बारिश का मौसम आते ही जहां एक तरफ गर्मी से राहत मिलती है, वहीं दूसरी तरफ कई तरह की परेशानियां भी शुरू हो जाती हैं। मौसम में नमी बढ़ने की वजह से सर्दी-जुकाम, खांसी, गले में खराश और वायरल जैसी दिक्कतें लोगों को परेशान करने लगती हैं। इस मौसम में शरीर को अंदर से मजबूत रखना काफी जरूरी हो जाता है। इसी वजह से बहुत से लोग अपनी डाइट में ऐसे घरेलू नुस्खे शामिल करते हैं जो शरीर की ताकत बनाए रखने में मदद कर सकें। 

इनमें सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला घरेलू तरीका है काढ़ा। दादी-नानी के समय से ही तुलसी, अदरक, हल्दी, दालचीनी और काली मिर्च जैसी चीजों से बना काढ़ा घरों में बनाया जाता रहा है। माना जाता है कि इसमें इस्तेमाल होने वाली चीजों में ऐसे गुण होते हैं जो मौसम बदलने के दौरान शरीर को सपोर्ट करने में मदद कर सकते हैं। आइए जानते हैं मानसून में बनाए जाने वाले कुछ आसान काढ़ों के बारे में।

 

तुलसी और अदरक वाला काढ़ा

तुलसी और अदरक का काढ़ा मानसून में सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले काढ़ों में से एक है। इसकी वजह है कि दोनों चीजें लगभग हर भारतीय किचन में आसानी से मिल जाती हैं।

इसे बनाने के लिए एक कप पानी में 5 से 10 तुलसी के पत्ते, थोड़ा सा अदरक, कुछ काली मिर्च और थोड़ी सी दालचीनी डालकर उबाल सकते हैं। जब पानी थोड़ा कम रह जाए तो इसे छानकर गुनगुना पी सकते हैं। स्वाद के लिए इसमें थोड़ा शहद या गुड़ भी मिलाया जा सकता है। यह काढ़ा खासतौर पर बारिश के मौसम में गले की परेशानी और सर्दी-जुकाम जैसी दिक्कतों में लोग इस्तेमाल करते हैं।

 

हल्दी वाला काढ़ा

हल्दी को भारतीय घरों में लंबे समय से इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसमें मौजूद करक्यूमिन की वजह से इसे सेहत के लिए अच्छा माना जाता है। हल्दी वाला काढ़ा बनाने के लिए पानी में हल्दी, अदरक, काली मिर्च और थोड़ी सी दालचीनी डालकर उबालें। इसे छानकर पी सकते हैं। कई लोग इसे रात में या सुबह के समय लेना पसंद करते हैं। हालांकि हर किसी का शरीर अलग होता है, इसलिए ज्यादा मात्रा में किसी भी चीज का सेवन करने से पहले ध्यान रखना चाहिए।

 

दालचीनी और लौंग वाला काढ़ा

मानसून में गले में खराश और ठंड लगने जैसी समस्या आम हो जाती है। ऐसे में दालचीनी और लौंग वाला काढ़ा भी काफी लोग बनाते हैं। इसे बनाने के लिए पानी में दालचीनी का छोटा टुकड़ा, 2-3 लौंग और कुछ काली मिर्च डालकर अच्छी तरह उबालें। जब पानी का रंग बदल जाए तो इसे छानकर पी सकते हैं। इस काढ़े की खुशबू भी काफी अच्छी होती है और यह शरीर को अंदर से गर्माहट देने का काम करता है।

 

अजवाइन और काली मिर्च वाला काढ़ा

बारिश के मौसम में कई लोगों को पाचन से जुड़ी परेशानी भी होने लगती है। बाहर का खाना या ज्यादा तला-भुना खाने से पेट भारी लग सकता है। ऐसे में अजवाइन और काली मिर्च वाला काढ़ा कुछ लोगों के लिए मददगार हो सकता है। इसे बनाने के लिए पानी में अजवाइन, काली मिर्च और थोड़ा अदरक डालकर उबाल सकते हैं। यह काढ़ा स्वाद में थोड़ा तेज होता है, इसलिए इसे सीमित मात्रा में लेना बेहतर रहता है। 

 

नींबू और तुलसी वाला काढ़ा

अगर आप थोड़ा हल्का और फ्रेश स्वाद वाला काढ़ा चाहते हैं तो नींबू और तुलसी का काढ़ा अच्छा विकल्प हो सकता है। इसे बनाने के लिए तुलसी के पत्ते, थोड़ा अदरक और हल्दी को पानी में उबालें। बाद में थोड़ा ठंडा होने पर इसमें नींबू का रस मिला सकते हैं। नींबू में विटामिन C पाया जाता है और तुलसी का इस्तेमाल भारतीय घरों में लंबे समय से किया जाता रहा है। 

 

काढ़ा पीने का सही तरीका क्या है?

काढ़ा हमेशा जरूरत के हिसाब से और सीमित मात्रा में लेना चाहिए। बहुत ज्यादा काढ़ा पीना भी सही नहीं माना जाता, क्योंकि इसमें इस्तेमाल होने वाले मसाले शरीर पर तेज असर डाल सकते हैं। आमतौर पर लोग इसे गुनगुना पीना पसंद करते हैं। सुबह या शाम के समय इसे लेना कई लोगों की आदत होती है। इसके साथ-साथ अच्छी डाइट, पर्याप्त नींद और साफ-सफाई का ध्यान रखना भी जरूरी है। सिर्फ काढ़ा पीने से ही शरीर पूरी तरह बीमारियों से बचा रहेगा, ऐसा मानना सही नहीं है।

 

बच्चों और बुजुर्गों के लिए रखें ध्यान

घर में बनाए जाने वाले काढ़े भले ही प्राकृतिक चीजों से बनते हैं, लेकिन बच्चों, बुजुर्गों या किसी खास बीमारी से जूझ रहे लोगों को इसे लेने से पहले सावधानी रखनी चाहिए। कई बार कुछ चीजें हर व्यक्ति के शरीर को सूट नहीं करतीं। इसलिए मात्रा और सामग्री का ध्यान रखना जरूरी है।

 

मानसून में इम्यूनिटी मजबूत रखने के लिए और क्या करें?

बारिश के मौसम में सिर्फ काढ़े पर निर्भर रहने के बजाय खान-पान पर भी ध्यान देना चाहिए। ताजा खाना खाना, पर्याप्त पानी पीना, फल-सब्जियां लेना और साफ-सफाई रखना बहुत जरूरी है। इसके अलावा बाहर का ज्यादा तला हुआ खाना कम करना और शरीर को एक्टिव रखना भी मदद कर सकता है।

 

घर में काढ़ा बनाने का फायदा

काढ़े की सबसे अच्छी बात यह है कि इसे बनाने के लिए महंगी चीजों की जरूरत नहीं पड़ती। ज्यादातर सामान घर की रसोई में ही मिल जाता है। तुलसी, अदरक, हल्दी, काली मिर्च जैसी चीजों से तैयार काढ़ा बारिश के मौसम में एक अच्छा घरेलू विकल्प हो सकता है। यही वजह है कि आज भी कई घरों में मौसम बदलते ही काढ़ा बनना शुरू हो जाता है। 

 

हमारी राय

मानसून में सर्दी-जुकाम और दूसरी मौसमी परेशानियों से बचने के लिए काढ़ा एक पुराना घरेलू तरीका है, जिसे लोग अपनी दिनचर्या में शामिल करते हैं। तुलसी, अदरक, हल्दी और मसालों से बने काढ़े स्वाद के साथ शरीर को गर्माहट देने में मदद कर सकते हैं। इसे एक हेल्दी रूटीन का हिस्सा बनाया जा सकता है, लेकिन इसे किसी बीमारी का इलाज समझकर सिर्फ इसी पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। अच्छी डाइट, साफ-सफाई और सही लाइफस्टाइल के साथ काढ़ा ज्यादा फायदा दे सकता है।