भारत में डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल पिछले कुछ सालों में तेजी से बढ़ा है। छोटी दुकान से लेकर बड़े मॉल तक अब लोग नकद की जगह UPI से भुगतान करना ज्यादा पसंद करते हैं। PhonePe, Google Pay, Paytm और BHIM जैसे ऐप्स ने लोगों की जिंदगी काफी आसान बना दी है। लेकिन कई बार ऐसी स्थिति भी आ जाती है जब फोन में इंटरनेट नहीं चलता या फिर स्मार्टफोन ही उपलब्ध नहीं होता। ऐसे में लोग सोचते हैं कि UPI पेमेंट करना संभव नहीं होगा।
हालांकि बहुत कम लोग जानते हैं कि बिना इंटरनेट और बिना स्मार्टफोन के भी UPI पेमेंट किया जा सकता है। National Payments Corporation of India यानी NPCI ने इसके लिए कई सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं ताकि फीचर फोन इस्तेमाल करने वाले लोग भी डिजिटल भुगतान कर सकें। आज हम आपको ऐसे तीन आसान तरीकों के बारे में बता रहे हैं जिनकी मदद से आप बिना इंटरनेट और बिना स्मार्टफोन के भी आसानी से UPI पेमेंट कर सकते हैं।
*99# सेवा से कर सकते हैं ऑफलाइन UPI पेमेंट
अगर आपके पास इंटरनेट नहीं है तो *99# सेवा सबसे आसान तरीका मानी जाती है। यह USSD आधारित सेवा है, जिसे NPCI ने शुरू किया था। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह फीचर फोन और स्मार्टफोन दोनों पर काम करती है। इस सुविधा का इस्तेमाल करने के लिए सबसे पहले आपको अपने बैंक खाते से लिंक मोबाइल नंबर वाले फोन से *99# डायल करना होता है। इसके बाद स्क्रीन पर कई ऑप्शन दिखाई देते हैं, जैसे पैसे भेजना, बैलेंस चेक करना, प्रोफाइल देखना और UPI PIN बदलना।
अगर आपको पैसे भेजने हैं तो 'Send Money' का विकल्प चुनना होगा। इसके बाद सामने वाले व्यक्ति का मोबाइल नंबर, UPI ID या बैंक अकाउंट डिटेल डालकर रकम दर्ज करनी होती है। आखिर में UPI PIN डालते ही ट्रांजैक्शन पूरा हो जाता है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह सुविधा खासकर ग्रामीण इलाकों और कमजोर नेटवर्क वाले क्षेत्रों में काफी उपयोगी साबित होती है।
फीचर फोन में भी चल सकता है UPI
आज भी देश में करोड़ों लोग फीचर फोन का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे लोगों के लिए भी अब UPI भुगतान संभव हो चुका है। कई कंपनियां फीचर फोन के लिए खास UPI ऐप्स और सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं। कुछ फीचर फोन में पहले से ही हल्के UPI ऐप्स दिए जा रहे हैं।
इसके अलावा NPCI ने UPI 123PAY जैसी सुविधा भी शुरू की है, जिससे फीचर फोन यूजर्स आसानी से डिजिटल भुगतान कर सकते हैं। इसमें यूजर को अपने मोबाइल नंबर को बैंक खाते से लिंक करना होता है। इसके बाद OTP और UPI PIN सेट करने के बाद वह बिना इंटरनेट के भी भुगतान कर सकता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस सुविधा का मकसद उन लोगों तक डिजिटल पेमेंट पहुंचाना है जिनके पास स्मार्टफोन नहीं है। खासकर छोटे शहरों और गांवों में यह तकनीक तेजी से लोकप्रिय हो रही है।
IVR कॉल के जरिए भी हो सकता है भुगतान
UPI भुगतान का तीसरा तरीका IVR यानी Interactive Voice Response आधारित सेवा है। इसमें इंटरनेट की जरूरत नहीं पड़ती और सिर्फ कॉल के जरिए पेमेंट किया जा सकता है। इस प्रोसेस में यूजर को अपने बैंक या NPCI के IVR नंबर पर कॉल करना होता है। कॉल करने के बाद भाषा चुननी होती है और फिर मेन्यू में दिए गए ऑप्शन में से 'Money Transfer' का विकल्प चुनना होता है।
इसके बाद सामने वाले व्यक्ति का मोबाइल नंबर या UPI ID दर्ज करनी होती है। रकम दर्ज करने और UPI PIN डालने के बाद भुगतान पूरा हो जाता है। कई विशेषज्ञों का मानना है कि IVR आधारित पेमेंट उन लोगों के लिए काफी आसान है जिन्हें टेक्नोलॉजी का ज्यादा अनुभव नहीं है।
ऑफलाइन UPI की क्या हैं सीमाएं?
हालांकि ऑफलाइन UPI काफी उपयोगी है, लेकिन इसकी कुछ सीमाएं भी हैं। उदाहरण के लिए *99# सेवा के जरिए किए जाने वाले ट्रांजैक्शन की सीमा आमतौर पर 5000 रुपये तक होती है। इसके अलावा कुछ सेवाओं पर प्रति ट्रांजैक्शन मामूली शुल्क भी लिया जा सकता है। फिर भी विशेषज्ञों का कहना है कि आपात स्थिति और कमजोर नेटवर्क वाले क्षेत्रों में यह सुविधा काफी मददगार साबित होती है।
सुरक्षा का भी रखना चाहिए ध्यान
ऑफलाइन UPI इस्तेमाल करते समय सुरक्षा का ध्यान रखना बेहद जरूरी माना जाता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि कभी भी अपना UPI PIN किसी दूसरे व्यक्ति के साथ साझा नहीं करना चाहिए। अगर कोई कॉल या मैसेज करके OTP या PIN मांगे तो तुरंत सतर्क हो जाना चाहिए। इसके अलावा ट्रांजैक्शन पूरा होने के बाद SMS अलर्ट जरूर चेक करना चाहिए ताकि किसी भी गलत ट्रांजैक्शन की जानकारी तुरंत मिल सके।
ग्रामीण भारत में बढ़ रहा इस्तेमाल
विशेषज्ञों के मुताबिक ऑफलाइन UPI सेवाओं का सबसे ज्यादा फायदा ग्रामीण इलाकों में देखने को मिल रहा है। कई गांवों में इंटरनेट कनेक्टिविटी अभी भी कमजोर है, लेकिन फीचर फोन की पहुंच काफी ज्यादा है। ऐसे में ऑफलाइन UPI लोगों को डिजिटल अर्थव्यवस्था से जोड़ने में बड़ी भूमिका निभा रहा है। सरकार और NPCI भी लगातार कोशिश कर रहे हैं कि ज्यादा से ज्यादा लोग डिजिटल भुगतान से जुड़ें और नकद पर निर्भरता कम हो।
डिजिटल पेमेंट को मिला नया एक्सटेंशन
UPI ने भारत में भुगतान की व्यवस्था पूरी तरह बदल दी है। अब बिना इंटरनेट और बिना स्मार्टफोन के भी भुगतान संभव होने से यह तकनीक और ज्यादा लोगों तक पहुंच रही है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले समय में ऑफलाइन डिजिटल पेमेंट और ज्यादा आसान और लोकप्रिय हो सकता है। यानी अगर कभी आपके फोन में इंटरनेट बंद हो जाए या आपके पास स्मार्टफोन न हो, तब भी अब आपको भुगतान को लेकर ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं है।









