महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार का दर्दनाक विमान हादसे में मौत हो गया। वे अपने निजी चार्टर विमान से बारामती चुनावी रैली में शामिल होने जा रहे थे लेकिन लैंडिंग के दौरान तकनीकी खराबी के कारण विमान अनियंत्रित हुआ और फिर क्रैश हो गया। हादसे में अडित पवार समेत 5 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है। ये हादसा न केवल राजनीति में बल्कि सभी लोगों के लिए एक गहरी क्षति है। अजित पवार महाराष्ट्र के एक प्रभावशाली नेता थे। उन्होंने लंबे समय तक महाराष्ट्र की राजनीति में सक्रीय भूमिका निभाई है। उनके अचानक इस हादसे में निधन से राजनीति के साथ-साथ उनके समर्थकों और परिवारों के साथ ही साथ स्थानीय लोगों मेंभी शोक की लहर है। जिसके बाद अब महाराष्ट्र में एक दिन का अवकाश और 3 दिन का शोक घोषित किया गया है। 

 

Bombardier Learjet 45 विमान में सवार थे पवार 

 

महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार Bombardier Learjet 45 नामक दो इंजन वाले प्राइवेट जेट में सवार थे। इस विमान को मुख्यत: कॉर्पोरेट, VIP और छोटी-मध्यम दूरी की उड़ानों के लिए डिजाइन किया गया है। ये विमान शॉर्ट-रेंज यात्रा के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है और बारामती जैसे छोटे क्षेत्रीय हवाई अड्डों पर भी उड़ान भरने में सक्षम माना जाता है। Bombardier Learjet 45 के सीरियल नंबर 45-417 में अजित पवार सवार थे और ये लगभग 16 साल पुराना मॉडल बताया जा रहा है। ऐसे करीब 17 फ्लाइट VSR Ventures के बेड़े में शामिल थी जिसमें से ये एक था जो आज क्रैश हुआ। 

 

ऐसे हुआ अजित पवार का प्लेन क्रैश

 

महाराष्ट्र डिप्टी सीएम अजित पवार का विमान चतुर्विद्यालय शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, मुंबई से सुबह 8 बजकर 10 मिनट पर उड़ाना भरा। जिसके बाद सुबह 8 बजकर 50 मिनट पर इसे बारामती में लैंड करना था। लैंडिंग के दौरान ही कुछ मिनटों पहले विमान अपना नियंत्रण खो बैठा और रनवे से फिसल गया। सुबह करीब 8 बजकर 43 मिनट पर विमान जोरदार टक्कर के साथ नीचे जमीन पर धड़ाम से जा गिरा। प्रारंभिक जांच में फिलहाल ये माना जा रहा है कि रनवे के पास दृश्यता में गिरावट रही होगी। लेकिनअभी इस पूरे मामले की जांच AAIB की टीम द्वारा की जा रही है। आपातकालीन सेवाएं समय पर पहुंचने के बाद भी अजित पवार की जान नहीं बच पाई क्योंकि प्लेन क्रैश बहुत भीषण तरीके से हुआ था।

 

कंपनी VSR Ventures ने जारी किया अपना बयान

 

इस विमान हादसे के बाद कंपनी VSR Ventures ने अपनी बयान जारी  किया। कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी विजय कुमार सिंह ने मीडिया को बताया कि विमान को उड़ान भरने से पहले पूरी तरह चेक किया गया था। इसके सिस्टम या मेंटेनेंस में कोई दिक्कत नहीं पाई गई थी। ये विमान पूरी तरह यानी 100% सुरक्षित था। पायलट भी एक्सपीरियंस थे। उन्होंने कहा कि खराब मौसम के दौरान दृष्यता में कमी हादसे का एक अहम मुद्दा हो सकता है। हालांकिसही कारणों का खुलासा तो जांच के बाद ही होगा। 

 

 

क्या इससे पहले भी कोई हादसा हुआ था 

 

सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात ये है कि पहली बार नहीं है जब VSR कपंनी से जुड़े विमान के साथ इस तरह का हादसा हुआ। Learjet 45 मॉडल का विमान पहले भी अप्रत्याशित घटना का हिस्सा बन चुका है। ये घटना 14 सितंबर, 2023 की है जब Learjet 45XR (पंजीकरण संख्या VT-DBL) विमान मुंबई एयरपोर्ट पर क्रैश हुआ था। ये रनवे के पास ही नियंत्रण खो बैठा। विमान का धड़ 2 हिस्सों में टूट गया और उसमें सवार सभी 8 लोग तो सुरक्षित बच गए लेकिन कई लोग घायल हुए थे। 

 

इस घटना ने विमान संचालन के जोखिमों पर सवाल खड़े किए थे लेकिन कुछ दिनों के बाद मामला शांत पड़ गया। लेकिनअब फिर बारामती में हुआ ये हादसा इस मॉडल और ऑपरेटर की क्षमता के ऊपर सवाल खड़ा कर रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आज सुबह यहां का मौसम सामान्य था। 2023 की घटना भारी बारिश में हुई थी, जबकि 2026 की दुर्घटना में मौसम सामान्य रहा। ऐसे में इस विमान की सुरक्षा को लेकर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। 

 

मामले में की जा रही जांच

 

                                                     

 

बारामती विमान हादसे के तुरंत बाद AAIB की टीम और DGCA दोनों हादसे के कारणों का पता लगाने में जुटी है। फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR) और कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर (CVR) रिकवरी के प्रयास जारी हैं। ब्लैक बॉक्स द्वारा पायलटों की बातचीत और नियंत्रण क्रियाओं का अध्ययन किया जाएगा। विमान प्रणालियों एवं मौसम की परिस्थितियों की समीक्षा भी की जाएगी। इन सभी पहलुओं की जांच के द्वारा पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि ये प्लेन क्रैश कैसे हुआ। 

 

हवाई सुरक्षा पर फिर उठे गंभीर सवाल

 

अजित पवार के प्राइवेट जेट के साथ हादसे के बाद भारत में विमान की सुरक्षा को लेकर फिर सवाल खड़े हो गए। आमतौर पर माना जाता है कि निजी चार्टर विमान अधिक सुरक्षित होते हैं क्योंकि इनमें सीमित यात्री होते हैं लेकिन इस हादसे ने ये धारणा तोड़ दी। 

 

विशेषज्ञों का कहना है कि छोटे और पुराने बिजनेस जेट विमानों में तकनीकी जोखिम अपेक्षाकृत अधिक होते हैं, खासकर जब वे छोटे एयरपोर्ट्स पर उतरते हैं, जहां रनवे की लंबाई और आधुनिक नेविगेशन सुविधाएं सीमित होती हैं। बारामती जैसे क्षेत्रीय एयरपोर्ट्स पर लैंडिंग हमेशा चुनौतीपूर्ण मानी जाती है, विशेष रूप से जब विमान भारी वजन के साथ उतर रहा हो।

 

पुराने विमानों की उम्र और मेंटेनेंस पर बहस

 

जिस Bombardier Learjet 45 से ये दुर्घटना हुई, उसकी उम्र लगभग 16 साल बताई जा रही है। हालांकि विशेषज्ञ ये ये स्पष्ट करते हैं कि केवल उम्र ही दुर्घटना का कारण नहीं होती, बल्कि मेंटेनेंस क्वालिटी, स्पेयर पार्ट्स, और तकनीकी निरीक्षण सबसे अहम भूमिका निभाते हैं।