अकसर हम देखते हैं कि जिस दिन बजट आता है उस दिन शेयर बाजार खुला रहता है। सामान्य दिनों में सोमवार से शुक्रवार तक शेयर बाजार खुलता है और शनिवार-रविवार को बंद रहता है लेकिन इस बार स्थितियां अलग हैं। 1 फरवरी को केंद्रीय बजट पेश हो रहा है, इस दिन रविवार है। चूंकि बजट पेश हो रहा है इसलिए शेयर बाजार रविवार के दिन भी खुले रहेंगे। आज हम आपको बताएंगे कि बजट के दिन शेयर बाजार क्यों खुला रहता है।
1 फरवरी को देश का केंद्रीय बजट पेश होने वाला है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 9वीं बार केंद्रीय बजट पेश करेंगी। इस बार सारे देश की नजरें संसद और वित्त मंत्री के बजट भाषण पर टिकी हुई हैं। लोगों के मन में तरह-तरह के सवाल हैं कि टैक्स में पाहत मिलेगा या बोझ और बढ़ेगा, महंगाई कम होगी या ज्यादा, या फिर कौन-सा सेक्टर फायदे में रहेगा और कौन-सा नुकसान में...इन सभी सवालों का जवाब बजट में मिलता है। लेकिन शेयर बाजार के बारे में एक सवाल अकसर होता है कि जब केंद्रीय बजट इतना बड़ा राष्ट्रीय आर्थिक कार्यक्रम है तो शेयर बाजार उस दिन खुला क्यों रहता है...आखिर शेयर बाजार उस दिन बंद क्यों नहीं होगा? ये सवाल देश की अर्थव्यवस्था, निवेशकों की भूमिका, बाजार की पारदर्शिता और वैश्विक वित्तीय सिस्टम से जुड़ा है।
कंपनियों की कमाई, निवेश और ग्रोथ पर असर
दरअसल, केंद्रीय बजट का कंपनियों की कमाई, निवेश और ग्रोथ पर बड़ा असर पड़ता है। सरकार की तय नीतियां, आर्थिक फैसले सीधे कंपनियों को प्रभावित करती हैं। इनकम टैक्स, कॉरपोरेट टैक्स, सरकारी खर्च, इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश, सब्सिडी और निजीकरण जैसे फैसले शेयर मार्केट की दिशा तय करते हैं। इसी कारण बजट वाले दिन शेयर बाजार को खुला रखना जरूरी होता है ताकि सरकार के फैसलों पर बाजार तुरंत प्रतिक्रिया दे सके। जिन निवेशकों को पैसे निकालने हैं या और लगाने हैं ये उस दिन खासकर बहुत अहम हो जाता है जिस दिन बजट आता है।
बजट के दिन शेयर बाजार बंद क्यों नहीं होता?
1 फरवरी को बजट घोषणा के दौरान जैसे ही कोई बड़ी घोषणा होती है तो उसका असर शेयर बाजार में तुरंत दिखता है। उदाहरण के लिए, यदि बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर को बढ़ावा दिया जाता है तो कंस्ट्रक्शन कंपनियों के शेयर तुरंत चढ़ते हैं। वहीं टैक्स बढ़ने पर कुछ सेक्टर्स में बिकवाली शुरू हो जाती है। इसपर निवेशक तुरंत प्रतिक्रिया लेते हैं। ऐसा करने से वे बहुत बड़े नुकसान से बच जाते हैं या फिर बहुच बड़ा मुनाफा कमा पाते हैं। अगर शेयर बाजार बंद रखा जाए तो ये बाजार के लिए बेहद नुकसानदायक होता है।
1. बाजार बंद करना निवेशकों के हित में नहीं
बजट वाले दिन शेयर बाजार बंद रखना निवेशकों के हित में बिल्कुल नहीं है। शेयर बाजार का सबसे बड़ा आधार पारदर्शिता है। बजट वाले दिन आर्थिक जानकारी को छिपाकर रखना या बाजार बंद करके रोकना शेयर बाजार के लिए हानिकारक है। साथ ही साथ ये देश की अर्थव्यवस्था को भी प्रभावित करता है। ये सुनिश्चित किया जाता है कि सभी निवेशकों को एक ही समय पर जानकारी मिले, किसी को अंदरूनी जानकारी का फायदा न उठाने दिया जाए। यहीं वजह है कि केंद्रीय बजट एक साथ सार्वजनिक किए जाते हैं।
2. शेयर बाजार में स्वतंत्रता होना

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बजट के दिन शेयर बाजार में पैसे लगाने और पैसे निकालने की स्वतंत्रता दी जाती है ताकि जनता बड़े नुकसान से बच सके या मौके का फायदा उठाकर लाभ कमा सके।
3. बजट के हिसाब से फैसले लेने का अधिकार
केंद्रीय बजट की जिस दिन घोषणा होती है तो निवेशकों को ये आजादी दी जाती है कि बजट के हिसाब से निवेश बढ़ाएं, जोखिम से बचने के लिए शेयर बेचें या हालात साफ होने तक इंतजार करें। अगर बाजार बंद हो, तो निवेशक मजबूरी में फंसे रह जाएंगे, जिससे खासतौर पर छोटे निवेशकों को नुकसान होगा। यहीं कारण है कि केंद्रीय बजट वाले शेयर बाजार खुले रहते हैं।
बजट की घोषणा से पहले बाजार में निवेश और शेयर को लेकर अटकलें तेज हो जाती हैं। बजट घोषणा के तुंरत बाद इसा रिएक्शन शेयर बाजार पर पड़ने लगता है। ये शेयर बाजार में सबसे ज्यादा हलचल वाला दिन होता है। यहीं वजह है कि विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) भी उसी समय ट्रेडिंग करते हैं। मीडिया और एक्सपर्ट्स की राय मानें तो उस दिन बाजार की दिशा बदलती रहती है इसीलिए बजट के दिन बाजार खुला रहना जरूरी है, ताकि ये उतार-चढ़ाव नियंत्रित और पारदर्शी तरीके से हो।
क्या बजट के दिन निवेश करना सही होता है?
इस सवाल का जवाब पूरी तरह बजट के रणनीति पर निर्भर करता है। जिसे देखर निवेशक तय करता है कि किस शेयर केऊपरपैसा लगाना लाभदायक है और नहीं। शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स के लिए बजट डे बड़े मौके लेकर आता है। बता दें, बजट वाले दिन शेयर बाजार खुला रहने से अर्थव्यवस्था को फायदा होता है। बाजार सरकार की नीतियों का तत्काल मूल्यांकन कर लेता है जिस वजह से शेयर बाजार बड़ी हानि से बच जाता है। भारत का शेयर बाजार वैश्विक बाजारों के साथ तालमेल बना पाता है। इस तरह भारतीय अर्थव्यवस्था अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और भी मजबूत हो जाती है। बजट के दिन शेयर बाजार का खुला रहना एक सुविचारित आर्थिक व्यवस्था का हिस्सा है। ये निवेशकों को फैसले लेने की आजादी देता है, बाजार में पारदर्शिता बनाए रखता है। यही वजह है कि जब देश संसद में बजट सुन रहा होता है, उसी वक्त शेयर बाजार भारत की आर्थिक नब्ज को पढ़ रहा होता है। अब आप भी ये समझ गए होंगे कि जिस दिन बजट पेश होता है उस दिन शेयर बाजार का खुला रहना कितना जरूरी है।









