक्ष्य का पीछा करने में कोई परेशानी नहीं हुई। शुरुआती साझेदारी ने ही मैच का रुख भारत के पक्ष में कर दिया।
टीम इंडिया ने सीरीज में दिखाया दबदबा
इस पूरी वनडे सीरीज में भारतीय टीम का प्रदर्शन काफी शानदार रहा। पहले मैच से लेकर तीसरे मुकाबले तक भारत ने बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में अफगानिस्तान पर दबाव बनाए रखा।
सीरीज के पहले दो मुकाबलों में भी भारत ने शानदार जीत दर्ज की थी। तीसरे मैच में जीत के साथ भारत ने अफगानिस्तान का 3-0 से सफाया कर दिया। इस सीरीज में टीम इंडिया के युवा खिलाड़ियों को भी मौका मिला और उन्होंने अपनी क्षमता दिखाई।
चेन्नई की पिच पर दिखा गेंदबाजों का असर
चेन्नई की पिच हमेशा से स्पिन और धीमी गेंदबाजों के लिए मददगार मानी जाती है, लेकिन इस मुकाबले में तेज गेंदबाजों ने भी अपना असर दिखाया। भारतीय गेंदबाजों ने परिस्थितियों का सही इस्तेमाल किया और अफगानिस्तान के बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। वहीं बल्लेबाजी के दौरान भारतीय खिलाड़ियों ने धैर्य और आक्रामकता दोनों का अच्छा संतुलन दिखाया। यही वजह रही कि टीम ने बिना ज्यादा परेशानी के मुकाबला अपने नाम कर लिया।
अफगानिस्तान के लिए क्या रहा पॉजिटिव?
भले ही अफगानिस्तान टीम सीरीज हार गई, लेकिन कप्तान हशमतुल्लाह शाहिदी का शतक टीम के लिए बड़ी बात रही। इसके अलावा कुछ युवा खिलाड़ियों ने भी अपनी क्षमता दिखाई। अफगानिस्तान की टीम पिछले कुछ सालों में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में तेजी से आगे बढ़ी है। भारत जैसी मजबूत टीम के खिलाफ खेलने से उन्हें काफी अनुभव मिला होगा, जो आने वाले मुकाबलों में उनके काम आ सकता है।
हमारी राय
भारत और अफगानिस्तान के बीच तीसरे वनडे में टीम इंडिया का प्रदर्शन पूरी तरह एकतरफा रहा। गेंदबाजी में प्रसिद्ध कृष्णा की शानदार वापसी और बल्लेबाजी में रोहित शर्मा और यशस्वी जायसवाल की पारी ने जीत को आसान बना दिया।
इस सीरीज से भारतीय टीम को कई पॉजिटिव बातें मिलीं। युवा खिलाड़ियों को मौका मिला और उन्होंने अपनी जिम्मेदारी निभाई। वहीं अफगानिस्तान के लिए हशमतुल्लाह शाहिदी की पारी सबसे बड़ी उपलब्धि रही।
कुल मिलाकर यह मुकाबला दिखाता है कि भारतीय टीम की बेंच स्ट्रेंथ लगातार मजबूत हो रही है। अगर खिलाड़ी इसी तरह प्रदर्शन करते रहे तो आने वाले बड़े टूर्नामेंट में भारत के लिए यह अच्छी खबर हो सकती है।









