आज के समय में क्रेडिट कार्ड सिर्फ खर्च करने का माध्यम नहीं बल्कि लोगों की फाइनेंशियल प्रोफाइल का अहम हिस्सा बन चुका है। ऑनलाइन शॉपिंग, ट्रैवल, EMI और रिवॉर्ड पॉइंट्स की वजह से करोड़ों लोग क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल कर रहे हैं। लेकिन कई बार लोग सालाना फीस, ज्यादा कार्ड होने या कम इस्तेमाल की वजह से अपना क्रेडिट कार्ड बंद कराने का फैसला कर लेते हैं।

हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि बिना सोचे-समझे क्रेडिट कार्ड बंद करना आपके CIBIL स्कोर पर असर डाल सकता है। कई लोग यह मानते हैं कि कार्ड बंद करते ही जिम्मेदारी खत्म हो जाती है, लेकिन वास्तव में इसका प्रभाव आपकी क्रेडिट हिस्ट्री और भविष्य के लोन पर भी पड़ सकता है। इसी वजह से कार्ड बंद करने से पहले कुछ जरूरी बातों को समझना बेहद जरूरी माना जाता है।


क्रेडिट कार्ड बंद करने से क्यों प्रभावित होता है स्कोर?

एक्सपर्ट्स के मुताबिक क्रेडिट कार्ड बंद करने का सबसे बड़ा असर Credit Utilisation Ratio यानी CUR पर पड़ता है। यह बताता है कि आपकी कुल उपलब्ध क्रेडिट लिमिट में से आप कितना इस्तेमाल कर रहे हैं। अगर आपके पास दो कार्ड हैं और दोनों की लिमिट मिलाकर 2 लाख रुपये है, जबकि आप 40 हजार रुपये खर्च करते हैं, तो आपका उपयोग अनुपात 20 प्रतिशत होगा। लेकिन अगर आप एक कार्ड बंद कर देते हैं और कुल लिमिट घटकर 1 लाख रह जाती है, तो वही खर्च अब 40 प्रतिशत उपयोग माना जाएगा। विशेषज्ञ कहते हैं कि ज्यादा Credit Utilisation Ratio को बैंक जोखिम के रूप में देखते हैं, जिससे CIBIL स्कोर गिर सकता है।


पुराने कार्ड को बंद करना पड़ सकता है भारी

क्रेडिट स्कोर तय करने में आपकी क्रेडिट हिस्ट्री की लंबाई भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। अगर आपका पुराना कार्ड बंद हो जाता है तो आपकी औसत क्रेडिट हिस्ट्री कम हो सकती है। बैंक उन ग्राहकों को ज्यादा भरोसेमंद मानते हैं जिनकी लंबी और अच्छी क्रेडिट हिस्ट्री होती है। इसी वजह से कई फाइनेंशियल एडवाइजर सलाह देते हैं कि सबसे पुराने कार्ड को जल्दी बंद नहीं करना चाहिए, खासकर तब जब उसका रिकॉर्ड अच्छा हो।

हालांकि कुछ मामलों में कार्ड बंद करने के बाद तुरंत बड़ा असर नहीं दिखता, लेकिन लंबे समय में इसका प्रभाव पड़ सकता है। कई यूजर्स ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि पुराने कार्ड बंद करने के बाद उनके स्कोर में गिरावट आई थी।


कब बंद करना सही माना जाता है कार्ड?

एक्सपर्ट्स के मुताबिक हर स्थिति में कार्ड बंद करना गलत नहीं होता। अगर किसी कार्ड की सालाना फीस बहुत ज्यादा है और उसका इस्तेमाल नहीं हो रहा, तो उसे बंद करने पर विचार किया जा सकता है। इसके अलावा अगर किसी व्यक्ति के पास बहुत ज्यादा कार्ड हैं और उन्हें संभालना मुश्किल हो रहा है, तब भी कुछ कार्ड बंद करना बेहतर माना जा सकता है। हालांकि सलाह यही दी जाती है कि बंद करने से पहले दूसरे कार्ड्स की लिमिट और उपयोग अनुपात को ध्यान में जरूर रखें। एक्सपर्ट्स यह भी कहते हैं कि अगर आप जल्द ही होम लोन या कार लोन लेने वाले हैं, तो उस समय कार्ड बंद करने से बचना चाहिए।


कार्ड बंद करने से पहले बकाया जरूर चुकाएं

कई लोग सोचते हैं कि कार्ड बंद करने के बाद बकाया रकम खत्म हो जाएगी, जबकि ऐसा नहीं होता। अगर कार्ड पर कोई बकाया है तो उसे चुकाना जरूरी होता है। कार्ड बंद करने से पहले सभी EMI, ऑटो डेबिट और सब्सक्रिप्शन भी हटा देने चाहिए।अगर कोई बकाया बचा रह जाए तो बाद में ब्याज और पेनाल्टी बढ़ सकती है। इसके अलावा कार्ड बंद करने के बाद बैंक से लिखित क्लोजर कन्फर्मेशन लेना भी जरूरी माना जाता है ताकि भविष्य में कोई विवाद न हो।


कई बार बैंक खुद भी बंद कर देते हैं कार्ड

सिर्फ ग्राहक ही नहीं बल्कि बैंक भी कई बार क्रेडिट कार्ड बंद कर देते हैं। अगर लंबे समय तक कार्ड इस्तेमाल नहीं किया जाए या लगातार भुगतान में देरी हो, तो बैंक कार्ड बंद कर सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक कई कार्ड कंपनियां 6 महीने से 2 साल तक निष्क्रिय रहने वाले कार्ड बंद कर देती हैं। इसी वजह से सलाह दी जाती है कि पुराने कार्ड को पूरी तरह निष्क्रिय छोड़ने के बजाय कभी-कभी छोटे खर्च के लिए इस्तेमाल कर लेना चाहिए।


क्या हमेशा स्कोर गिरता है?

हर व्यक्ति के मामले में असर अलग-अलग हो सकता है। अगर किसी के पास कई कार्ड हैं और कुल क्रेडिट लिमिट काफी ज्यादा है, तो एक कार्ड बंद करने का असर कम हो सकता है। वहीं जिन लोगों की क्रेडिट हिस्ट्री छोटी है या जिनके पास कम कार्ड हैं, उनके स्कोर पर ज्यादा असर पड़ सकता है।कुछ यूजर्स ने यह भी बताया कि उनका स्कोर कुछ महीनों के लिए गिरा लेकिन बाद में फिर रिकवर हो गया। वहीं विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर भुगतान और कम उपयोग अनुपात बनाए रखने से स्कोर धीरे-धीरे सुधर सकता है।


कार्ड बंद करने के बजाय ये ऑप्शन हैं बेहतर

फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स का कहना है कि कई बार कार्ड बंद करने के बजाय उसे downgrade करना बेहतर विकल्प हो सकता है। मान लीजिए अगर आपका कार्ड ज्यादा फीस वाला है तो बैंक से lifetime free variant में बदलने की बात की जा सकती है। इससे आपकी क्रेडिट हिस्ट्री भी बनी रहती है और अतिरिक्त शुल्क भी नहीं देना पड़ता। कुछ लोग कार्ड को सिर्फ छोटे खर्च और ऑटो पेमेंट के लिए इस्तेमाल करते हैं ताकि वह सक्रिय बना रहे।


CIBIL स्कोर क्यों है इतना जरूरी?

आज के समय में CIBIL स्कोर सिर्फ लोन लेने तक सीमित नहीं रह गया है। कई बैंक, NBFC और यहां तक कि कुछ कंपनियां भी फाइनेंशियल प्रोफाइल जांचने के लिए इसे देखती हैं।

अगर आपका स्कोर अच्छा होता है तो होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन आसानी से मिलने की संभावना बढ़ जाती है। साथ ही ब्याज दरें भी कम मिल सकती हैं।
वहीं खराब स्कोर होने पर लोन रिजेक्ट होने या ज्यादा ब्याज चुकाने की नौबत आ सकती है।


सोच-समझकर लें फैसला

एक्सपर्ट्स का कहना है कि क्रेडिट कार्ड बंद करना कोई गलत कदम नहीं है, लेकिन इसे जल्दबाजी में नहीं करना चाहिए। कार्ड की उम्र, क्रेडिट लिमिट, उपयोग और आपकी भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर फैसला लेना ज्यादा समझदारी माना जाता है।

अगर सही तरीके से योजना बनाकर कार्ड बंद किया जाए तो नुकसान कम किया जा सकता है। लेकिन बिना तैयारी के उठाया गया कदम आपके CIBIL स्कोर और भविष्य की वित्तीय योजनाओं को प्रभावित कर सकता है।