कल 1 फरवरी 2026 को देश का केंद्रीय बजट जारी होने वाला है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 9वीं बार इस बजट को पेश करेंगी। हर किसी को इंतजार है अपने फायदे की खबर का...सब कोई जानना चाहते हैं कि इस बार केंद्रीय बजट में उनके लिए सरकार क्या खास लेकर आ रही है। लेकिन केंद्रीय बजट के कुछ ऐसे टर्म हैं जिनको जानना बेहद जरूरी है। अगर आप इन टर्म का मतलब जाने बिना बजट भाषण को सुनेंगे तो कोई फायदा नहीं होगा क्योंकि आपको निर्मला सीतारमण की बातें समझ ही नहीं आएंगी। आज का ये आर्टिकल केंद्रीय बजट को समझने के लिए बेहद ही जरूरी है। बता दें कि केंद्रीय बजट देश की आगामी वित्त वर्ष का ब्लू प्रिंट है जहां विभिन्न सेंक्टरों में होने वाले खर्चे, सरकारी नीतियों और टैक्स का लेखा-जोखा का समावेशन होता है। ये सरकार की राजस्व (कमाई) और वित्तीय खर्चों का लेखा-जोखा रखता है। लेकिन कभी-कभी बजट भाषण सुनने के बाद आम जनता को कई पहलू समझ में नहीं आती। ऐसे में जरूरी है कि इस आर्टिकल में बताए गए कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं को आज समझ लें ताकि कल केंद्रीय बजट का अर्थ और असर दोनों को आसानी से समझ पाएं।
1. Economic Survey यानी आर्थिक सर्वेक्षण
बजट पेश होने से पहले Economic Survey पेश किया जाता है। ये दस्तावेज देश की मौजूदा आर्थिक स्थिति, विकास दर, चुनौतियां और भविष्य की संभावनाओं के बारे में विस्तार से बताता है। Economic Survey को आज केंद्रीय बजट की नींव माना जाता है।
2. राजकोषीय घाटा (Fiscal Deficit)
इसे आसान शब्दों में समझाने का प्रयास करते हैं। दरअसल, सरकार कितना खर्च करती है और कितना कमाती है...उसके बीच का फर्क राजकोषीय घाटा यानी Fiscal Deficit कहलाता है। Fiscal Deficit में यदि खर्च ज्यादा है और कमाई कम तो ये घाटा कहलाता है। लेकिन वहीं Fiscal Deficit में खर्च कम है और कमाई ज्यादा तो ये लाभ कहलाता है। Fiscal Deficit से देश की आर्थिक योजना और लोन लेने की जरूरतें प्रभावित होती हैं।
3. सरकार की कर नीति यानी Tax Policy
केंद्रीय बजट में सबसे ज्यादा चर्चा इनकम टैक्स, गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) और अन्य टैक्सों में बदलाव पर होती है। Tax Policy का सीधा असर आम आदमी और कारोबार पर पड़ता है इसलिए इस शब्द के मतलब को समझना बेहद जरूरी हो जाता है।
4. वित्त बिल यानी Finance Bill
वित्त बिल केंद्रीय बजट के साथ ही संसद में पेश होता है। ये एक ऐसा कानून है जिसे पारित करके सरकार टैक्स से जुड़े प्रस्ताव लागू कराती है। अगर संसद द्वारा इसे मंजूरी मिल जाती है तभी टैक्स में बदलाव लागू होंगे।
5. आय और व्यय यानी Receipts and Expenditure
केंद्रीय बजट मूल रूप से 2 हिस्सों में बंटा होता है। सरकार को कहां से इनकम होगी और वो इसे कहां खर्च करेगी। इन दोनों का संतुलन देश को फाइनेशियल स्टेबल रखता है।
6. नया टैक्स स्लैब (New Tax Slab)
केंद्रीय बजट में टैक्स की दरों में बदलाव हो सकता है। जैसे- पिछले बजट में घोषणा की गई कि 12 लाख तक की आय पर टैक्स नहीं लगेगा, जिससे मध्यम वर्ग को राहत मिलेगी। इसे ही नया टैक्स स्लैब कहा जाता है।
7. बजट भाषण (Budget Speech)

Image Credit: Canva
कल यानी 1 फरवरी 2026 को सदन में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपने भाषण में बजट की सभी महत्वपूर्ण बिंदु विस्तार से समझाएंगी। इसमें नई योजनाओं, खर्चों, टैक्स में बदलाव और विकास नीतियों का उल्लेख किया जाता है। इसे ही बजट भाषण (Budget Speech) कहते हैं।
8. डिमांड फॉर ग्रांट्स (Demand for Grants)
केंद्रीय बजट में अलग-अलद विभागों और मंत्रालयों को राशि आवंटित किए जाते हैं। इसी प्रस्ताव को डिमांड फॉर ग्रांट्स (Demand for Grants) कहा जाता है। इसका मतलब है कि बजट में किस सेक्टर को कितनी रकम किस काम के लिए दी जआगी...उसका लेखा-जोखा।
9. विकास दर (Growth Rate)
केंद्रीय बजट में एक बड़ी चर्चा विकास दर को लेकर भी होती है। ये बताती है कि हमारे देश की अर्थव्यवस्था कितनी तेजी से बढ़ रही है। बता दें कि अगर विकास दर अच्छी है, तो निवेश बढ़ता है और रोजगार के अवसर बढ़ते हैं।
10. राजकोषीय नीति (Fiscal Policy)
केंद्रीय बजट के माध्यम से सरकार ये तय करती है कि आगामी वित्त वर्ष में सरकार कहां कितना खर्च करने वाली है और इस दौरानटैक्स किस तरह से सरकार की प्राथमिकता को पूरा करेगा।
देश के लिए केंद्रीय बजट क्यों है जरूरी
हर वित्तीय वर्ष केंद्रीयबजट जारी किया जाता है। ये आगामी देश की अर्थव्यवस्था का दिशा-निर्देश तय करता है। ये तय करता है कि सरकार किस क्षेत्र में अधिक खर्च करेगी। जैसे- स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, इंफ्रास्ट्रक्चर या रोजगार। इसके अलावा आमदनी और खर्च के आधार पर करों में बदलाव से सीधे मिडिस क्लास, किसान, युवा और व्यापारियों के लिए राहत या नए अवसर बनते हैं।
अब इन शब्दों का मतलब समझने के बाद आप कल आने वाले केंद्रीय बजट को आसानी से समझ सकेंगे। बजट का असली मकसद और सरकार के योजनाओं का असर आपके सामने स्पष्ट हो पाएगा। याद रखें, केंद्रीयबजट सिर्फ सरकारी दस्तावेज नहीं बल्कि देश की अर्थव्यवस्था की नींव होती है। साथ ही साथये बजट देश की आर्थिक योजना, आम आदमी की जेब तक पहुंचने वाला प्रभाव और विकास की दिशा का निर्धारक होती है। ऐसे में इस बार जब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में बजट पेश करेंगी तो इन शब्दों के अर्थ आपके लिए बजट के निर्णयों को समझने में आसानी प्रदान करेगा।









