LPG Crisis: ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच छिड़ी जंग की आग अब भारत के घर-घर तक पहुंच चुकी है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने के बाद वैश्विक तेल और गैस की सप्लाई चेन बुरी तरह टूट गई है और इसका सबसे बड़ा असर भारत में LPG यानी रसोई गैस की भारी किल्लत के रूप में सामने आया है। देश के तमाम बड़े शहरों में गैस सिलिंडर के लिए लंबी-लंबी लाइनें लग रही हैं, होटल बंद हो रहे हैं और कुछ जगहों पर तो हालत इतनी खराब हो गई है कि श्मशान घाट तक चलाना मुश्किल हो गया है। इस गंभीर और बेकाबू होते संकट को देखते हुए केंद्र सरकार ने एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। सरकार ने पूरे देश में आवश्यक वस्तु अधिनियम यानी Essential Commodities Act 1955 यानी ECA तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया है। इस कानून के लागू होने के बाद जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों पर सात साल तक की जेल हो सकती है।

 

यह फैसला इसलिए भी बेहद अहम है क्योंकि भारत अपनी एनर्जी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात से पूरा करता है। ईरान दुनिया के सबसे बड़े तेल उत्पादक देशों में से एक है और जब से वहां जंग शुरू हुई है तब से वैश्विक ईंधन बाजार में भारी उथल-पुथल मची हुई है। भारत पर इसका असर तेजी से बढ़ रहा है और सरकार को मजबूरन यह कठोर कदम उठाना पड़ा।

 

देशभर में LPG का भीषण संकट

 

Essential Commodities Act लागू करने की नौबत यूं ही नहीं आई। देश के हर कोने से आ रही खबरें बता रही थीं कि हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं। बेंगलुरु में सैकड़ों होटल और रेस्टोरेंट कमर्शियल LPG न मिलने की वजह से बंद हो गए। देश की आईटी राजधानी में जहां रोज लाखों लोग बाहर खाना खाते हैं वहां खाने-पीने की जगहें बंद होना एक बड़े संकट की निशानी है।

 

पुणे से तो सबसे दर्दनाक खबर आई जहां गैस न मिलने की वजह से श्मशान घाट की गैस आधारित भट्टियां बंद होने की नौबत आ गई। अंतिम संस्कार जैसे संवेदनशील काम भी प्रभावित होने लगे जो बताता है कि संकट किस हद तक पहुंच चुका है। झारखंड, रांची और बिहार सहित कई राज्यों से गैस सिलिंडर के लिए घंटों लाइन में खड़े रहने की खबरें सामने आ रही हैं। यह तस्वीर देखकर केंद्र सरकार को लगा कि अब और इंतजार करना ठीक नहीं है और तुरंत सख्त कदम उठाना जरूरी है।

 

क्या है आवश्यक वस्तु अधिनियम और इसके लागू होने से क्या बदलेगा

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आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 एक बेहद पुराना और मजबूत केंद्रीय कानून है जो देश में जरूरी चीजों के उत्पादन, सप्लाई और वितरण को कंट्रोल करने का पूरा अधिकार सरकार को देता है। इस कानून का सबसे बड़ा मोटिव यह है कि जब किसी जरूरी चीज की कमी हो तो जमाखोर और कालाबाजारी करने वाले उसका फायदा न उठा सकें और आम आदमी को सही दाम पर जरूरी सामान मिलता रहे।

 

ECA लागू होते ही सरकार को यह अधिकार मिल जाता है कि वो किसी भी वस्तु के स्टॉक की अधिकतम सीमा तय कर देती है। यानी कोई भी डीलर, एजेंसी या कंपनी एक तय मात्रा से ज्यादा LPG स्टॉक नहीं कर सकती। इसके अलावा सरकार उत्पादन, ट्रांसपोर्ट और वितरण पर भी सीधा कंट्रोल लगा सकती है। अगर कोई इस कानून की अनदेखी करे तो उस पर कड़ी कार्रवाई होगी।

 

जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों के लिए Essential Commodities Act में बहुत सख्त सजा का प्रावधान है। इस कानून का उल्लंघन करने वाले को तीन महीने से लेकर सात साल तक की जेल हो सकती है। इसके साथ जुर्माना भी लगाया जा सकता है या दोनों सजाएं यानी जेल और जुर्माना एक साथ भी दी जा सकती हैं। खाने-पीने की जरूरी चीजों से जुड़े मामलों में कम से कम तीन महीने की जेल अनिवार्य है। यानी अगर कोई LPG की जमाखोरी करता पकड़ा गया तो उसे जेल जाना ही पड़ेगा।

 

रिफाइनरियों को मिले सख्त आदेश, अब सारी गैस सिर्फ LPG बनाने में लगेगी

 

 

आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू करने के साथ-साथ केंद्र सरकार ने गजट नोटिफिकेशन के जरिए देश की सभी रिफाइनरियों और पेट्रोकेमिकल प्लांट्स को भी एक बेहद अहम आदेश दिया है। सरकारी गजट में साफ-साफ कहा गया है कि LPG भारत में खाना पकाने के लिए सबसे जरूरी ईंधन है और इसकी लगातार उपलब्धता सुनिश्चित करना सरकार की पहली प्राथमिकता है।

 

इसलिए अब देश की सभी रिफाइनरियां और पेट्रोकेमिकल प्लांट जो गैस का इस्तेमाल पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट्स बनाने में या दूसरे इंडस्ट्रियल कामों में करती थीं वो अब नहीं कर सकेंगी। इन प्लांट्स में जो भी गैस उपलब्ध होगी उसे सीधे LPG बनाने में लगाया जाएगा। इस आदेश से देश में LPG का उत्पादन तेजी से बढ़ेगा और घरेलू उपभोक्ताओं तक गैस की सप्लाई बेहतर होगी।

 

सरकार ने आम जनता से भी अपील की है कि घबराकर एक साथ ज्यादा गैस सिलिंडर न खरीदें। जब लोग डर से एक साथ ज्यादा स्टॉक करने लगते हैं तो एक कृत्रिम यानी बनावटी किल्लत पैदा हो जाती है जो असली समस्या से भी ज्यादा नुकसान करती है। सरकार का कहना है कि Essential Commodities Act और रिफाइनरियों को दिए गए नए आदेशों से आने वाले दिनों में LPG की उपलब्धता में सुधार होगा और हालात जल्द सामान्य होंगे।