भारत और इंग्लैंड के बीच होने वाली टी20 सीरीज से पहले टीम इंडिया के नए कप्तान श्रेयस अय्यर को लेकर सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हो रही है। वजह है उनका एक बयान, जो उन्होंने युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लेकर दिया। इस बयान के बाद कुछ फैंस ने श्रेयस अय्यर को लेकर नाराजगी जताई और उन पर घमंड दिखाने तक के आरोप लगा दिए।
दरअसल, 15 साल के वैभव सूर्यवंशी को लेकर क्रिकेट जगत में काफी उत्साह है। इतनी कम उम्र में भारतीय टीम तक पहुंचना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। वैभव को आयरलैंड और इंग्लैंड टी20 सीरीज के लिए टीम में चुना गया है और उनके डेब्यू को लेकर फैंस काफी उत्साहित हैं। लेकिन जब कप्तान श्रेयस अय्यर से वैभव के डेब्यू और सोशल मीडिया पर चल रही चर्चा को लेकर सवाल पूछा गया तो उनका जवाब कुछ लोगों को पसंद नहीं आया।
वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू को लेकर क्या बोले श्रेयस अय्यर?
भारत-इंग्लैंड टी20 सीरीज से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में श्रेयस अय्यर से वैभव सूर्यवंशी को लेकर सवाल किया गया। पत्रकार ने पूछा कि वैभव के डेब्यू को लेकर काफी चर्चा हो रही है, इस पर कप्तान के तौर पर उनका क्या सोचना है?
इस पर श्रेयस ने कहा कि उन्हें सोशल मीडिया पर चल रही चीजों की ज्यादा जानकारी नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि वह सोशल मीडिया फॉलो नहीं करते और उन्हें नहीं पता कि वैभव को लेकर क्या बातें चल रही हैं।
श्रेयस का यह जवाब कुछ फैंस को सीधा और सामान्य लगा, लेकिन कुछ लोगों को उनका अंदाज पसंद नहीं आया। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने इसे लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की और कहा कि कप्तान को टीम के हर खिलाड़ी और उससे जुड़ी चर्चाओं की जानकारी होनी चाहिए।
फैंस क्यों कह रहे हैं कि श्रेयस अय्यर घमंडी हैं?
श्रेयस अय्यर के बयान का एक हिस्सा सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। खासतौर पर उनका यह कहना कि वह सोशल मीडिया नहीं देखते और उन्हें वैभव को लेकर चल रही चर्चा की जानकारी नहीं है, कई लोगों को अच्छा नहीं लगा।
कुछ फैंस का मानना था कि वैभव जैसे युवा खिलाड़ी के लिए यह बहुत बड़ा पल है और कप्तान होने के नाते श्रेयस को उसके बारे में ज्यादा उत्साह दिखाना चाहिए था। हालांकि दूसरी तरफ कई लोग श्रेयस के समर्थन में भी नजर आए। उनका कहना है कि एक कप्तान का काम सिर्फ किसी एक खिलाड़ी को लेकर उत्साहित होना नहीं बल्कि पूरी टीम का संतुलन बनाए रखना होता है।
श्रेयस ने वैभव को मौका देने पर क्या कहा?
बयान के दूसरे हिस्से में श्रेयस अय्यर ने वैभव को लेकर संतुलित बात भी कही। उन्होंने कहा कि टीम में जो खिलाड़ी मौजूद हैं, उन्होंने भी अच्छा प्रदर्शन करके अपनी जगह बनाई है। इसलिए सभी खिलाड़ियों को भरोसा देना जरूरी है।
श्रेयस ने यह भी कहा कि टी20 वर्ल्ड कप जिताने वाले खिलाड़ियों को भी महत्व देना जरूरी है क्योंकि वे इस फॉर्मेट में काफी अनुभवी हैं और टीम के लिए अहम भूमिका निभा चुके हैं। उनका इशारा यही था कि सिर्फ किसी युवा खिलाड़ी के टैलेंट की वजह से तुरंत किसी अनुभवी खिलाड़ी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
वैभव सूर्यवंशी इतनी चर्चा में क्यों हैं?
वैभव सूर्यवंशी भारतीय क्रिकेट का नया और सबसे युवा चेहरा बनकर सामने आए हैं। उनकी बल्लेबाजी ने आईपीएल और घरेलू क्रिकेट में काफी प्रभावित किया है। कम उम्र में ही बड़े शॉट खेलने की क्षमता ने उन्हें अलग पहचान दी है। यही वजह है कि जब उनका भारतीय टीम में चयन हुआ तो क्रिकेट फैंस में उत्साह बढ़ गया। कई पूर्व क्रिकेटरों ने भी वैभव की तारीफ की है। उनकी बल्लेबाजी को लेकर कहा गया है कि उनमें खास प्रतिभा है और वह आने वाले समय में भारतीय क्रिकेट का बड़ा नाम बन सकते हैं।
क्या वैभव को तुरंत मौका मिलना चाहिए?
यह सवाल भी लगातार चर्चा में है। कुछ फैंस चाहते हैं कि वैभव को तुरंत प्लेइंग इलेवन में उतारा जाए क्योंकि उन्होंने कम उम्र में बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं।लेकिन टीम मैनेजमेंट के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही होती है कि किसी युवा खिलाड़ी को सही समय पर मौका दिया जाए। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का दबाव घरेलू क्रिकेट और आईपीएल से काफी अलग होता है। अगर खिलाड़ी को सही माहौल और सही समय मिलता है तो उसका आत्मविश्वास बढ़ता है।
कप्तान के तौर पर श्रेयस अय्यर की चुनौती
श्रेयस अय्यर को भारतीय टी20 टीम की कप्तानी की जिम्मेदारी ऐसे समय मिली है जब टीम बदलाव के दौर से गुजर रही है। उन्हें नए खिलाड़ियों को मौका देने के साथ-साथ अनुभवी खिलाड़ियों को भी संभालना होगा। कप्तान के लिए सबसे मुश्किल काम यही होता है कि हर खिलाड़ी को बराबर महत्व दिया जाए और टीम के हित में फैसले लिए जाएं। वैभव जैसे युवा खिलाड़ी को लेकर फैंस की उम्मीदें बहुत ज्यादा हैं, इसलिए कप्तान के हर बयान पर नजर रहती है।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया क्यों तेज हो जाती है?
आज के दौर में खिलाड़ियों के हर बयान और हर छोटी बात पर सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो जाती है। कई बार खिलाड़ी का सामान्य जवाब भी अलग तरीके से लिया जाता है। श्रेयस अय्यर के मामले में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला। उनके बयान को कुछ लोगों ने गलत समझा तो कुछ ने इसे कप्तान का सामान्य जवाब माना।
हमारी राय
श्रेयस अय्यर का बयान सुनने के बाद फैंस की प्रतिक्रिया आना स्वाभाविक है क्योंकि वैभव सूर्यवंशी को लेकर हर कोई उत्साहित है। लेकिन किसी एक लाइन के आधार पर किसी खिलाड़ी के व्यक्तित्व पर फैसला देना सही नहीं होगा।
एक कप्तान के तौर पर श्रेयस की जिम्मेदारी सिर्फ एक युवा खिलाड़ी को प्रमोट करना नहीं बल्कि पूरी टीम को साथ लेकर चलना है। वैभव में टैलेंट है और उन्हें मौका जरूर मिलना चाहिए, लेकिन सही समय और सही परिस्थिति भी उतनी ही जरूरी है।
वहीं श्रेयस को भी यह समझना होगा कि कप्तान होने के नाते उनके शब्दों का असर ज्यादा होता है। फैंस खिलाड़ियों से सिर्फ प्रदर्शन ही नहीं बल्कि भावनात्मक जुड़ाव भी चाहते हैं। आने वाले मुकाबलों में असली जवाब मैदान पर प्रदर्शन ही देगा।









