जब भी कोई नया स्मार्टफोन घर आता है, तो सबसे ज्यादा ध्यान फोन, कैमरा और उसके फीचर्स पर जाता है। कुछ लोग तो फोन की पैकिंग खोलते ही पुराने बॉक्स को अलमारी के किसी कोने में रख देते हैं, जबकि कई लोग कुछ दिनों बाद उसे बेकार समझकर फेंक भी देते हैं। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि स्मार्टफोन का बॉक्स बाद में कई बड़े काम आ सकता है।
आज के समय में स्मार्टफोन सिर्फ कॉल करने का साधन नहीं रह गया है। इसमें हमारी फोटो, बैंकिंग ऐप्स, निजी डेटा और कई जरूरी दस्तावेज मौजूद रहते हैं। ऐसे में फोन से जुड़ी हर चीज की अहमियत बढ़ जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि स्मार्टफोन का ओरिजिनल बॉक्स कई सिचुएशन्स में आपकी बड़ी मदद कर सकता है।
फोन की असली पहचान साबित करता है बॉक्स
हर स्मार्टफोन बॉक्स पर IMEI नंबर, सीरियल नंबर और मॉडल डिटेल लिखी होती है। यही जानकारी फोन की पहचान मानी जाती है। अगर कभी फोन चोरी हो जाए या खो जाए, तो पुलिस शिकायत और ट्रैकिंग के दौरान यह जानकारी काफी काम आती है। कई बार लोग फोन का बिल संभालकर रखते हैं, लेकिन बॉक्स फेंक देते हैं। जबकि जरूरत पड़ने पर बॉक्स पर मौजूद डिटेल्स भी महत्वपूर्ण सबूत बन सकती हैं।एक्सपर्ट्स के मुताबिक सेकेंड हैंड फोन खरीदते समय भी लोग अक्सर बॉक्स मांगते हैं ताकि यह पता चल सके कि फोन असली है या नहीं।
वारंटी और सर्विस में भी होता है फायदा
हालांकि आजकल ज्यादातर कंपनियां डिजिटल वारंटी देती हैं, लेकिन कई सर्विस सेंटर अब भी बॉक्स या उस पर मौजूद जानकारी मांग सकते हैं। अगर फोन में कोई तकनीकी खराबी आ जाए, तो बॉक्स पर लिखे मॉडल नंबर और प्रोडक्ट कोड की मदद से सही जानकारी देना आसान हो जाता है। कुछ मामलों में एक्सेसरी बदलवाने या रिप्लेसमेंट के दौरान भी बॉक्स उपयोगी साबित हो सकता है।
फोन बेचने पर बढ़ जाती है कीमत
अगर आप भविष्य में अपना फोन बेचने का सोचते हैं, तो ओरिजिनल बॉक्स आपके लिए फायदे का सौदा साबित हो सकता है। सेकेंड हैंड मार्केट में बॉक्स वाले फोन को ज्यादा भरोसेमंद माना जाता है। कई ग्राहक बॉक्स और बिल वाले फोन के लिए ज्यादा कीमत देने को तैयार हो जाते हैं क्योंकि इससे फोन के चोरी या नकली होने की आशंका कम हो जाती है। यही वजह है कि ऑनलाइन रीसेल प्लेटफॉर्म पर भी 'box available' लिखे फोन ज्यादा जल्दी बिकते हैं।
सिर्फ पैकिंग नहीं, सुरक्षा भी देता है बॉक्स
बहुत से लोग पुराने फोन को संभालकर रखते हैं। ऐसे में उसका ओरिजिनल बॉक्स सबसे सुरक्षित स्टोरेज माना जाता है। अगर फोन कुछ समय इस्तेमाल नहीं करना हो या कहीं शिफ्ट करना हो, तो बॉक्स उसे धूल, नमी और टूट-फूट से बचाने में मदद करता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स को उनके ओरिजिनल पैकेजिंग में रखना हमेशा सुरक्षित माना जाता है।
कई बार एक्सेसरी रखने में भी आता है काम
स्मार्टफोन बॉक्स में छोटे-छोटे कंपार्टमेंट बने होते हैं, जिनमें चार्जर, केबल, सिम इजेक्टर और ईयरफोन जैसे सामान आसानी से रखे जा सकते हैं। कई लोग बाद में यही छोटी एक्सेसरी ढूंढते रहते हैं, लेकिन अगर बॉक्स सुरक्षित रखा हो तो सबकुछ व्यवस्थित रहता है। आजकल महंगे चार्जर और केबल अलग से खरीदने पड़ते हैं, इसलिए उन्हें संभालकर रखना भी जरूरी हो गया है।
नकली फोन पहचानने में मदद
आज बाजार में नकली स्मार्टफोन और डुप्लीकेट एक्सेसरी का खतरा बढ़ता जा रहा है। ऐसे में ओरिजिनल बॉक्स असली और नकली प्रोडक्ट में फर्क समझने में मदद करता है। कई कंपनियां QR कोड, बारकोड और यूनिक सीरियल नंबर देती हैं, जिन्हें वेबसाइट पर जाकर वेरिफाई किया जा सकता है। अगर आपके पास बॉक्स मौजूद हो, तो भविष्य में किसी भी तरह की जांच आसान हो जाती है।
लोग क्यों फेंक देते हैं बॉक्स?
एक्सपर्ट्स का कहना है कि ज्यादातर लोग जगह बचाने के लिए स्मार्टफोन बॉक्स फेंक देते हैं। छोटे घरों और फ्लैट्स में अतिरिक्त सामान रखने की समस्या आम है। कुछ लोगों को लगता है कि बॉक्स सिर्फ पैकिंग का हिस्सा है और बाद में उसका कोई उपयोग नहीं रहेगा। लेकिन जरूरत पड़ने पर यही बॉक्स महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
बढ़ रही है सेकेंड हैंड फोन मार्केट
भारत में सेकेंड हैंड और रिफर्बिश्ड स्मार्टफोन का बाजार तेजी से बढ़ रहा है। महंगे फ्लैगशिप फोन की कीमत ज्यादा होने के कारण अब कई लोग इस्तेमाल किए हुए फोन खरीदना पसंद कर रहे हैं। ऐसे में बॉक्स और बिल वाले फोन की मांग और भी ज्यादा बढ़ गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि बॉक्स होने से ग्राहक का भरोसा बढ़ता है।
क्या हर बॉक्स संभालकर रखना जरूरी है?
हर इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का बॉक्स लंबे समय तक रखना हर किसी के लिए आसान नहीं होता। लेकिन विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि कम से कम महंगे स्मार्टफोन, लैपटॉप और गैजेट्स का बॉक्स जरूर संभालकर रखना चाहिए। खासकर उन डिवाइसेज का, जिनकी कीमत ज्यादा हो या जिन्हें भविष्य में बेचा जा सकता हो।
पर्यावरण के लिहाज से भी अहम
कुछ लोग बॉक्स फेंक देते हैं, जिससे काफी पैकेजिंग वेस्ट पैदा होता है। जबकि कई कंपनियां अब रिसाइक्लेबल पैकेजिंग पर जोर दे रही हैं। अगर बॉक्स की जरूरत न हो, तो उसे रिसाइक्लिंग में देना बेहतर माना जाता है। इससे पर्यावरण पर बोझ कम पड़ता है।
डिजिटल दौर में भी क्यों जरूरी है बॉक्स?
आज सबकुछ डिजिटल हो गया है। बिल ईमेल पर आते हैं और वारंटी ऑनलाइन रजिस्टर होती है। लेकिन इसके बावजूद फिजिकल बॉक्स की अहमियत खत्म नहीं हुई है। तकनीकी खराबी, पुलिस शिकायत, फोन बेचने या असली पहचान साबित करने जैसे कई मामलों में बॉक्स अब भी उपयोगी होता है।
छोटी-सी चीज, लेकिन बड़ा काम
अक्सर लोग नई चीज खरीदते समय उसकी पैकेजिंग को महत्व नहीं देते। लेकिन स्मार्टफोन बॉक्स सिर्फ एक खाली डिब्बा नहीं होता। उसमें फोन की पहचान, तकनीकी जानकारी और कई जरूरी चीजें छिपी होती हैं। यही कारण है कि टेक एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि नया फोन खरीदने के बाद उसका बॉक्स कम से कम कुछ साल तक संभालकर जरूर रखना चाहिए। क्योंकि कई बार छोटी-सी दिखने वाली चीज बाद में बड़ी राहत दे सकती है।









