इस साल की भीषण गर्मी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। कई शहरों में तापमान 45 से 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। ऐसे में एयर कंडीशनर यानी AC अब लग्जरी नहीं बल्कि जरूरत बन चुका है। लेकिन इसी बीच देश के अलग-अलग हिस्सों से AC में आग लगने और ब्लास्ट जैसी घटनाओं की खबरें भी लगातार सामने आ रही हैं। इन घटनाओं ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
कई लोग यह सोच रहे हैं कि आखिर अचानक AC ब्लास्ट के मामले इतने ज्यादा क्यों बढ़ने लगे हैं। क्या AC पहले से ज्यादा खतरनाक हो गए हैं या फिर इसके पीछे हमारी कुछ गलतियां जिम्मेदार हैं? विशेषज्ञों का मानना है कि ज्यादातर मामलों में AC खुद नहीं फटता, बल्कि खराब मेंटेनेंस, वायरिंग की समस्या, गैस लीकेज और अत्यधिक दबाव जैसी वजहें हादसे का कारण बनती हैं।
भीषण गर्मी ने बढ़ाया AC पर दबाव
इस साल गर्मी ने कई रिकॉर्ड तोड़े हैं। ऐसे में घरों, दफ्तरों और दुकानों में AC लगभग पूरे दिन चल रहे हैं। लगातार लंबे समय तक चलने की वजह से कंप्रेसर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब तापमान बहुत ज्यादा होता है तो AC को कमरे को ठंडा रखने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है। इससे मशीन के कई हिस्से जरूरत से ज्यादा गर्म हो सकते हैं। अगर समय पर देखभाल न हो तो ओवरहीटिंग आग या विस्फोट जैसी स्थिति पैदा कर सकती है।
पहली गलती – AC को लगातार 24 घंटे चलाना
बहुत से लोग गर्मी के दिनों में AC को लगभग लगातार चलाते रहते हैं। उन्हें लगता है कि मशीन इसी काम के लिए बनी है। लेकिन हर मशीन की एक सीमा होती है।
जब AC बिना रुके लंबे समय तक चलता है तो कंप्रेसर और मोटर पर काफी दबाव पड़ता है। लगातार गर्म होने की वजह से अंदर के हिस्से प्रभावित हो सकते हैं। विशेषज्ञ समय-समय पर AC को आराम देने की सलाह देते हैं ताकि मशीन का तापमान नियंत्रित रहे।
दूसरी गलती – खराब वायरिंग को नजरअंदाज करना
कई मामलों में हादसे की असली वजह AC नहीं बल्कि घर की वायरिंग होती है। पुरानी तारें, ढीले कनेक्शन, ओवरलोड सॉकेट और खराब अर्थिंग बड़े खतरे पैदा कर सकते हैं। अगर बिजली की लाइन में स्पार्किंग होती है तो वह AC के आसपास आग लगने की वजह बन सकती है। कई जांचों में पाया गया है कि इलेक्ट्रिकल फॉल्ट ऐसे हादसों का प्रमुख कारण होते हैं।
तीसरी गलती – गैस लीकेज को हल्के में लेना
अगर AC की कूलिंग अचानक कम हो जाए, अजीब सी आवाज आने लगे या पाइप पर बर्फ जमने लगे तो इसे सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। एक्सपर्ट्स के अनुसार गैस लीकेज बेहद खतरनाक हो सकता है। अगर लीक हुई गैस किसी स्पार्क के संपर्क में आ जाए तो आग लगने या विस्फोट जैसी स्थिति बन सकती है। आधुनिक AC में इस्तेमाल होने वाले कुछ रेफ्रिजरेंट हल्के ज्वलनशील भी होते हैं, इसलिए सावधानी और जरूरी हो जाती है।
चौथी गलती – समय पर सर्विस न करवाना
कई लोग AC खरीदने के बाद सालों तक उसकी ठीक से सर्विस नहीं करवाते। धीरे-धीरे फिल्टर गंदे हो जाते हैं, आउटडोर यूनिट में धूल जमा हो जाती है और मशीन की कार्यक्षमता कम होने लगती है।
गंदगी की वजह से एयरफ्लो रुकता है और मशीन जरूरत से ज्यादा गर्म होने लगती है। यही ओवरहीटिंग आगे चलकर बड़ी समस्या का कारण बन सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि नियमित सर्विसिंग सिर्फ सुविधा नहीं बल्कि सुरक्षा के लिए भी जरूरी है।
पांचवीं गलती – वोल्टेज फ्लक्चुएशन को नजरअंदाज करना
गर्मी के मौसम में बिजली की मांग बहुत बढ़ जाती है। इसी वजह से कई इलाकों में वोल्टेज ऊपर-नीचे होता रहता है। बार-बार होने वाला वोल्टेज फ्लक्चुएशन AC के इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स और कंप्रेसर को नुकसान पहुंचा सकता है। अगर उचित सुरक्षा व्यवस्था न हो तो शॉर्ट सर्किट का खतरा बढ़ जाता है। यही कारण है कि कई विशेषज्ञ स्टेबलाइजर या उचित सुरक्षा उपकरणों के इस्तेमाल की सलाह देते हैं।
छठी गलती – पुराने AC का इस्तेमाल जारी रखना
अगर आपका AC 8 से 10 साल पुराना हो चुका है तो उसकी नियमित जांच बेहद जरूरी हो जाती है। समय के साथ वायरिंग कमजोर हो सकती है, कंप्रेसर की क्षमता घट सकती है और कई हिस्सों में घिसाव आ सकता है।पुरानी मशीनों में गैस लीकेज और इलेक्ट्रिकल फॉल्ट का खतरा भी बढ़ जाता है। इसलिए विशेषज्ञ पुराने AC की समय-समय पर जांच कराने और जरूरत पड़ने पर उसे बदलने की सलाह देते हैं।
इन संकेतों को कभी नजरअंदाज न करें
AC अचानक ब्लास्ट नहीं करता। अक्सर वह पहले कुछ संकेत देता है। जैसे जलने की गंध आना, बार-बार ट्रिप होना, कम कूलिंग होना, असामान्य आवाजें आना, धुआं निकलना या स्विच बोर्ड के पास स्पार्किंग होना। अगर इनमें से कोई भी संकेत दिखाई दे तो तुरंत AC बंद कर देना चाहिए और किसी योग्य तकनीशियन से जांच करवानी चाहिए। छोटी लापरवाही बड़ी दुर्घटना में बदल सकती है।
परिवार की सुरक्षा के लिए क्या करें?
विशेषज्ञों का कहना है कि साल में कम से कम एक या दो बार AC की सर्विस जरूर करवानी चाहिए। वायरिंग की जांच करानी चाहिए और सस्ते या अनट्रेंड तकनीशियनों से मरम्मत कराने से बचना चाहिए। इसके अलावा फिल्टर नियमित रूप से साफ करना, आउटडोर यूनिट के आसपास पर्याप्त वेंटिलेशन रखना और किसी भी असामान्य संकेत को गंभीरता से लेना जरूरी है। कई लोगों ने हालिया घटनाओं के बाद घर में छोटे फायर एक्सटिंग्विशर भी रखना शुरू कर दिया है।
हमारी राय
AC ब्लास्ट की बढ़ती घटनाओं के पीछे सिर्फ भीषण गर्मी जिम्मेदार नहीं है, बल्कि हमारी लापरवाहियां भी बड़ी वजह हैं। लगातार AC चलाना, सर्विसिंग टालना, खराब वायरिंग को नजरअंदाज करना और पुराने उपकरणों का इस्तेमाल जारी रखना जोखिम को कई गुना बढ़ा देता है। AC आज जरूरत है, लेकिन सुरक्षा उससे भी बड़ी जरूरत है। थोड़ी सी सावधानी और समय पर रखरखाव न सिर्फ आपके महंगे उपकरण को सुरक्षित रख सकता है, बल्कि आपके परिवार की जान भी बचा सकता है।









