भारतीय क्रिकेट टीम एक बार फिर जिम्बाब्वे दौरे पर टी20 सीरीज खेलने के लिए तैयार है। इस सीरीज की खास बात सिर्फ मुकाबले नहीं हैं, बल्कि टीम की कमान एक बार फिर पूर्व दिग्गज बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण के हाथों में होगी। पिछले कुछ सालों में जब भी टीम इंडिया के नियमित हेड कोच किसी वजह से उपलब्ध नहीं रहे, तब-तब वीवीएस लक्ष्मण ने अंतरिम कोच की जिम्मेदारी संभाली और टीम को शानदार तरीके से आगे बढ़ाया।

यही वजह है कि इस बार भी क्रिकेट फैंस की नजर सिर्फ खिलाड़ियों पर नहीं, बल्कि लक्ष्मण की कोचिंग रणनीति पर भी टिकी हुई है। खासकर इसलिए क्योंकि इस दौरे पर कई युवा खिलाड़ियों को खुद को साबित करने का बड़ा मौका मिलने वाला है।

 

क्यों बार-बार वीवीएस लक्ष्मण पर जताया जाता है भरोसा?

वीवीएस लक्ष्मण लंबे समय से राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (NCA) के साथ जुड़े रहे हैं। उन्होंने भारत ए, अंडर-19 और उभरते हुए खिलाड़ियों के साथ काफी काम किया है। इसी कारण उन्हें युवा खिलाड़ियों की ताकत और कमजोरियों की अच्छी समझ है।

जब भी भारतीय टीम दो अलग-अलग दौरे खेलती है या मुख्य कोच किसी दूसरे असाइनमेंट में व्यस्त रहते हैं, तब बीसीसीआई अक्सर लक्ष्मण को अंतरिम कोच की जिम्मेदारी सौंपता है। इसका सबसे बड़ा कारण उनका शांत स्वभाव, खिलाड़ियों से अच्छा तालमेल और मैच को पढ़ने की क्षमता मानी जाती है।

 

बतौर कोच कैसा रहा उनका रिकॉर्ड?

पिछले कुछ वर्षों में वीवीएस लक्ष्मण की कोचिंग में टीम इंडिया ने कई द्विपक्षीय सीरीज खेली हैं। चाहे आयरलैंड का दौरा हो, न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज या दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मुकाबले, टीम ने अधिकतर मौकों पर अच्छा प्रदर्शन किया है।

उनकी सबसे बड़ी खासियत यह रही कि उन्होंने सिर्फ जीत पर ध्यान नहीं दिया, बल्कि नए खिलाड़ियों को आत्मविश्वास भी दिया। कई युवा क्रिकेटरों ने उनके मार्गदर्शन में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी पहचान बनाई। यही वजह है कि खिलाड़ियों के बीच भी उनकी अच्छी छवि है।

 

युवा खिलाड़ियों के लिए सुनहरा मौका

जिम्बाब्वे दौरे पर अक्सर भारतीय टीम में नए चेहरों को मौका दिया जाता है। ऐसे खिलाड़ी जो आईपीएल में शानदार प्रदर्शन करते हैं लेकिन अभी तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ज्यादा मौके नहीं मिले, उन्हें इस तरह की सीरीज में खुद को साबित करने का अवसर मिलता है।

वीवीएस लक्ष्मण हमेशा से युवा प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के पक्षधर रहे हैं। माना जाता है कि वह खिलाड़ियों पर जरूरत से ज्यादा दबाव नहीं डालते, बल्कि उन्हें अपनी प्राकृतिक शैली में खेलने की आजादी देते हैं।

 

सिर्फ जीत नहीं, भविष्य भी तैयार करना है मकसद

कई लोगों को लगता है कि जिम्बाब्वे जैसी टीम के खिलाफ सीरीज आसान होती है, लेकिन क्रिकेट में किसी भी टीम को हल्के में लेना बड़ी गलती साबित हो सकती है। भारतीय टीम के लिए इस दौरे का मकसद सिर्फ सीरीज जीतना नहीं है। असली उद्देश्य ऐसे खिलाड़ियों को तैयार करना है जो आने वाले वर्षों में भारत की मुख्य टीम का हिस्सा बन सकें। यही कारण है कि टीम मैनेजमेंट इस तरह की सीरीज को काफी गंभीरता से लेता है।

 

बल्लेबाजों के सामने होगी बड़ी जिम्मेदारी

भारतीय टीम की बल्लेबाजी हमेशा उसकी सबसे बड़ी ताकत रही है। इस बार भी उम्मीद होगी कि युवा बल्लेबाज अच्छी शुरुआत दें और बड़े स्कोर बनाएं। अगर नए खिलाड़ी दबाव में भी अच्छी बल्लेबाजी करते हैं, तो भविष्य में उनके लिए टीम इंडिया के दरवाजे और मजबूत हो सकते हैं। वीवीएस लक्ष्मण खुद बेहतरीन बल्लेबाज रहे हैं, इसलिए बल्लेबाजों को उनसे काफी सीखने का मौका मिलेगा।

 

गेंदबाजों के लिए भी खुद को साबित करने का मौका

टी20 क्रिकेट में सिर्फ बल्लेबाज ही मैच नहीं जिताते। तेज गेंदबाज और स्पिनर भी बराबर की भूमिका निभाते हैं। इस दौरे पर भारतीय गेंदबाजों के पास यह दिखाने का मौका होगा कि वे मुश्किल परिस्थितियों में भी विकेट निकाल सकते हैं। डेथ ओवरों की गेंदबाजी, पावरप्ले में विकेट लेना और रन रोकना जैसी चीजों पर खास नजर रहेगी।

 

जिम्बाब्वे को हल्के में लेना नहीं होगा सही

भले ही कागज पर भारत की टीम ज्यादा मजबूत दिखाई देती हो, लेकिन जिम्बाब्वे अपने घरेलू मैदान पर किसी भी टीम को चुनौती दे सकती है। पिछले कुछ सालों में जिम्बाब्वे ने अपने प्रदर्शन में सुधार किया है। उसकी टीम में कई ऐसे खिलाड़ी हैं जो अकेले दम पर मैच का रुख बदल सकते हैं। इसलिए भारतीय टीम को पूरी तैयारी के साथ मैदान पर उतरना होगा।

 

वीवीएस लक्ष्मण की सबसे बड़ी ताकत

लक्ष्मण की सबसे बड़ी खासियत यह है कि वह खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ाते हैं। वह ड्रेसिंग रूम में शांत माहौल बनाए रखने के लिए जाने जाते हैं। कई युवा खिलाड़ियों ने पहले भी कहा है कि लक्ष्मण उनसे व्यक्तिगत रूप से बात करते हैं और छोटी-छोटी गलतियों को सुधारने में मदद करते हैं। यही कारण है कि उनके साथ काम करने वाले खिलाड़ी खुद को ज्यादा सहज महसूस करते हैं।

 

भविष्य की टीम बनाने में अहम होगी यह सीरीज

भारत के पास प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की कोई कमी नहीं है। लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार अच्छा प्रदर्शन करने के लिए सही मार्गदर्शन भी जरूरी होता है।जिम्बाब्वे दौरा चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट के लिए यह समझने का अच्छा मौका होगा कि कौन-से खिलाड़ी भविष्य में बड़े टूर्नामेंटों के लिए तैयार हैं। अगर युवा खिलाड़ी इस सीरीज में अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो उन्हें आगे भी लगातार मौके मिल सकते हैं।

 

फैंस की भी रहेंगी खास नजरें

भारतीय क्रिकेट फैंस हर नई सीरीज में नए सितारों की तलाश करते हैं। इस बार भी लोगों की नजर उन खिलाड़ियों पर रहेगी जो पहली बार टीम इंडिया की जर्सी पहनेंगे या लंबे समय बाद वापसी करेंगे। साथ ही यह भी देखने वाली बात होगी कि वीवीएस लक्ष्मण अपनी रणनीति से टीम को किस तरह आगे बढ़ाते हैं और युवा खिलाड़ियों से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कैसे निकलवाते हैं।

 

हमारी राय

वीवीएस लक्ष्मण ने खिलाड़ी के रूप में जितना सम्मान हासिल किया, उतना ही भरोसा उन्होंने बतौर कोच भी जीता है। उनका शांत स्वभाव, युवा खिलाड़ियों के साथ जुड़ने की क्षमता और क्रिकेट की गहरी समझ उन्हें एक सफल मार्गदर्शक बनाती है। जिम्बाब्वे दौरा सिर्फ एक द्विपक्षीय सीरीज नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट के भविष्य को तैयार करने का मौका भी है। अगर युवा खिलाड़ी इस अवसर का पूरा फायदा उठाते हैं, तो आने वाले समय में टीम इंडिया को कई नए स्टार खिलाड़ी मिल सकते हैं।