बाइक चलाने वाले लगभग हर व्यक्ति के साथ कभी न कभी ऐसा जरूर हुआ होगा कि रास्ते में अचानक पेट्रोल कम हो गया हो। कई बार तो फ्यूल इंडिकेटर काफी देर से चेतावनी देता रहता है, लेकिन लोग सोचते हैं कि अभी तो बाइक चल रही है, बाद में पेट्रोल भरवा लेंगे। फिर अचानक बाइक झटके लेने लगती है और समझ आ जाता है कि अब पेट्रोल रिजर्व में पहुंच चुका है।
ऐसे समय में सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि आखिर रिजर्व में आने के बाद बाइक कितनी दूर तक चल सकती है? क्या 10 किलोमीटर, 20 किलोमीटर या उससे भी ज्यादा? साथ ही कई लोगों के मन में यह डर भी रहता है कि बार-बार रिजर्व पर बाइक चलाने से कहीं इंजन को नुकसान तो नहीं पहुंचता। अगर आपके मन में भी यही सवाल हैं, तो आइए आसान भाषा में पूरी बात समझते हैं।
आखिर क्या होता है बाइक का रिजर्व फ्यूल?
सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि रिजर्व कोई अलग टैंक नहीं होता। बहुत से लोगों को लगता है कि बाइक में एक मुख्य टैंक और दूसरा रिजर्व टैंक होता है, लेकिन ऐसा नहीं है। रिजर्व दरअसल उसी पेट्रोल टैंक का एक हिस्सा होता है, जिसे इमरजेंसी के लिए बचाकर रखा जाता है।
पुरानी बाइकों में पेट्रोल कॉक या नॉब होता था, जिसमें ON, OFF और RESERVE का विकल्प मिलता था। जब मुख्य स्तर का पेट्रोल खत्म हो जाता था तो बाइक रिजर्व मोड में चलने लगती थी या राइडर को रिजर्व पर स्विच करना पड़ता था।
रिजर्व में कितना पेट्रोल बचा होता है?
यह पूरी तरह बाइक के मॉडल पर निर्भर करता है। आमतौर पर अधिकांश बाइकों में 1 से 2 लीटर तक पेट्रोल रिजर्व के रूप में बचा रहता है। कुछ बड़ी बाइकों में यह मात्रा इससे ज्यादा भी हो सकती है। यही वजह है कि हर बाइक का रिजर्व रेंज अलग-अलग होता है। किसी बाइक में रिजर्व पेट्रोल जल्दी खत्म हो सकता है, जबकि किसी दूसरी बाइक में आप काफी दूरी तक जा सकते हैं।
रिजर्व में आने के बाद कितने किलोमीटर चल सकती है बाइक?
इस सवाल का एक निश्चित जवाब नहीं है क्योंकि यह बाइक की माइलेज पर निर्भर करता है। मान लीजिए आपकी बाइक 50 किलोमीटर प्रति लीटर का माइलेज देती है और रिजर्व में लगभग 1 लीटर पेट्रोल बचा है, तो सैद्धांतिक रूप से बाइक करीब 50 किलोमीटर तक चल सकती है। वहीं अगर रिजर्व में 1.5 लीटर पेट्रोल है तो यह दूरी और बढ़ सकती है।
लेकिन असल जिंदगी में ट्रैफिक, सड़क की स्थिति, राइडिंग स्टाइल और बाइक की हालत के कारण यह दूरी कम या ज्यादा हो सकती है। इसलिए रिजर्व में आने के बाद यह मानकर नहीं चलना चाहिए कि बाइक निश्चित रूप से 40 या 50 किलोमीटर चल ही जाएगी।
क्या रिजर्व का मतलब है कि पेट्रोल भरवाने की चेतावनी मिल गई?
बिल्कुल। रिजर्व सिस्टम का मुख्य मकसद यही है कि राइडर को यह संकेत मिल जाए कि अब पेट्रोल लगभग खत्म होने वाला है और जल्द से जल्द पेट्रोल पंप पहुंचना चाहिए। यानी रिजर्व को अतिरिक्त सुविधा समझने की बजाय चेतावनी के रूप में देखना चाहिए। इसे आखिरी सहारे की तरह इस्तेमाल करना बेहतर माना जाता है।
क्या बार-बार रिजर्व पर बाइक चलाना सही है?
विशेषज्ञों के अनुसार बार-बार रिजर्व पर बाइक चलाना अच्छी आदत नहीं मानी जाती। रिजर्व का उपयोग सिर्फ जरूरत पड़ने पर करना चाहिए। अगर आप हमेशा पेट्रोल खत्म होने का इंतजार करते हैं और फिर रिजर्व पर बाइक चलाते हैं, तो इससे कुछ समस्याएं पैदा हो सकती हैं। खासकर आधुनिक फ्यूल-इंजेक्टेड बाइकों में यह आदत लंबे समय में नुकसानदायक साबित हो सकती है।
इंजन पर क्या असर पड़ता है?
सीधे तौर पर रिजर्व पर चलाने से इंजन खराब नहीं होता। इंजन को वही पेट्रोल मिलता है जो मुख्य टैंक में होता है। लेकिन परेशानी दूसरी जगह से शुरू होती है। टैंक के निचले हिस्से में समय के साथ धूल, गंदगी या छोटे कण जमा हो सकते हैं। जब बार-बार टैंक लगभग खाली हो जाता है, तो ये कण फ्यूल सिस्टम तक पहुंचने का जोखिम बढ़ा सकते हैं। इससे फ्यूल फिल्टर और अन्य हिस्सों पर असर पड़ सकता है।
फ्यूल पंप पर भी पड़ सकता है असर
नई बाइकों में फ्यूल पंप महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कई विशेषज्ञ बताते हैं कि पेट्रोल फ्यूल पंप को ठंडा रखने में भी मदद करता है। अगर बार-बार बहुत कम पेट्रोल के साथ बाइक चलाई जाए तो फ्यूल पंप पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। हालांकि एक-दो बार ऐसा होने से कोई बड़ा नुकसान नहीं होता, लेकिन इसे आदत बना लेना ठीक नहीं माना जाता।
रिजर्व में आने पर क्या करना चाहिए?
जैसे ही बाइक रिजर्व में आए, सबसे पहले नजदीकी पेट्रोल पंप खोजने की कोशिश करें। कई लोग सोचते हैं कि अभी काफी पेट्रोल बचा होगा और वे लंबे समय तक चलते रहते हैं। यही गलती बाद में परेशानी का कारण बनती है। रास्ते में ट्रैफिक, जाम या किसी अन्य वजह से पेट्रोल अपेक्षा से जल्दी खत्म हो सकता है। इसलिए रिजर्व में आते ही टैंक भरवाना सबसे समझदारी वाला कदम है।
हमेशा कितना पेट्रोल रखना बेहतर माना जाता है?
अनुभवी राइडर्स और बाइक विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि टैंक को पूरी तरह खाली होने देने की बजाय समय-समय पर पेट्रोल भरवाते रहना चाहिए। कई बाइक प्रेमी कोशिश करते हैं कि टैंक में कम से कम एक-चौथाई या उससे ज्यादा पेट्रोल हमेशा मौजूद रहे। इससे अचानक रास्ते में फंसने की संभावना भी कम होती है और फ्यूल सिस्टम पर भी अनावश्यक दबाव नहीं पड़ता।
लंबी यात्रा पर निकलने से पहले रखें ध्यान
अगर आप किसी लंबी यात्रा पर जा रहे हैं तो सिर्फ फ्यूल इंडिकेटर के भरोसे न रहें। कोशिश करें कि सफर शुरू करने से पहले टैंक पर्याप्त भरा हो। कई बार पहाड़ी इलाकों या हाईवे पर पेट्रोल पंप काफी दूरी पर होते हैं। ऐसे में रिजर्व के भरोसे रहना जोखिम भरा हो सकता है।
हमारी राय
बाइक का रिजर्व फीचर बेहद काम की सुविधा है, लेकिन इसे नियमित इस्तेमाल के लिए नहीं बनाया गया है। रिजर्व में आने के बाद बाइक आमतौर पर कुछ किलोमीटर से लेकर कई दर्जन किलोमीटर तक चल सकती है, लेकिन इसकी कोई निश्चित गारंटी नहीं होती। इसलिए रिजर्व को इमरजेंसी बैकअप की तरह ही इस्तेमाल करना चाहिए। बार-बार टैंक खाली करके चलाने की आदत फ्यूल सिस्टम और फ्यूल पंप पर असर डाल सकती है। बेहतर यही है कि जैसे ही लो-फ्यूल संकेत मिले, जल्द से जल्द पेट्रोल भरवा लिया जाए और सफर को बिना तनाव के जारी रखा जाए।









